काशी में मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने का आरोप, पाल समाज का विरोध

वाराणसी : मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर के निर्माण के क्रम में कुछ दिन पूर्व बुलडोजर से मूर्ति और मंदिर तोड़े जाने पर मंगलवार को पाल समाज आक्रोशित दिखाई पडा. दोपहर में समिति के महेंद्र पाल अपने साथियों के साथ घाट पहुंचे और अहिल्या बाई की मूर्ति तोड़े जाने का विरोध करने लगे. मौके पर भीड़ एकत्र होने लगी जिसकी सूचना पुलिस प्रशासन को भी दी गई. जानकारी होने के बाद मौके पर एडीएम समेत एसीपी मय फोर्स पहुंचे और लोगों कों वहां से बाहर किया गया.

इस पर पाल समाज के अध्यक्ष महेंद्र पाल पिंटू ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर धरोहर कों हटाया जा रहा है जो गलत है. घाट के चच्छन गुरू ने कहा कि विकास के नाम पर घाट का अस्तित्व खत्म किया जा रहा है. मणिकर्णिका घाट पर चल रहे निर्माण कार्य का वीडियो वायरल होने के बाद से ही क्षेत्र में विकास कार्य के नाम पर मंदिर और मूर्ति तोड़ने की चर्चा खूब हो रही है. इसी क्रम में मंगलवार को पाल समाज की ओर से आक्रोश दर्ज कराते हुए मंदिर और मूर्ति तोड़े जाने का विरोध जताया गया. कहा गया कि विकास के नाम पर काशी की प्राचीनता को नष्ट करना कतई उचित नहीं है.

मंदिर और मूर्तियां तोड़े जाने का वीडियो वायरल होने के बाद मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्यों का विरोध अब शुरू हो गया है. मंदिर टूटने का कथित वीडियो चलने के बाद विरोध होने लगा है. घाट के पास रहने वाले कुछ लोगों ने रोजी रोटी छीनने का भी आरोप लगाया है; मणिकर्णिका घाट पर चल रहा सुंदरीकरण अब चर्चा में आ गया है. घाट पुरोहितों ने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट सहित शिवलिंग और रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ी गई है. विकास कार्यों की जद में मूर्तियां और मंदिर तोड़ना कहीं से भी उचित नहीं है.

मणिकर्णिका घाट पर निर्माण इन दिनों जोरों पर है. पगला बाबा के नाम से वायरल हो रहे वीडियाे में मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर लगाकर पुराने मंदिर तोड़ने को लेकर अब शहर भर में वीडियो चर्चा में आ गया है. अब कारीडोर के नाम पर टूटा मंदिर और टूटी मूर्तियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि विकास की राह में पुरातन मंदिरों को अपने स्थान से हटना ही होगा.

वायरल हो रहे वीडियो में शिव मंदिर, गंगा का मंदिर टूटा हुआ नजर आ रहा हे. पगला बाबा आरोप लगा रहे हैं कि काम करने वाले हिंदू, ठेकेदार हैं वह भी हिंदू हैं. मंदिरों को कैसे तोड़ा जा रहा है. अघोर मान्यता वाला काली माता का मंदिर भी कार्रवाई की जद में आया है. तारकेश्वर महादेव मंदिर के पास का काफी हिस्सा तोड़फोड़ की जद में आया है. पगला बाबा वीडियो में आगे कहते हैं कि धर्म की नगरी में धर्म ही धंधा.
दरअसल, मणिकर्णिका घाट पर शनिवार को दोपहर में अचानक बुलडोजर से जलासेन घाट से लेकर सिंधिया घाट तक गंगा किनारे स्थाई और अस्थाई निर्माण की सफाई की गई. इस दौरान कई छोटे मंदिर भी ध्वस्त कर दिए गए. भारी मशीनों से मणिकर्णिका घाट पर कॉरिडोर बनाने के लिए कार्रवाई शुरू हुई तो अचानक चौंक भी गए. प्रशासन के अनुसार इस क्षेत्र को विकसित करने के क्रम में यह कार्रवाई की जा रही है.
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विकास योजना में शामिल विशेषताएं
दो सामुदायिक शौचालय और हरित क्षेत्र
भूतल का कुल क्षेत्रफल: 29,350 वर्ग फीट
दाह संस्कार क्षेत्र: 12,250 वर्ग फीट
प्रथम तल का कुल क्षेत्रफल: 20,200 वर्ग फीट
घाट पर 32 शव प्लेटफॉर्म और प्रदूषण रहित चिमनी
बड़े पैमाने पर पर्यटकों के लिए विजिटर मार्ग
भूतल पर पंजीकरण कक्ष, लकड़ी भंडारण क्षेत्र, सामुदायिक प्रतीक्षा कक्ष
आसपास के क्षेत्र का सुंदरीकरण और विकास
रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से होने वाले काम का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया
घाट के पुनर्विकास पर लगभग 18 करोड़ रुपये कोलकाता के रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से खर्च हो रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई, 2023 को महाश्मशान मणिकर्णिका पुनर्विकास का शिलान्यास किया था. इसमें चुनार के बलुआ पत्थरों और जयपुर के गुलाबी पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है.



