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बीएचयू में खेल मैदान से कमाई, किराया तय, व्यावसायिक बुकिंग का अलग रेट

बीएचयू में खेल मैदान से कमाई, किराया तय, व्यावसायिक बुकिंग का अलग रेट
Aug 11, 2026, 09:29 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : बीएचयू अपने खेल मैदानों को कमाई का जरिया बनाने जा रहा है. इंडोर, एथलेटिक्स, टेनिस, तैराकी और स्क्वैश सहित 11 खेलों के लिए मैदानों की फीस 1000 से लेकर सात हजार रुपये के बीच तय की गई है. वहीं, इन मैदानों का व्यावसायिक बुकिंग रेट पांच हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक होगी. बास्केटबॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल और हैंडबॉल खेलने के लिए सबसे कम 1000 रुपये है और सबसे ज्यादा सात हजार रुपये हॉकी एस्ट्रोटर्फ और तैराकी की प्रति मैच फीस है. यह जानकारी एक आरटीआई के जवाब में मिली है.


बीएचयू के यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स बोर्ड की ओर से जवाब में बताया गया है कि मैच और व्‍यवसायिक दोनों के रेट में अधिकतम सात गुना का अंतर है. 7 हजार रुपये में बुक होने वाले स्वीमिंग पूल का कॅमर्शिअल रेट 50000 रुपये है. एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर एक हॉकी मैच का 2000 रुपये और हर दिन का रेट 7000 रुपये रखा है जबकि 15000 रुपये में व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकता है. बॉक्सिंग रिंग का चार्ज दो हजार जबकि अन्य काम के लिए पांच हजार होगा. शिवाजी हॉल में हर एक गतिविधि का दो हजार और बाकी कार्यों के लिए 10 हजार रुपये किराया है.


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विभूति नारायण इंडोर स्टेडियम का किराया प्रतियोगिता के लिए 6000 रुपये है जबकि व्यावसायिक उपयोग के लिए यह 15000 रुपये में मिलेगा. क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए हर दिन मैदान इस्तेमाल करने पर 4000 और व्‍यवसायिक में 10000 रुपये चुकाने होंगे. टेनिस कोर्ट पर एक मैच का 2000 रुपये और स्क्वैश कोर्ट का सात हजार रुपये देना होगा. इनका व्यापारिक उपयोग 2000 रुपये और सात हजार रुपये में होगा. वहीं, जेके बैडमिंटन हॉल तीन हजार रुपये में मिलेगा. एथलेटिक्स का रेट 3000 से 5000 रुपये के बीच है.


एक आरटीआई के जवाब में बताया गया कि किसी भी खेल मैदान की व्यावसायिक बुकिंग का अंतिम निर्णय समिति की ओर से लिया जाएगा. आयोजक के वित्तीय लाभ का विश्लेषण करने के बाद ही दरें तय होंगी. इसमें न्यूनतम राशि का ध्यान रखा जाएगा. वहीं, इन खेल सुविधाओं का उपयोग किसी भी गैर-खेल उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा.

