बीएचयू की प्रमुख सुविधाओं का होगा कायाकल्प, डालमिया समूह से हुआ पांच साल का समझौता

वाराणसी. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर की प्रमुख सुविधाओं के मरम्मत, नवीनीकरण और विकास को लेकर विश्वविद्यालय और डालमिया समूह के बीच समझौता हुआ है। 27 अगस्त को हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर बीएचयू के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव और कुणाल डालमिया ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास, सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस) के कमच्छा से सटे पूर्वी क्षेत्र और सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में चरणबद्ध तरीके से विकास और मरम्मत के कार्य किए जाएंगे। एमओयू पांच वर्ष के लिए किया गया है, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
डालमिया छात्रावास में होंगे कई विकास कार्य
सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास में संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, विद्युत व्यवस्था और शौचालयों की मरम्मत के साथ रंग-रोगन कराया जाएगा। परिसर में पौधारोपण कर इसे हरा-भरा बनाया जाएगा। साथ ही बैडमिंटन, पिकलबॉल और बास्केटबॉल के लिए बहुउद्देशीय खेल मैदान विकसित किया जाएगा। छात्रावास परिसर में स्वर्गीय एलएन डालमिया की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी और उनके योगदान का संक्षिप्त विवरण प्रदर्शित किया जाएगा।
सीएचएस में बनेगा ‘साबो उद्यान’
सीएचएस के कमच्छा से सटे पूर्वी क्षेत्र को विकसित कर उसका नाम ‘साबो उद्यान’ रखा जाएगा। यहां सीमा रेलिंग, पौधारोपण, फव्वारे और जल निकाय विकसित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में गर्म पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा यहां बहुउद्देशीय खेल मैदान विकसित होगा। दानदाताओं की ओर से वार्षिक खेल प्रतियोगिता ‘साबो कप’ के लिए ट्रॉफी और पुरस्कार राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
ALSO READ : वाराणसी केंद्रीय कारागार में रक्षाबंधन पर भावुक हुई बहनें, भाइयों की कलाई पर बांधा प्रेम का धागा....
विज्ञान भवन का भी होगा नवीनीकरण
पहली दो परियोजनाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन में भी संरचनात्मक मरम्मत, जलरोधन, विद्युत एवं शौचालयों की मरम्मत तथा रंग-रोगन कराया जाएगा। भवन में स्वर्गीय सावित्री देवी डालमिया की प्रतिमा स्थापित करने के साथ उनके जीवन और योगदान का संक्षिप्त विवरण भी प्रदर्शित किया जाएगा।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय की सुविधाओं के विकास और सुधार के लिए डालमिया समूह की पहल की सराहना की। वहीं कुणाल डालमिया ने इस योगदान को ‘जिम्मेदारी और विरासत’ से जोड़ते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि परिवार की आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएं।
बीएचयू और डालमिया परिवार का पुराना संबंध
डालमिया परिवार और बीएचयू के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। स्वर्गीय लक्ष्मीनिवास डालमिया ने वर्ष 1973 में सेठ दूली चंद जी डालमिया छात्रावास विश्वविद्यालय को दान किया था। वहीं कुणाल डालमिया और उनकी कंपनी ने 2004 में हुए एमओयू के माध्यम से सावित्री देवी डालमिया विज्ञान भवन के निर्माण में योगदान दिया था।
प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए संरचनात्मक डिजाइन और ड्रॉइंग बीएचयू उपलब्ध कराएगा। निर्माण कार्यों की निगरानी और एमओयू के क्रियान्वयन की देखरेख भी विश्वविद्यालय की ओर से की जाएगी।



