Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

रंग मल्हार में संदूक पर दिखाया कला कौशल, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश...

Jul 12, 2026, 12:47 PM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : संदूक शब्द से ही लोहे के काले रंग के बक्से की छवि जेहन में आती है जिसका उपयोगी जरूरी सामानों को रखने के लिए किया जाता है. जरा सोचिए इस संदूक पर खूबसूरत कलाकृति हो तो कितना आकर्षक लगेगा. उसका इस्तेमाल करने वाला जितनी बार देखेगा उसका मन खिल उठेगा. ऐसे ही लुभावने संदूक तैयार किए गए बीएचयू के फाइन आट्सर् फैकल्टी के अहिवासी आर्ट गैलरी में. रविवार को यहां दो दिवासीय '17वीं रंग मल्हार' अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत हुई. इस बार इसका विषय संदूक था जिस पर देश-विदेश के कलाकारों ने अपना कौशल दिखाया. कला के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए हरियाली और अच्छी वर्षा की कामना की.


DED


कार्यक्रम के संयोजक सुरेश जांगिड़ ने बताया कि 'रंग मल्हार' की अवधारणा भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध राग 'मेघ मल्हार' से प्रेरित है. मान्यता है कि इस राग के गायन और वादन से प्रकृति प्रसन्न होकर वर्षा करती है. इसी सोच के साथ पिछले 17 वर्षों से हर वर्ष जुलाई के दूसरे रविवार को 'रंग मल्हार' का आयोजन किया जाता है, ताकि प्रकृति में संतुलन बना रहे और धरती पर हरियाली कायम रहे.


DDD


हवा महल तो किसी ने सजाया मोर


उन्होंने बताया कि इस वर्ष कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता के लिए 'बाक्स' या 'संदूक' को कैनवास के रूप में चुना है. यह बाक्स केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि पुरानी यादों, पारिवारिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है. पुराने समय में लोग इसी संदूक में अपनी बहुमूल्य वस्तुएं, दस्तावेज और बचपन की किताबें-स्लेट आदि संभालकर रखते थे. आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, विरासत और प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से इस विषय का चयन किया गया है.


कार्यशाला में कलाकारों ने पुराने संदूकों, जूते के डिब्बों, अटैचियों और अन्य उपयोग से बाहर हो चुकी वस्तुओं को अपनी कला का माध्यम बनाया. कहीं पुराने संदूक पर मोर और प्राकृतिक दृश्यों की मनमोहक आकृतियां बनाई गईं, तो कहीं पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत को रंगों के माध्यम से जीवंत किया गया. कलाकार ने बाक्स पर जयपुर के प्रसिद्ध हवा महल की आकृति उकेरी, जिसने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया.


FF


17 सालों से चली आ रही रंग मल्हार की परंपरा


'रंग मल्हार' की शुरुआत करीब 17 वर्ष पहले प्रसिद्ध कलाकार डा. विद्यासागर उपाध्याय की प्रेरणा से हुई थी. उस समय कम वर्षा होने से लोग चिंतित थे. तब कलाकारों ने मिलकर बारिश के आह्वान के लिए छतरियों को रंगों से सजाया और उनके साथ जुलूस निकाला. संयोगवश उसी दिन शाम को जोरदार बारिश हुई. तभी से यह आयोजन एक परंपरा बन गया.


ALSO READ : चाइनीज मांझा की तलाश में पुलिस ने पतंगबाजों को पकड़ा


कार्यक्रम की विशेषता यह भी रही है कि हर वर्ष किसी नए माध्यम पर पेंटिंग की जाती है. अब तक छतरियों, मास्क, साइकिल, लालटेन, झंडे, थाली, चाय की केतली और यहां तक कि कार को भी रंगों से सजाया जा चुका है. इन कलाकृतियों के माध्यम से समाज में पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाता है.


आयोजकों ने युवाओं से अपनी संस्कृति, परंपराओं और उन चीजों को सहेजने की अपील की, जिनसे उनकी भावनाएं और संस्कार जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और प्रकृति से जोड़ने का सशक्त साधन भी है.

