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बीएचयू की इन विभूतियों को मिला पद्म सम्‍मान, संगीत, शिक्षा और चिकित्‍सा क्षेत्र में योगदान सराहनीय

बीएचयू की इन विभूतियों को मिला पद्म सम्‍मान, संगीत, शिक्षा और चिकित्‍सा क्षेत्र में योगदान सराहनीय
Jan 26, 2026, 07:11 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से जुडे तीन विभूतियों को पद्म सम्‍मान से सुशो‍भित किया गया है. इनमें बीएचयू की पूर्व परफार्मिंग आर्ट्स संकाय प्रमुख प्रो. एन राजम को रविवार को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. एन. राजम का जन्म 8 अप्रैल 1938 को चेन्नई में एक संगीत घराने में हुआ. वह एक प्रसिद्ध भारतीय वायलिन वादक हैं, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अपनी विशेष पहचान रखती हैं. उन्होंने बीएचयू में संगीत की प्रोफेसर के रूप में कार्य किया और बाद में विभाग की प्रमुख तथा प्रदर्शन कला संकाय की डीन बनीं.

प्रो. राजम को 2012 में संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप से भी सम्मानित किया गया, जो भारत की राष्ट्रीय संगीत, नृत्य और नाटक अकादमी द्वारा प्रदत्त सर्वोच्च सम्मान है. उनके पिता, विद्वान ए. नारायण अय्यर, कर्नाटक संगीत के प्रसिद्ध प्रतिपादक थे, उनके भाई टी.एन. कृष्णन भी कर्नाटक शैली के एक प्रख्यात वायलिन वादक रहे हैं. राजम ने अपने पिता के मार्गदर्शन में कर्नाटक संगीत का प्रारंभिक प्रशिक्षण लिया और मुसिरी सुब्रमणिया अय्यर से भी शिक्षा प्राप्त की. प्रो. राजम का विवाह चार्टर्ड अकाउंटेंट टी.एस. सुब्रमणियन से हुआ, जिनका कार्य भारतीय जीवन बीमा निगम में था. उनकी सास, पद्मा स्वामिनाथन, एक सामाजिक कार्यकर्ता और कर्नाटक संगीत गायिका थीं. दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका वाणी जयराम उनकी भाभी हैं.


एसिड अटैक की पहली सर्वाइवर हैं प्रो मंगला कपूर


MAGLA KAPOOR


संगीत साधना में काशी का अप्रत‍िम योगदान रहा है. इसी कड़ी में बीएचयू की सेवान‍िवृत्‍त प्रोफेसर मंगला कपूर को रव‍िवार को पद्मश्री सम्‍मान देने की घोषणा की गई. वह एक प्रेरणादायक संगीतकार और एसिड अटैक सर्वाइवर के तौर पर देश में जानी जाती हैं. उनको पूर्व में भी कई सम्मान म‍िल चुके हैं. प्रोफेसर मंगला कपूर भारत की पहली एसिड अटैक सर्वाइवर हैं, ज‍िन्‍होंने अपने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना किया है. 1965 में उन पर एसिड हमला हुआ, जिसके बाद उन्हें छह साल तक अस्पताल में रहना पड़ा. इस कठिन समय के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी शिक्षा को जारी रखा. मंगला ने बीएचयू से अपनी पढ़ाई पूरी की और वहीं प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुईं. उनका संगीत में योगदान भी उल्लेखनीय है. मंगला कपूर ग्वालियर घराने से जुड़ी हुई हैं और शास्त्रीय संगीत की शिक्षिका हैं. उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करते हुए अनेक छात्रों को संगीत की शिक्षा दी है. उनकी मेहनत और समर्पण के कारण उन्हें "काशी की लता मंगेशकर" के नाम से भी जाना जाता है.

मंगला कपूर न केवल एक संगीतकार हैं, बल्कि वे समाज सेवा में भी सक्रिय हैं. वे निशुल्क संगीत सिखाती हैं, जिससे वे समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को संगीत की शिक्षा देकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं. उनके जीवन पर आधारित एक मराठी फिल्म "मंगला" 17 जनवरी 2025 को रिलीज हो चुकी है. यह फिल्म उनकी संघर्षों और उपलब्धियों पर आधार‍ित है.


प्रो श्‍याम सुंदर अग्रवाल का कालाजार के निदान और उपचार में है योगदान


SHAYAM SUNDER


प्रो. श्याम सुंदर को कालाजार के निदान और उपचार में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस बार पद्मश्री सम्‍मान द‍िया गया है. इसके पूर्व राष्ट्रपति द्वारा 'विजिटर पुरस्कार' और 'डा. पीएन राजू ओरेशन' सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है. वे बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के मेडिसिन विभाग में प्रसिद्ध प्रोफेसर हैं. प्रो. श्याम ने लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी की एक खुराक से कालाजार के उपचार की विधि विकसित की है, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मान्यता प्राप्त है.


