Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बकरा मंडी पर लगा ताला, कारोबारियों पर संकट को लेकर उठने लगे सवाल

बकरा मंडी पर लगा ताला, कारोबारियों पर संकट को लेकर उठने लगे सवाल
May 25, 2026, 11:05 AM
|
Posted By Preeti Kumari

Goat market locked, questions raised about crisis facing traders


वाराणसी: शहर के बेनिया स्थित चर्चित बकरा मंडी पर सोमवार को नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडी को खाली करा दिया और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया. त्‍योहारी सीजन मेंप्रशासन की इस कार्रवाई से वर्षों से संचालित हो रहा बकरा कारोबार अचानक ठप हो गया. ईद-उल-अज़हा से पहले मंडी बंद होने से हजारों व्यापारियों, किसानों, पशुपालकों और मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है.


u


10 दिनों की मिली थी अनुमति, दो दिन पहले कार्रवाई


जानकारी के अनुसार बेनिया बकरा मंडी का संचालन साजिद खान द्वारा कराया जा रहा था. मंडी को 18 मई से 27 मई तक संचालन की अनुमति दी गई थी, लेकिन शनिवार को स्मार्ट सिटी प्रशासन ने अचानक मंडी का आवंटन निरस्त कर दिया. इसके बाद सोमवार सुबह नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और पूरी मंडी खाली कराते हुए मुख्य गेट पर सरकारी ताला लगा दिया.


कार्रवाई के दौरान मंडी क्षेत्र में अफरा-तफरी


कार्रवाई के दौरान मंडी क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. बड़ी संख्या में मौजूद व्यापारी और किसान प्रशासनिक फैसले से नाराज दिखे. व्यापारियों का कहना है कि ईद-उल-अज़हा से पहले बेनिया बकरा मंडी उनका सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र होती है, जहां प्रतिदिन लगभग 700 से 800 बकरों की खरीद-फरोख्त होती थी. उनका दावा है कि मंडी के जरिए रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार होता था और सैकड़ों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई थी.


दूर-दराज़ जिलों और गांवों से आए किसानों ने बताया कि वे कई दिनों की तैयारी और खर्च के बाद बकरे लेकर वाराणसी पहुंचे थे, लेकिन अचानक मंडी बंद होने से उनकी पूंजी फंस गई है. कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के मंडी बंद करना उनके रोजगार पर सीधा प्रहार है. किसानों का कहना था कि प्रशासन को कम से कम दूसरी जगह मंडी लगाने की व्यवस्था करनी चाहिए थी.


मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि त्योहार से ठीक पहले मंडी बंद करने से व्यापारियों और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान होगा. स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि यह कार्रवाई कथित तौर पर आरएसएस से जुड़े एक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद की गई है. हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. फिलहाल मंडी बंद होने से व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. प्रभावित लोगों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने या फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है.


u


अन्‍य स्‍लाटर हाउस निशाने पर


इधर बेनिया बाग की बकरा मंडी बंद होने के बाद शहर के अन्य इलाकों में चल रहे पशु बाजारों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि चौकाघाट क्षेत्र में अवैध रूप से बकरा मंडी संचालित की जा रही है, जहां कथित तौर पर खरीद-बिक्री के नाम पर वसूली भी की जा रही है. जैतपुरा क्षेत्र के गोलगड्डा स्थित बंद पड़े स्लॉटर हाउस परिसर में भी भैंस और पड़वा की बिक्री होने की चर्चा है. आरोप है कि सड़क किनारे पशुओं को खड़ा कर खुलेआम कारोबार किया जा रहा है.


Also Read: नौतपा होते ही काशी विश्वनाथ धाम में विशेष अनुष्ठान, फलों के रस से हुआ बाबा का अभिषेक


वहीं लाट सरैया इलाके में भी भैंस और पड़वा की खरीद-बिक्री जोरों पर होने की बात सामने आई है. लोहता और भेलूपुर थाना क्षेत्र के कई इलाकों में भी अस्थायी पशु मंडियां सज रही हैं. हालांकि इन मंडियों के संचालन के लिए नगर निगम अथवा संबंधित विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. मामले को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई और पशु बाजारों की वैधता पर निगाहें टिक गई हैं. नगर निगम और पुलिस प्रशासन जानवरों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाती है या नहीं यह स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है. वहीं पुलिस ने गोलगड्डा स्‍लाटर हाउस पर जांच की.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।