बीएचयू के दक्षिणी परिसर में एआई आधारित रिसर्च असिस्टेंट पर प्रशिक्षण, शोध में साहित्य खोज, फंडिंग और सहयोगियों की पहचान की दी जानकारी

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बरकछा में बुधवार को ‘लीपस्पेस-एआई पॉवर्ड रिसर्च असिस्टेंट’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को अनुसंधान, शैक्षणिक अधिगम, साहित्यिक संसाधनों की खोज और अन्य विद्वतापूर्ण गतिविधियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और बीएचयू के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलगीत का गायन किया गया। स्वागत संबोधन छात्र सलाहकार डॉ. कुलदीप बौद्ध ने किया। उन्होंने शोध कार्य को अधिक प्रभावी, दक्ष और नवाचारी बनाने में एआई आधारित उपकरणों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।
एआई से तेज होगी शोध प्रक्रिया
प्रशिक्षण सत्र का संचालन एल्सेवियर की दक्षिण एशिया कस्टमर सक्सेस मैनेजर ऐश्वर्या नयाल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को एल्सेवियर के एआई आधारित रिसर्च वर्कस्पेस ‘लीपस्पेस’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्लेटफॉर्म शोधकर्ताओं को शोध की अवधारणा विकसित करने से लेकर उसके प्रभाव तक की प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाने में मदद करता है। साथ ही शोध की सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता जैसे पहलुओं पर भी जोर देता है।
प्रशिक्षण के दौरान लीपस्पेस की विभिन्न सुविधाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि एआई की मदद से प्रासंगिक शोध सामग्री और विद्वतापूर्ण संसाधनों की खोज, साहित्य समीक्षा को बेहतर बनाने, शोध से जुड़े नए विषयों की खोज, वित्तपोषण के अवसरों और संभावित शोध सहयोगियों की पहचान जैसे कार्य अधिक प्रभावी तरीके से किए जा सकते हैं।
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के विभिन्न पाठ्यक्रमों के साथ पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान से जुड़े शिक्षकों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. संतोष मरांडी, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अर्चना महापात्रा, डॉ. उत्कर्ष त्रिपाठी, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. कौस्तव चटर्जी, डॉ. अभिनव सिंह और डॉ. आलोक कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनी श्रीवास्तव ने किया। समापन पर डॉ. दीपिका कौर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



