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"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह

"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
Mar 14, 2026, 01:38 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.


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सदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.


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विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.

वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
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वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.