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आरोप-प्रत्‍यारोप के बीच मसान की होली के विरोध में उतरे डोमराजा, कह दी ये बात...

आरोप-प्रत्‍यारोप के बीच मसान की होली के विरोध में उतरे डोमराजा, कह दी ये बात...
Feb 24, 2026, 08:49 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: मसाने की होली को लेकर विरोध और समर्थन, आरोप - प्रत्‍यारोप के बीच डोमाराजा भी मुखर हो गए हैं. भले ही इस परंपरा की नींव कुछ वर्ष पूर्व डाली गई लेकिन इस बार लग रहा है क‍ि यह आयोजन व‍िरोध की भेंट चढ़ जाएगा. वैसे तो काशी में मान्‍यता है क‍ि जीव को मसान की होली शिव बना देती है, लेक‍िन इन भावों के बीच काशी व‍िद्वत पर‍िषद के साथ ही अन्‍य संस्‍थाएं और खुद डोमराजा पर‍िवार भी व‍िरोध में सामने आ गए हैं.


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जीवन और मृत्यु को समान भाव से स्वीकार करने वाली मोक्ष की नगरी काशी में देवस्थान और महाश्मशान का महात्म्य एक समान माना जाता है. 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी है. इसके अगले दिन फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को मणिकर्णिका और श्‍मशान घाट पर पारंपरिक ‘मसान की होली’ खेली जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव भस्मांगरागाय महेश्वर रूप में अपने गणों के साथ चिता भस्म से फाग रचाते हैं. रवींद्रपुरी से बाकायदा शोभायात्रा निकाली जाती है. दोपहर के समय महाश्मशान में राग-रागिनियों के बीच भस्म की होली का अनोखा दृश्य देखने को मिलता है. इसमें काशी ही नहीं, देश-विदेश से आए श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं. भक्त अपने इष्ट के साथ भस्म की होली खेलकर स्वयं को शिवमय अनुभव करते हैं.


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चिता भस्म की होली का जाने रहस्य


पौराणिक कथा के अनुसार, विवाह के समय भगवान शिव अपने गणों को गौने की बरात में साथ नहीं ले गए थे. इससे गणों के मन में दुख पहुंचा. उसे दूर करने के लिए उन्होंने मणिकर्णिका धाट पर अपने गणों के साथ चिता भस्म की होली खेली. इसी परंपरा को मसाननाथ महादेव मंदिर के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने 2009 में प्रारंभ किया. तब से यह आयोजन हर वर्ष भव्य होता जा रहा है.


रकगह


आयोजन धार्मिक मान्‍यताओं के खिलाफ लगे रोक


इस वर्ष मसान की होली पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कुछ शास्त्रज्ञ इसे अशास्त्रीय मानते हैं, लेकिन काशीवासियों की आस्था और उत्साह ने मसान की होली को विश्वस्तरीय पहचान दिला दी है. डोमराजा परिवार ने भी इस परंपरा पर रोक लगाने की बात कही है, जिससे स्थानीय समुदाय में चिंता और विरोध के स्वर उठने लगे हैं.


रकगह


डोमराजा परिवार का कहना है कि यह आयोजन धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है और इसे रोकना चाहिए. दूसरी ओर, काशी के भक्त और श्रद्धालु इस परंपरा को अपने सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा मानते हैं. उनका मानना है कि मसान की होली न केवल शिव की आराधना का एक तरीका है, बल्कि यह जीवन और मृत्यु के चक्र को स्वीकार करने का भी प्रतीक है. इस विवाद ने काशी में मसान की होली के आयोजन को लेकर नई बहस छेड़ दी है. सवाल उठ रहा है कि क्या यह आयोजन अपनी परंपरा को बनाए रख पाएगा, या इसे रोकने की कोशिशें सफल होंगी, यह देखना रोचक होगा.