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उनके द्वारा विकसित की गई एकल खुराक लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी को कालाजार नियंत्रक कार्यक्रम में भारत में उपयोग किया जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने कालाजार के उपचार में मल्टी ड्रग थेरेपी का सफल परीक्षण भी किया, जिसे डब्ल्यूएचओ ने अनुमोदित किया. पेरेमोमाइसीन और मिल्टेफोसीन दवा का संयोजन अब राष्ट्रीय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रो. श्याम ने कालाजार के उपचार के लिए पहली बार प्रभावी दवा मिल्टेफोसीन भी विकसित की है. यह दवा भारत, नेपाल और बांग्लादेश में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है और अब यह दवा विश्व स्तर पर उपयोग की जा रही है. इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरके-39 स्ट्रीप जाच का परीक्षण भी किया, जो कालाजार के निदान में एक महत्वपूर्ण कदम है.MusicLegend

रामनगर चौक से किला रोड तक अतिक्रमण को लेकर पुलिस ने स्ट्रीट वेंडरों के साथ की बैठक..
रामनगर चौक से किला रोड तक अतिक्रमण को लेकर पुलिस ने स्ट्रीट वेंडरों के साथ की बैठक..
वाराणसी। रामनगर में सड़क और पाथवे पर दुकानें व ठेले लगाने से होने वाली यातायात संबंधी परेशानियों को लेकर पुलिस ने मंगलवार को स्ट्रीट वेंडरों के साथ बैठक की। थाना रामनगर में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा ने रामनगर चौक चौराहा से किला रोड तक सब्जी, फल, चाट, चाउमीन, फास्ट फूड, चाय-नमकीन आदि के ठेले लगाने वाले दुकानदारों और पाथवे पर दुकान लगाने वाले स्ट्रीट वेंडरों को बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक के दौरान प्रभारी निरीक्षक ने वेंडरों से कहा कि सड़क पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न किया जाए। ठेले और दुकान इस तरह लगाए जाएं, जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित न हो और पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।पुलिस ने वेंडरों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और निर्धारित स्थान पर ही दुकान लगाने की अपील की। साथ ही स्पष्ट किया कि सड़क और पाथवे पर इस तरह सामान न फैलाया जाए, जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो।पुलिस के अनुसार बैठक का उद्देश्य रामनगर चौक से किला रोड तक यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और आम लोगों के आवागमन में किसी तरह की बाधा को रोकना है।ALSO READ: जलस्तर घटने के बाद मणिकर्णिका घाट पर की गई सफाई, गंगा की तलहटी से निकाले करीब 100 किलो कपड़े...
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वाराणसी : गंगा का जलस्तर घटने के बाद मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर बड़े पैमाने पर नगर निगम वाराणसी द्वारा सफाई अभियान चलाया गया, जिसके तहत नदी की तलहटी से लगभग 100 किलो छोड़े गए कपड़े और कचरा निकाला गया है. बाढ़ का पानी उतरने के बाद नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला एवं उनकी टीम तथा नगर निगम ने इस विशेष अभियान को अंजाम दिया, ताकि नदी के पारिस्थितिक तंत्र और जलीय जीवन को नुकसान से बचाया जा सके.मणिकर्णिका घाट की तलहटी और किनारों से निकाले गए इन कपड़ों और पॉलिथीन को इकट्ठा करके बाहर निकाला गया. नमामि गंगे और नगर निगम प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्नान या अनुष्ठान के बाद अपने कपड़े नदी में न छोड़ें. गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा में बाढ़ आने और फिर जलस्तर घटने के बाद घाटों पर भारी मात्रा में सिल्ट (गाद), प्लास्टिक और आस्था के नाम पर छोड़े गए पुराने कपड़े जमा हो जाते हैं. गंगा तटों और जल में स्नान के बाद पुराने कपड़े, पॉलिथीन या पूजन सामग्री न छोड़ने की लगातार अपील की जा रही है ताकि मां गंगा को प्रदूषण से बचाया जा सके.उन्होंने कहा कि गंगा नदी हमारी जीवनदायिनी नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और पहचान का हिस्सा भी है. इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों का सक्रिय योगदान और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है. श्रमदान के दौरान नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारी मौजूद रहे.ALSO. READ :सोलर कारोबारी लूटकांड में एक और गिरफ्तार, रॉड से हमला कर लूटे थे नकदी-मोबाइल
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वाराणसी: राजातालाब थाना क्षेत्र में सोलर कारोबारी पर हमला कर नकदी और मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी विशाल गुप्ता को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसे मंगलवार को रानी बाजार स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास से पकड़ा. गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है. राजातालाब थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में विकास कुमार नाम के आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. प्रकाश में आए अभियुक्त विशाल गुप्ता को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी.राजातालाब के महावन गांव निवासी राजेश कुमार सिंह ने 6 मई 2025 को थाने में तहरीर दी थी. उन्होंने बताया था कि उनके भाई रमेश कुमार सिंह सोलर वेंडर का काम करते हैं. 28 अप्रैल 2025 की शाम करीब 6 बजे रमेश काम से घर लौट रहे थे. इसी दौरान महावन गांव स्थित सरकारी ट्यूबवेल के पास गांव के रहने वाले राहुल सिंह और विकास सिंह समेत दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया. तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए रमेश कुमार सिंह पर रॉड और डंडे से हमला कर दिया. हमले में उनके सिर, हाथ और पैर में चोटें आईं और वह जमीन पर गिर गए.ALSO READ : इंटर फैकल्टी वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शानदार आगाज, पहले दिन कला, विज्ञान और आरजीएससी ने दर्ज की जीतआरोप है कि इसके बाद हमलावर रमेश के पास मौजूद दो मोबाइल फोन और 50 हजार रुपए नकद लेकर मौके से फरार हो गए. घटना के बाद 6 मई 2025 को राजातालाब थाने में तहरीर दी गई. उसी दिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के दौरान विशाल गुप्ता का नाम सामने आया. पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से वह फरार चल रहा था. मंगलवार को पुलिस ने उसे रानी बाजार रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.