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तेज प्रताप की मुसीबत बनी फिर अनुष्का यादव, अब क्या होगा JJD का...

तेज प्रताप की मुसीबत बनी फिर अनुष्का यादव, अब क्या होगा JJD का...
Feb 13, 2026, 08:53 AM
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Posted By Preeti Kumari

बिहार की सियासी गलियारों में इन दिनों फिर से लालू परिवार छा गया है. राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का पारिवारिक विवाद फिर से चर्चाओं का मुद्दा बन बैठा है. जन शक्ति जनता दल यानि (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय के बीच तलाक का मुद्दा अभी भी सुलझा नहीं, बल्कि ये और भी उलझता नजर आ रहा है. इस कानूनी लड़ाई के चलते अब राजद और जेजेडी ये दोनों ही पार्टी 24 फरवरी को पटना के फैमिली कोर्ट में एक-दूजे के आमने-सामने होंगी. इस मामले पर कोर्ट चाहता है कि इस रिश्ते को सुलझाने के लिए अगर थोड़ी सी भी कोई गुंजाइश नजर आती है तो बातचीत से मामले को समेटा जा सकता है. हालांकि, अब तलाक की ये कहानी में एक नए विवाद से जुड़ गई है, अनुष्का यादव और उनकी नई जन्मी बेटी उज्जैनी ने इस पूरे मामले को और भी उग्र कर दिया है.


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क्यों चिंता में तेज प्रताप यादव


दरअसल, जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या राय की शादी 12 मई 2018 में हुई थी, लेकिन शादी के कुछ महीने बीते नहीं कि दोनों के रिश्तों में दरार पड़ने की खबरें कई न्यूज चैनलों पर देखने को मिली. नवंबर 2018 में डिवोर्स पिटीशन फाइल की गई. तभी से लेकर आज तक यह केस आरोप-प्रत्यारोप के चलते कोर्ट का चक्कर लगा रहा है. यह पहली बार नहीं है जब कोर्ट ने दोनों को एक साथ लाने की कोशिश की है. इससे पहले भी इनके बीच हुए मीडिएशन फेल होता साबित हुआ है. इस केस विवादों का घर तब बन बैठा जब उनकी पूर्व प्रेमिका अनुष्का यादव का नाम सोशल मीडिया पर दौड़ने लगा. याद दिला दे, पिछले साल मई 2025 में एक फोटो वायरल हुई थी जिसमें अनुष्का यादव ने तेज प्रताप यादव के साथ अपने 12 साल के रिश्ते का दावा किया था, जिसे लेकर लालू परिवार से लेकर राजनीतिक घराने तक का खूब हंगामा हुआ था.


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ये वहीं दौर था जब लालू प्रसाद ने तेज प्रताप को घर और पार्टी दोनों से ही बेदखल कर दिया था. जिसके बाद से तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाकर जीत की मंशा से बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा, ताकि लालू परिवार को नीचा दिखा सके. पर अफसोस की उनकी नईयां बीच रास्ते में ही डगमगा गई, जिससे वो चुनाव हार गए. इतना सब खोने के बाद भी अनुष्का यादव ने तेज प्रताप का पीछा छोड़ा नहीं, यहीं कारण है कि ये मुद्दा फिर से लालू परिवार की फजीयत कराने में लगा है. इन सभी के बीच ये सवाल उठने लगा है कि, क्या ऐश्वर्या राय से तलाक की जंग में तेज प्रताप यादव ने अनुष्का यादव से खुद को किनारा करना बेहतर समझा है.


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अनुष्का ने बेटी 'उज्जैनी' बनी तेज की टेंशन


तेज प्रताप को टेंशन देने का कारण अनुष्का ने एक बेटी 'उज्जैनी' को जन्म दिया है, जो ये दावा कर रही है कि, ये बच्ची तेज प्रताप यादव की है. । हालांकि, तेज प्रताप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया और इसे अपने विरोधियों की साजिश बताया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका अनुष्का से कोई भी रिश्ता नहीं है, तो बेटी कहां से आ गई. ये सिर्फ और सिर्फ मेरी छवि खराब करने के लिए मनगढ़त कहानी रची गई है. इसी के आगे तेज प्रताप ने कहा, बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले में सुरक्षा मांगी है और जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी करेंगे.