वाराणसी में एयरशो को सफल बनाने वाले पुलिस अफसर होंगे सम्मानित, 100 इंस्पेक्टरों को प्रशस्ति पत्र...
वाराणसी में एयरशो को सफल बनाने वाले पुलिस अफसर होंगे सम्मानित, 100 इंस्पेक्टरों को प्रशस्ति पत्र...
वाराणसी : गंगा किनारे काशी में तीन दिन तक एयर शो को सफल बनाने वाले पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों का सम्मान होगा. 50 राजपत्रित अधिकारियों को डीजीपी की ओर से प्रशस्ति पत्र और विशेष योगदान देने वाले 10 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिष्ठित डीजी कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया जाएगा. मुस्तैदी से ड्यूटी निभाने वाले 100 इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को पुलिस आयुक्त स्तर से प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा. आयोजन में दिन-रात तैनात रहे अन्य सभी शेष पुलिस कर्मचारियों के योगदान को भी रेखांकित किया गया है.डीसीपी स्तर से इन सभी पुलिसकर्मियों के कैरेक्टर रोल में गुड एंट्री दर्ज की जाएगी. 22, 24 और 25 अक्‍टूबर को एयरशो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य वीवीआईपी आगमन के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया गया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार एयरशो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा. पुलिस महानिदेशक ने बेहतरीन व्यवस्था और सुरक्षा करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र व डीजी कमेंडेशन डिस्क देने की सहमति दी है.पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल के अनुसार, एयर शो को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों और विभिन्न जिलों से आए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र व डीजी कमेंडेशन डिस्क से नवाजा जाएगा. डीजीपी ने इस पर सहमति दी है. इस सम्मान से अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा.ALSO READ : आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत में कुमार मंगलम मुख्‍य अतिथि, हरजस कौर को प्रेसिडेंट मेडल...वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और चंदौली पुलिस ने एयरशो की सफलता को लेकर एक माह पहले से लगातार तैयारियों की समीक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी हो रही थी. पुलिस आयुक्त के निर्देशन में पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण और नो टच पॉलिसी ने कार्यक्रम को सफल बनाया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, वाराणसी एडीजी जोन नवीन अरोरा, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था शिवहरी मीणा, वाराणसी परिक्षेत्र डीआईजी रेंज वैभव कृष्ण, चंदौली एसपी आकाश पटेल, डीसीपी वरुणा राजेश कुमार पांडेय, डीसीपी काशी गौरव बंशवाल, एडीसीपी यातायात अंशुमान मिश्रा समेत सभी काशी, वरुणा जोन के एडीसीपी, एसीपी स्तर के अधिकारियों ने योजना के तहत काम किया. घाटों पर भीड़ को सेक्टर में बांटकर 1600 से अधिक एनसीसी कैडेट और स्काउट गाइड को जिम्मेदारी साैंपी गई थी.
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत में कुमार मंगलम मुख्‍य अतिथि, हरजस कौर को प्रेसिडेंट मेडल...
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत में कुमार मंगलम मुख्‍य अतिथि, हरजस कौर को प्रेसिडेंट मेडल...
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू का 15वां दीक्षांत समारोह 31 अक्‍टूबर को स्‍वतंत्रता भवन में आयोजित होने जा रहा है. समारोह में आदित्य बिरला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला मुख्य अतिथि होंगे. इसमें बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की छात्रा हरजस कौर को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा. वह संस्थान के मेडल एवं पुरस्कार विजेताओं में सबसे आगे हैं. उनके खाते में 15 सम्मान दर्ज हैं.वहीं, बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की तनिषा अग्रवाल ने छह गोल्ड मेडल सहित नौ पुरस्कार हासिल किए हैं. सिविल इंजीनियरिंग की रेशमा खातून और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की श्रेया श्रीवास्तव को सात-सात, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के जतिन अग्रवाल को छह पुरस्कारों के लिए चुना गया है.हरजस कौर को बीटेक की सभी शाखाओं में उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल मिलेगा. उनके नाम सूची में 15 सम्मान दर्ज हैं, जिनमें 10 गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल शामिल हैं. उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान और बीटेक की सभी शाखाओं में सर्वाधिक अंक हासिल करने सहित विभिन्न उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा.