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काशी में मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने का आरोप, पाल समाज का विरोध

काशी में मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने का आरोप, पाल समाज का विरोध
Jan 13, 2026, 08:51 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर के न‍िर्माण के क्रम में कुछ दिन पूर्व बुलडोजर से मूर्ति और मंदिर तोड़े जाने पर मंगलवार को पाल समाज आक्रोश‍ित दिखाई पडा. दोपहर में समिति के महेंद्र पाल अपने साथियों के साथ घाट पहुंचे और अहिल्या बाई की मूर्ति तोड़े जाने का विरोध करने लगे. मौके पर भीड़ एकत्र होने लगी जिसकी सूचना पुलिस प्रशासन को भी दी गई. जानकारी होने के बाद मौके पर एडीएम समेत एसीपी मय फोर्स पहुंचे और लोगों कों वहां से बाहर क‍िया गया.


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इस पर पाल समाज के अध्यक्ष महेंद्र पाल पिंटू ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर धरोहर कों हटाया जा रहा है जो गलत है. घाट के चच्‍छन गुरू ने कहा क‍ि व‍िकास के नाम पर घाट का अस्तित्व खत्‍म क‍िया जा रहा है. मण‍िकर्णि‍का घाट पर चल रहे न‍िर्माण कार्य का वीड‍ियो वायरल होने के बाद से ही क्षेत्र में व‍िकास कार्य के नाम पर मंद‍िर और मूर्ति‍ तोड़ने की चर्चा खूब हो रही है. इसी क्रम में मंगलवार को पाल समाज की ओर से आक्रोश दर्ज कराते हुए मंद‍िर और मूर्त‍ि तोड़े जाने का व‍िरोध जताया गया. कहा गया क‍ि व‍िकास के नाम पर काशी की प्राचीनता को नष्‍ट करना कतई उच‍ित नहीं है.


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मंदि‍र और मूर्त‍ियां तोड़े जाने का वीड‍ियो वायरल होने के बाद मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्यों का विरोध अब शुरू हो गया है. मंदिर टूटने का कथित वीडियो चलने के बाद विरोध होने लगा है. घाट के पास रहने वाले कुछ लोगों ने रोजी रोटी छीनने का भी आरोप लगाया है; मणिकर्णिका घाट पर चल रहा सुंदरीकरण अब चर्चा में आ गया है. घाट पुरोहितों ने आरोप लगाया क‍ि मणिकर्णिका घाट सहित शिवलिंग और रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ी गई है. व‍िकास कार्यों की जद में मूर्त‍ियां और मंद‍िर तोड़ना कहीं से भी उच‍ित नहीं है.


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मण‍िकर्ण‍िका घाट पर नि‍र्माण इन द‍िनों जोरों पर है. पगला बाबा के नाम से वायरल हो रहे वीड‍ियाे में मण‍िकर्णि‍का घाट पर बुलडोजर लगाकर पुराने मंद‍िर तोड़ने को लेकर अब शहर भर में वीड‍ियो चर्चा में आ गया है. अब कारीडोर के नाम पर टूटा मंद‍िर और टूटी मूर्त‍ियां इस बात की गवाही दे रही हैं क‍ि व‍िकास की राह में पुरातन मंद‍िरों को अपने स्‍थान से हटना ही होगा.

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वायरल हो रहे वीड‍ियो में श‍ि‍व मंदि‍र, गंगा का मंदिर टूटा हुआ नजर आ रहा हे. पगला बाबा आरोप लगा रहे हैं क‍ि काम करने वाले हिंदू, ठेकेदार हैं वह भी हिंदू हैं. मंद‍िरों को कैसे तोड़ा जा रहा है. अघोर मान्‍यता वाला काली माता का मंदिर भी कार्रवाई की जद में आया है. तारकेश्वर महादेव मंद‍िर के पास का काफी ह‍िस्‍सा तोड़फोड़ की जद में आया है. पगला बाबा वीड‍ियो में आगे कहते हैं क‍ि धर्म की नगरी में धर्म ही धंधा.


दरअसल, मणिकर्णिका घाट पर शनिवार को दोपहर में अचानक बुलडोजर से जलासेन घाट से लेकर सिंधिया घाट तक गंगा क‍िनारे स्‍थाई और अस्‍थाई न‍िर्माण की सफाई की गई. इस दौरान कई छोटे मंदिर भी ध्वस्त कर दिए गए. भारी मशीनों से मणिकर्णिका घाट पर कॉरिडोर बनाने के लिए कार्रवाई शुरू हुई तो अचानक चौंक भी गए. प्रशासन के अनुसार इस क्षेत्र को विकसित करने के क्रम में यह कार्रवाई की जा रही है.


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विकास योजना में शामिल विशेषताएं


दो सामुदायिक शौचालय और हरित क्षेत्र

भूतल का कुल क्षेत्रफल: 29,350 वर्ग फीट

दाह संस्कार क्षेत्र: 12,250 वर्ग फीट

प्रथम तल का कुल क्षेत्रफल: 20,200 वर्ग फीट

घाट पर 32 शव प्लेटफॉर्म और प्रदूषण रहित चिमनी

बड़े पैमाने पर पर्यटकों के लिए विजिटर मार्ग

भूतल पर पंजीकरण कक्ष, लकड़ी भंडारण क्षेत्र, सामुदायिक प्रतीक्षा कक्ष

आसपास के क्षेत्र का सुंदरीकरण और विकास

रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से होने वाले काम का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया

घाट के पुनर्विकास पर लगभग 18 करोड़ रुपये कोलकाता के रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से खर्च हो रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई, 2023 को महाश्मशान मणिकर्णिका पुनर्विकास का शिलान्यास किया था. इसमें चुनार के बलुआ पत्थरों और जयपुर के गुलाबी पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।