"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.यह भी पढ़ें: वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनसदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
वाराणसी : आइआइटी बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित 'टेक्नेक्स' कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को छात्रों से भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर बीएम करियप्पा रूबरू हुए. छात्रों से संवाद में उन्‍हों ने कहा कि आम जनता सैनिकों की सबसे बड़ी मदद अपने विश्वास, सम्मान और समर्थन के माध्यम से कर सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के समय सरकार किन परिस्थितियों और सीमाओं में निर्णय लेती है, उस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना सैनिकों के लिए उचित नहीं होता, क्योंकि कई रणनीतिक बातें गोपनीय होती हैं.ब्रिगेडियर करियप्पा ने कहा कि भारत ने समय-समय पर साहसिक सैन्य कदम उठाए हैं.उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2016 में सीमा पार जाकर की गई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. इन अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, तब सरकार और सेना मिलकर निर्णायक कदम उठाती हैं.उन्होंने आगे कहा कि सैनिक हमेशा देश की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. ऐसे में नागरिकों का विश्वास और प्रेम उनके मनोबल को और मजबूत करता है. ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी कहा कि यदि देशवासी सेना के प्रति अपना समर्थन और सम्मान बनाए रखें, तो सैनिक भी उसी समर्पण और साहस के साथ देश की रक्षा करते रहेंगे.यह भी पढ़े:- वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनछात्रों के सवालों का दिया जवाबइस संवाद में छात्रों ने ब्रिगेडियर करियप्पा से कई प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को देश की सुरक्षा और सेवा में अपनी भूमिका को समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ युवाओं को सैन्य सेवा में भी रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह देश की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी बताया कि भारतीय सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि शांति के समय भी नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना ने हमेशा नागरिकों की मदद की है, जो कि उनकी सेवा भावना को दर्शाता है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे सेना के प्रति अपने समर्थन को बनाए रखें, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को और भी मजबूती मिले.
वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
वाराणसी: लगातार बढ़ती महंगाई से विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिला मुख्‍यालय पर प्रदर्शन किया. वक्‍ताओं ने कहा कि महंगाई केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का परिणाम है, जिसका सबसे बड़ा बोझ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है. घरेलू एलपीजी तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर में वृद्धि ने आम जनता और छोटे व्यापारियों की परेशानी को और बढ़ा दिया है. होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े छोटे कारोबारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है. देश के कई हिस्सों से चिंताजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं.जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल का बड़ा बयानजिला अध्यक्ष कैलाश पटेल कहा कि- अमेरिका के दबाव में रूस से सस्ता तेल खरीदने में कमी करने के कारण देश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक नुकसान हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, ईरान पर हमलों और निर्दोष स्कूली बच्चों की मौत जैसे मामलों पर केंद्र सरकार की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है. साथ ही गैस क्षेत्र में कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के कारण गैस की कीमतों में कई जगह तीन गुना तक वृद्धि होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं, जिसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ रहा है.इन्हीं मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी, वाराणसी के कार्यकर्ताओं द्वारा जिला कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा गया.ये है प्रमुख मांगें घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में की गई हालिया वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए.पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और पारदर्शी नीति लागू की जाए.गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी प्रदान की जाए.महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार स्पष्ट और जवाबदेह नीति घोषित करे.अतः राष्ट्रपति से अनुरोध है कि देश की आम जनता को बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने हेतु केंद्र सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दें.यह भी पढ़ें: नगर आयुक्त ने ईश्वरगंगी वार्ड का किया निरीक्षण, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने पर दिया जोरइस इस कार्यक्रम में अब्दुल्लाह खान,घनश्याम पांडे जिला मीडिया प्रभारी, गुलाब सिंह राठौड़,पल्ल्वी वर्मा,शारदा टंडन, डॉ अहिल्या,मोहिनी महेद्रु,आर के उपाध्याय,विनोद जायसवाल,सरोज शर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव, अभीशेक, सिंह,राहुल द्विवेदी, चेत सिंह, राजेश कुमार, सतीश पटेल, कांता प्रसाद, अरविन्द यादव, जय किसन पटेल, गुलाब प्रजापति,मोहम्मद कुद्दूस, दीपक यादव, श्याम सुन्दर पटेल, विनोद कुमार विश्वकर्मा, निलेश सिंह, विनोद कुशवाहा आदि मौजूद रहे.