बीएचयू में एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह शुरू, नुक्कड़ नाटक से दिया रैगिंग के खिलाफ संदेश

वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में बुधवार से एंटी-रैगिंग जागरूकता सप्ताह-2026 की शुरुआत हुई, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशों के तहत 12 से 18 अगस्त तक चलने वाले इस सप्ताह में छात्रों को रैगिंग के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी परिसर का संदेश दिया जा रहा है.
बीएचयू की एंटी-रैगिंग स्क्वाड और आयुर्विज्ञान संस्थान (आईएमएस)-बीएचयू की एंटी-रैगिंग स्क्वाड की ओर से संयुक्त रूप से सप्ताहभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें पेंटिंग और वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज, जागरूकता रैली, छात्रावासों और विभिन्न संकायों का भ्रमण समेत कई गतिविधियां शामिल हैं.

अभियान के शुभारंभ पर 12 अगस्त को आईएमएस-बीएचयू में नुक्कड़ नाटक/स्किट प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें आधुनिक चिकित्सा, दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, नर्सिंग और कला संकाय के छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए रैगिंग के खिलाफ प्रभावी संदेश देते हुए आपसी सम्मान, गरिमा, संवेदनशीलता और सौहार्द के महत्व को उजागर किया.
कार्यक्रम में प्रो. किरण, प्रो. आशुतोष पाठक, डॉ. धीरेंद्र, डॉ. ज्योति, डॉ. गणेश और डॉ. अभिषेक पाठक समेत शिक्षक और छात्र मौजूद रहे। स्किट प्रतियोगिता में डॉ. जेपी सिंह, डॉ. वैभव और डॉ. नीलिमा ने निर्णायक की भूमिका निभाई.
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यह जागरूकता सप्ताह प्रो. रंजन, अधिष्ठाता, छात्र अधिष्ठाता कार्यालय, बीएचयू और प्रो. संखवार, निदेशक, आईएमएस-बीएचयू के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है. अभियान का समन्वय प्रो. ललित मोहन अग्रवाल, अध्यक्ष, एंटी-रैगिंग स्क्वाड, बीएचयू तथा प्रो. सुनील कुमार राव, अध्यक्ष, एंटी-रैगिंग स्क्वाड, आईएमएस-बीएचयू कर रहे हैं.
अभियान का मुख्य संदेश है. “साथ खड़े हों, आवाज उठाएं, रैगिंग रोकें,” विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को 18 अगस्त को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पहल के जरिए परिसर में रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता की प्रतिबद्धता दोहराई है.