तनिषा को छह गोल्ड मेडलबीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की तनिषा अग्रवाल को नौ पुरस्कारों के लिए चुना गया है. इनमें छह गोल्ड मेडल शामिल हैं. उन्हें विभाग में प्रथम स्थान, सर्वाधिक सीपीआइ और छात्राओं में सर्वाधिक सीपीआइ सहित विभिन्न उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा. सिविल इंजीनियरिंग की रेशमा खातून को सात पुरस्कार मिलेंगे. इनमें शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के मेधावी विद्यार्थी के लिए निर्धारित सम्मान भी शामिल हैं. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की श्रेया श्रीवास्तव को भी सात पुरस्कारों के लिए चुना गया है.प्रतीक और लखदीव को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडलबीटेक के विद्यार्थियों में सर्वांगीण प्रदर्शन, संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व कौशल के लिए प्रतीक त्रिपाठी को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा. बीआर्क और इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री के विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए लखदीव मेहुलकुमार राजकुमार को यह सम्मान मिलेगा.ALSO READ: दीपावली पर वाराणसी के लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, करना होगा यह काममैकेनिकल इंजीनियरिंग के जतिन अग्रवाल को छह पुरस्कारों के लिए चुना गया है, जबकि मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की अपूर्वा कशिश को चार मेडल के साथ एक लाख रुपये का आदित्य कुमार अवस्थी एंडोमेंट पुरस्कार दिया जाएगा. दीक्षांत समारोह में विभिन्न स्नातक, परास्नातक और शोध कार्यक्रमों के 2048 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी.
दीपावली पर वाराणसी के लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, करना होगा यह काम
दीपावली पर वाराणसी के लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, करना होगा यह काम
वाराणसी: दीपावली पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर रिफिल की सुविधा मिलेगी. वाराणसी जिले में इस बार 2,69,923 परिवारों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर प्रति सिलेंडर रिफिल पर 1,005.50 रुपये की सहायता देंगी. इससे त्योहार के दौरान गरीब परिवारों को रसोई गैस के खर्च में राहत मिलेगी.पिछले साल से 1.04 लाख अधिक परिवारों को लाभजिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह के अनुसार, पिछले साल दीपावली पर जिले में 1,65,855 उज्ज्वला लाभार्थियों ने मुफ्त सिलेंडर रिफिल का लाभ लिया था. इस बार लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर 2,69,923 करने का लक्ष्य रखा गया है. इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में 1,04,068 अधिक परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने की तैयारी है. इससे अधिक संख्या में पात्र परिवारों को त्योहार के दौरान रसोई गैस की सुविधा मिल सकेगी.दो चरणों में संचालित होगी योजनाउज्ज्वला लाभार्थियों को सिलेंडर रिफिल पर सहायता देने की योजना दो चरणों में संचालित की जाएगी. पहला चरण अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनवरी से मार्च 2027 तक निर्धारित है. प्रति सिलेंडर रिफिल पर केंद्र सरकार की ओर से 359.52 रुपये और प्रदेश सरकार की ओर से 645.98 रुपये की सहायता दी जाएगी. दोनों सरकारों की सहायता मिलाकर कुल राशि 1,005.50 रुपये होगी.आधार से बैंक खाता लिंक कराना अनिवार्यजिला पूर्ति अधिकारी ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से अपने बैंक खातों की स्थिति जांचने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं या जिनका आधार सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, वे संबंधित बैंक से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करा लें. इससे योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त करने में आने वाली संभावित परेशानियों से बचा जा सकेगा.ALSO READ: जनगणना के ल‍िए वाराणसी नगर में 3105 प्रगणक घर-घर जाकर संकलित करेंगे परिवारों का ब्योराप्रशासन का जोर है कि पात्र लाभार्थी समय रहते बैंक खाते और आधार सत्यापन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि योजना का लाभ लेने में किसी तरह की दिक्कत न हो.