कथित पत्रकार आया सामने, कहा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को फंसाने का बनाया जा रहा था दबाव

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी कथित पत्रकार रमाशंकर दीक्षित बीते सोमवार की देर शाम केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर की अर्जी देने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर गंभीर आरोप लगाया. रमाशंकर ने कहा कि आशुतोष ने फोन किया और दबाव बनाते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को फंसाने के लिए कहा. कहा कि आरोप लगाओ कि बद्रीनाथ में अविमुक्तेश्वरानंद ने बच्ची का यौन शोषण किया था. तुम्हारा आर्थिक सहयोग किया जाएगा.
हमने इन्कार कर दिया और कहा कि मेरे पिताजी दंडी संन्यासी थे इसलिए हमारी आत्मा गवाही नहीं दे रही है. इसपर आशुतोष ने धमकी देते हुए कहा कि अगर तुम हमारा साथ नहीं दोगे तो हमारे पास और रास्ते हैं. दीक्षित ने यह सारी बात स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सादे कागज पर लिखकर अपना हस्ताक्षर करके दी. इस बीच देर रात तक केदारघाट घाट स्थित श्रीविद्यामठ में गहमागहमी बनी रही. स्वामी अविमुक्तंश्वरानंद के अधिवक्ता मठ में डटे रहे.

गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए दायर हुई याचिका
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बच्चों से यौन शोषण के मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है. दरअसल, 21 फरवरी को केस दर्ज होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है. सोमवार को पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची. रात में टीम ने भेलूपुर थाने जाकर शंकराचार्य से जुड़ी जानकारी जुटाई. उनके करीबी लोगों के बारे में भी जानकारी ली. पुलिस आज शंकराचार्य से पूछताछ कर सकती है. जरूरत पड़ने पर उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है. ऐसे में माना जा रहा है कि इसी आशंका को देखते हुए शंकराचार्य ने एक वकील के जरिए हाईकोर्ट का रुख किया है.

आईपीएस पर लगाए गंभीर आरोप
इस बीच शंकराचार्य ने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया और अजय पाल शर्मा तथा आशुतोष महाराज की एक तस्वीर भी दिखाई. तस्वीर में अजय पाल शर्मा केक काटते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि आशुतोष महाराज उनके बगल में खड़े हैं. शंकराचार्य ने फोटो को जूम करते हुए कहा- इन्हें तो आप पहचानते होंगे. उन्होंने कहा- इनका नाम अजय पाल शर्मा है. इस समय यही वह अधिकारी हैं, जिनके अधीन यह जांच चल रही है.

एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस का बड़ा अफसर बर्थडे सेलिब्रेशन कर रहा है. मेरे खिलाफ सब कुछ साजिश के तहत किया गया है. शंकराचार्य ने कहा कि मेरे ऊपर लगे आरोपों की जांच यूपी पुलिस की जगह गैर भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए क्योंकि जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है. जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं. इसलिए जांच शुरू हो और जल्दी सच सामने आए. इससे झूठ बोलने वाले बेनकाब होंगे.



