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वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...

वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
Jun 24, 2026, 10:50 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.


वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.


परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.


नदी तट का विकास


परियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.


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वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष

हुकुलगंज में ट्रांसफार्मर में जोरदार ब्लास्ट, गर्म तेल के छींटों से मची अफरा-तफरी
हुकुलगंज में ट्रांसफार्मर में जोरदार ब्लास्ट, गर्म तेल के छींटों से मची अफरा-तफरी
वाराणसी: लालपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हुकुलगंज ताड़ीखाना तिराहे पर अर्बन हाट के पास लगे ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया, धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. ट्रांसफार्मर से निकले गर्म तेल के छींटे पास में ठेला लगाने वाले लोगों के ऊपर भी जा गिरे.प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इलाके में सामान्य रूप से लोग अपने काम में जुटे थे, इसी दौरान अचानक ट्रांसफार्मर में तेज आवाज के साथ विस्फोट हुआ. ब्लास्ट के बाद ट्रांसफार्मर से गर्म तेल बाहर निकलने लगा और आसपास फैल गया. गर्म तेल के छींटे ठेला लगाने वाले लोगों तक पहुंचने से मौके पर कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.अचानक हुए धमाके के बाद आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना संबंधित बिजली विभाग को दी. इसके बाद मौके पर स्थिति को संभालने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई.फिलहाल घटना में किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है. हालांकि, जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर लगा है, वहां आसपास ठेले और लोगों की आवाजाही रहती है, ऐसे में ब्लास्ट के कारण बड़ा हादसा भी हो सकता था.ALSO READ: वाराणसी में होटल बुकिंग कैंसिल कराना पड़ा महंगा, फर्जी कस्टमर केयर ने पर्यटक से लाखों ठगेस्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर की जांच कराने और खराबी को जल्द ठीक कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
वाराणसी में होटल बुकिंग कैंसिल कराना पड़ा महंगा, फर्जी कस्टमर केयर ने पर्यटक से लाखों ठगे
वाराणसी में होटल बुकिंग कैंसिल कराना पड़ा महंगा, फर्जी कस्टमर केयर ने पर्यटक से लाखों ठगे
वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए आए रांची के एक पर्यटक को होटल की बुकिंग कैंसिल कराने के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजना भारी पड़ गया, साइबर ठगों ने फर्जी कस्टमर केयर के जरिए उनसे करीब 5.13 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली. पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है.जानकारी के अनुसार, रांची निवासी रवींद्र प्रसाद सिंह 23 अगस्त को पत्नी के साथ वाराणसी पहुंचे थे, उन्होंने एक होटल में कमरा बुक कराया था. बुकिंग कैंसिल कराने के लिए जब उन्होंने होटल के रिसेप्शन से मदद मांगी तो उन्हें बताया गया कि बुकिंग अगोडा ऐप के जरिए हुई है और कैंसिलेशन के लिए कस्टमर केयर से संपर्क करना होगा, इसके बाद गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजकर उन्हें दिया गया.पीड़ित ने उस नंबर पर संपर्क किया तो ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए एक फाइल का लिंक भेजा. लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक खाते से करीब 5 लाख 13 हजार रुपये निकल गए, ठगी का पता चलने के बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई.ALSO READ: मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठनसाइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों को गूगल या सोशल मीडिया पर मिले अनजान कस्टमर केयर नंबरों से सावधान रहने की सलाह देती हैं. I4C ने भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं को फर्जी वेबसाइट, कस्टमर केयर और ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने को कहा है.
रातभर बारिश के बाद काशी में निकले मेयर, बोले- अब जल्दी निकल जाता है पानी
रातभर बारिश के बाद काशी में निकले मेयर, बोले- अब जल्दी निकल जाता है पानी
वाराणसी. शहर में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार सुबह मेयर अशोक तिवारी ने कई इलाकों का निरीक्षण किया. उन्होंने जलभराव की स्थिति देखी और नगर निगम की तैयारियों का जायजा लिया. मेयर ने कहा कि पिछले दो साल में जलभराव वाले प्रमुख स्थानों पर काफी काम किया गया है, जिसका असर अब बारिश के दौरान दिखाई दे रहा है.मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि पहले आंध्रापुल, तेलियाबाग, कबीरचौरा, गुरुबाग, महमूरगंज, लंका और सामनेघाट समेत कई इलाकों में बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या रहती थी. नगर निगम और जलकल विभाग की टीम ने इन स्थानों पर लगातार काम किया है.उन्होंने कहा कि तेज बारिश होने पर कुछ जगहों पर आधे घंटे से 45 मिनट तक पानी जरूर जमा होता है, लेकिन अब पानी ज्यादा देर तक नहीं रुकता और जल्द ही निकल जाता है. रातभर बारिश होने के बावजूद फिलहाल शहर में बड़े स्तर पर जलजमाव देखने को नहीं मिल रहा है.ALSO READ : मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठनमेयर ने कहा कि नगर निगम की पूरी टीम और जलकल विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. काशी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए यहां की व्यवस्थाओं पर सभी की नजर रहती है। बारिश के दौरान किसी भी तरह की समस्या न हो, इसके लिए टीम लगातार मौके पर काम कर रही है.