बरेका के अजय कुमार बिंद ने अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
बरेका के अजय कुमार बिंद ने अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के एथलीट और टेक्नीशियन (फिटर) अजय कुमार बिंद ने 91वीं अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स (पुरुष/महिला) चैंपियनशिप 2026-27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में 14 मिनट 04.36 सेकेंड का उत्कृष्ट समय दर्ज कर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया।11 से 13 सितंबर तक SAI, ईस्टर्न सेंटर, साल्ट लेक, कोलकाता में आयोजित प्रतियोगिता में रेलवे के विभिन्न जोनों और उत्पादन इकाइयों के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अजय कुमार बिंद ने अपनी गति, फिटनेस और धैर्य का शानदार प्रदर्शन करते हुए 5000 मीटर की दौड़ पूरी की और रजत पदक हासिल किया।बरेका में टेक्नीशियन (फिटर) के पद पर कार्यरत अजय कुमार बिंद लगातार मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ एथलेटिक्स में अपनी पहचान बना रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर की रेलवे प्रतियोगिता में उनका यह प्रदर्शन बरेका के लिए गौरव की उपलब्धि माना जा रहा है।ALSO READ: नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देशअजय की सफलता पर बरेका के खेल जगत में खुशी का माहौल है। बरेका प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि संस्थान में खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के साथ-साथ खिलाड़ी की निरंतर मेहनत और समर्पण का परिणाम है।बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अजय कुमार बिंद को रजत पदक जीतने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की। उन्होंने आगामी प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देश
नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देश
वाराणसी : शहर में रोजाना निकलने वाले कूड़े की मात्रा में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए नगर निगम ने करसड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने करसड़ा प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया और कचरे की बढ़ती आवक के अनुरूप प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने बताया कि पहले शहर से प्रतिदिन करीब 600 से 700 टन कूड़ा करसड़ा प्लांट पहुंचता था, लेकिन अब इसकी मात्रा बढ़कर लगभग 1100 टन प्रतिदिन हो गई है। ऐसे में प्लांट पर अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाए जाएंगे, जिससे कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाई जा सके। उन्होंने आरडीएफ लाइन को भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार आरडीएफ लाइन से संबंधित पूरा सामान प्लांट में पहुंच चुका है।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट (एलटीपी) को पूरी तरह फंक्शनल बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके साथ ही प्लांट में तैयार होने वाली कंपोस्ट खाद के सुरक्षित भंडारण के लिए पक्का फ्लोर और शेड बनाने के निर्देश दिए गए।ALSO READ: काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मनउन्होंने वेस्ट टू वेस्टर्न मार्ग की वेस्ट स्टेम सड़क के किनारे जमा कचरे को ट्रीट कर हटाने को भी कहा, ताकि सड़क को चौड़ा किया जा सके और कचरा वाहनों के आवागमन में किसी तरह की बाधा न हो।नगर आयुक्त ने प्लांट में तैयार होने वाली खाद की नियमित लैब जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्लांट की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था की गुणवत्ता की निगरानी के लिए हर महीने पूरे प्लांट परिसर का ड्रोन सर्वे कराने को कहा। स्थानीय कार्यालय के मेंटेनेंस और रखरखाव में भी सुधार के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
‘काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मन
‘काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मन
वाराणसी : काशी की शाश्वत सांस्कृतिक परंपरा, संगीत, कला और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘काशिका–रंग और राग’ नियमित सांस्कृतिक उत्सव का रविवार को शुभारंभ हुआ। टाउनहॉल स्थित अल्को प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में काशी की साहित्यिक, नाट्य और शास्त्रीय संगीत परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कालजयी काव्यकृति ‘राम की शक्तिपूजा’ पर आधारित एकाग्र नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। प्रस्तुति का निर्देशन व्योमेश शुक्ल ने किया। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से साहित्य, रंगमंच और काशी की सांस्कृतिक चेतना को प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा गया।इसके पश्चात पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र और स्वरांश मिश्र ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देकर वातावरण को सुरमय कर दिया। गायन में संवादिनी पर पंडित धर्मनाथ मिश्र और तबले पर राजेश मिश्र ने संगत की। शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति ने श्रोताओं को काशी की समृद्ध संगीत परंपरा से रूबरू कराया।कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल अतिथि के रूप में मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला, संगीत और आध्यात्मिक चेतना की जीवंत पहचान है। ‘काशिका–रंग और राग’ जैसे आयोजन काशी की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।ALSO READ: चाय स्टॉल में घुसकर मारपीट, लूट का आरोप दो दिन पहले दी थी दुकान चलाने के लिए रुपये देने की धमकीनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि नगर निगम काशी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे आयोजन काशी की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने में सहायक होंगे।आयोजकों के अनुसार, जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, नगर निगम वाराणसी और नागरी प्रचारिणी सभा के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किया गया यह उत्सव काशी की कला, साहित्य और संगीत परंपरा को नियमित मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में कलाकारों, संस्कृति प्रेमियों और गणमान्य लोगों ने उत्सव की सराहना की। संचालन नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ला ने किया।