बंगाल में 142 सीटों पर संपन्न हुआ मतदान, फिर टूटेगा वोटिंग का रिकॉर्ड
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Voting concludes in 142 seats in Bengal, voting records may be broken againबंगाल विधानसभा यानि (विस) चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज सात जिलों की 142 सीटों के लिए सुबह से हो रही वोटिंग शाम 5 बजे तक समाप्त हो गया है. इस मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. बंगाल चुनाव में शाम पांच बजे तक हुए 142 सीटों पर 89.99% मतदान हुआ है, यहीं कारण है कि, दूसरे चरण में मतदान के सारे रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है.अधिकारी मनोज अग्रवाल ने डाला वोट दूसरे चरण के इस मतदान में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाला. कोलकाता के भवानीपुर से TMC उम्मीदवार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'CRPF इस तरह लोगों को परेशान नहीं कर सकती, यहां राज्य पुलिस नहीं है, इन्हें सीमा की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसकी जगह वे एक राजनीतिक दल की रक्षा कर रहे हैं. मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूं और इस बार इतना अत्याचार हो रहा है कि इन्होंने महिलाओं, बच्चों को मारा.राणाघाट, कल्याणी, आरमबाग़, घोघाट, कैनिंग, इन सभी जगहों पर इन्होंने एजेंट को बाहर कर दिया, इसलिए मैं ये पूछती हूं कि, क्या यही स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव है?'142 विधानसभा सीटों पर 78.68 प्रतिशत मतदानपश्चिम बंगाल में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान के दूसरे चरण में दोपहर 3 बजे तक 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, चुनाव आयोग ने यह जानकारी साझा की है. वही, भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि, चुनाव अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि राज्य में जहां भी चार से अधिक लोग इकट्ठा होंगे, वहां केंद्रीय बल उन्हें हटाने के लिए कार्रवाई कर सकते हैं और जिन लोगों ने मतदान कर लिया है, उन्हें घर लौटने को कहा गया है. वहीं, उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग हंगामा कर रहे थे, लेकिन अब माहौल बदल रहा है और लोग जागरूक होकर मतदान कर रहे हैं.सुवेंदु अधिकारी ने कहीं ये बड़़ी बात भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जब वे भवानिपुर के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे, तो कुछ लोगों ने 'जय बांग्ला' के नारे लगाए। उन्होंने दावा किया कि ये लोग बांग्लादेश मूल के मुस्लिम थे, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं थे, अधिकारी के अनुसार, उन्होंने करीब 15 मिनट तक उन्हें नारे लगाने दिया ताकि पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड हो सके. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस घटना के बाद करीब 10 हजार वोट उनके पक्ष में शिफ्ट हुए हैं, इससे पहले दिन में भवानिपुर के एक मतदान केंद्र पर उनके पहुंचने के दौरान नारेबाजी के कारण तनाव की स्थिति भी बन गई थी.Also Read: वाराणसी में कीनाराम अवतरण दिवस पर 55 जोड़ों का होगा सामूहिक विवाहजानें पहले चरण में कितनी हुई वोटिंगजानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें 62.18% मतदान दर्ज किया गया था. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण में दोपहर 1 बजे तक लगभग 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, इस बीच भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि कई जगहों पर करीब 85 प्रतिशत तक वोटिंग पूरी हो चुकी है और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, उन्होंने लोगों से अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इस बार भाजपा सरकार बनाने जा रही है और बंगाल ममता बनर्जी के हाथों से फिसल रहा है.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U
वाराणसी में कीनाराम अवतरण दिवस पर 55 जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह
वाराणसी में कीनाराम अवतरण दिवस पर 55 जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह
55 couples to have mass wedding on Kinaram Avtaran Diwas in Varanasiवाराणसी: अघोर परंपरा के प्रमुख केंद्र रविंद्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम स्थल पर एक बार फिर सामाजिक सरोकार का बड़ा आयोजन होने जा रहा है. अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान की ओर से 1 मई को पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के अवतरण दिवस के अवसर पर 55 जरूरतमंद नवयुवक-युवतियों का सामूहिक विवाह कराया जाएगा. यह आयोजन कीनाराम स्थल के की-कुण्ड परिसर में सम्पन्न होगा, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु भी उपस्थित रहते हैं.सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसतासंस्थान द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सेवा भाव का प्रतीक माना जाता है. संस्था लंबे समय से चिकित्सा, शिक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करती आ रही है, और इसी कड़ी में यह आयोजन जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आता है. प्रमुख व्यवस्थापक अरुण सिंह और कार्यक्रम संयोजिका रूबी सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सभी जोड़ों का विवाह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूरे विधि-विधान से कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत पूर्वाह्न 11 बजे से हल्दी की रस्म के साथ होगी, जो दोपहर 1 बजे तक चलेगी. इसके बाद रात्रि 8 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार प्रारंभ होंगे, जो मध्यरात्रि तक सम्पन्न होंगे. विवाह के उपरांत सभी नवविवाहित जोड़ों और उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है.Also Read: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में मंगला आरती की तत्‍काल बुकिंग, वेबसाइट पर शो होगा विकल्‍पइस अवसर पर पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम का आशीर्वाद नवदंपतियों को प्राप्त होगा, जो उनके वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए विशेष महत्व रखता है. आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. संस्था के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों द्वारा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि समाज में सहयोग, सेवा और एकजुटता का संदेश भी देगा.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में मंगला आरती की तत्‍काल बुकिंग, वेबसाइट पर शो होगा विकल्‍प
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में मंगला आरती की तत्‍काल बुकिंग, वेबसाइट पर शो होगा विकल्‍प
Like the railways, the Kashi Vishwanath Temple will now offer instant booking for Mangala Aarti; the option will be displayed on the website.वाराणसी: रलेवे की तरह अब काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की भी तत्काल टिकट बुकिंग होगी. तत्काल में मंगला आरती के 100 टिकट मिलेंगे. हर दिन सुबह 11 बजे से अगले दिन की मंगला आरती के तत्काल टिकट की बुकिंग होगी. तत्काल टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट कर दी गई है. अब वेबसाइट खोलने पर रेलवे बुकिंग की तरह ही तत्काल बुकिंग का भी विकल्प दिखेगा. भक्तों को जनरल और तत्काल दोनों टिकटों के लिए 500 रुपये का ही भुगतान करना होगा.जनरल और तत्काल मंगला आरती में बुकिंगजनरल और तत्काल मंगला आरती में इंट्री और सीटिंग का फर्क होगा. मंगला आरती के जनरल टिकट अगले 30 दिनों तक के किए जा सकेंगे. वहीं तत्काल मंगला आरती के लिए बुकिंग अगले दिन के लिए सुबह 11 बजे से शुरू होगी.Also Read: पूर्वांचल समेत वाराणसी में बदला मौसम का मिजाज, भयंकर बारिश के साथ गिरे ओलेजनरल मंगला आरती वाले भक्तों को प्रवेश गेट नंबर एक (ढुंढिराज राज गणेश) से दिया जाएगा जबकि बैठने की व्यवस्था दक्षिण एलईडी की तरफ होगी. जबकि तत्काल बुकिंग वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश गेट नंबर 4बी से होगा और बैठने की व्यवस्था उत्तर एलईडी की तरफ की जाती है. इस पहल से श्रद्धालुओं को सुविधा होगी और भीड से भी राहत मिलेगी.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U