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बनारस देश का पहला शहर : ‘एक जनपद-एक नदी’ योजना में असि और वरुणा नदी का होगा कायाकल्प

बनारस देश का पहला शहर : ‘एक जनपद-एक नदी’ योजना में असि और वरुणा नदी का होगा कायाकल्प
Sep 11, 2025, 11:39 AM
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Posted By Gaandiv



वाराणसी : काशी की जीवनधारा कही जाने वाली असि और वरुणा नदियों को अब नया जीवन देने की तैयारी है. जिला प्रशासन की पहल और शासन की मंजूरी के बाद दोनों नदियों का कायाकल्प ‘एक जनपद-एक नदी’ परियोजना के तहत किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना पर 112 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे तीन चरणों में छह साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. खास बात यह है कि काशी देश का पहला जिला होगा, जहां इस योजना में एक साथ दो नदियों को शामिल किया गया है.


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नदियों का अध्ययन और बड़ी चुनौतियां


आईआईटी बीएचयू की टीम ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और नगर निगम के सहयोग से असि नदी पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है. वहीं वरुणा नदी पर सिंचाई विभाग पहले ही रिपोर्ट शासन को भेज चुका है. अध्ययन में सामने आया कि

असि और वरुणा नदी किनारे 49 डंपिंग साइट हैं, जिनमें से 30 सक्रिय रूप से उपयोग में हैं. दर्जनों नाले बिना शोधन के नदी में गिर रहे हैं, जिससे जल प्रदूषण गंभीर स्तर तक पहुंच गया है. असि क्षेत्र के तालाब जैसे भीखमपुर और बंगालीपुर जो कभी झील जैसी छवि रखते थे, अब गहरे गड्ढों में बदल चुके हैं. इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योजना में तालाबों को गहरा कर लाखों लीटर अतिरिक्त जल संचित करने, प्राचीन नदी मार्ग को सक्रिय करने और बारिश व गंगा नहर का पानी सीधे असि-वरुणा में पहुंचाने की व्यवस्था शामिल की गई है.


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स्थानीय लोगों की राय


रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम ने नदी किनारे रहने वाले 259 परिवारों से बातचीत की. इनमें से 77% लोग दस साल से अधिक समय से उसी क्षेत्र में रह रहे हैं. अधिकतर ने माना कि अगर नदी किनारे हरित क्षेत्र विकसित होंगे तो न केवल पर्यावरण सुधरेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.


जैव विविधता और हरियाली की योजना


अध्ययन में पाया गया कि असि नदी के किनारे 22 प्रकार के पौधे और 28 प्रजातियों के जीव-जंतु पाए जाते हैं. इनका संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए नीम, पीपल, बांस, हिबिस्कस जैसे पेड़ लगाने और बायो फेंसिंग पौधों (कैक्टस व कांटेदार झाड़ियां) को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है. इससे कटान रुकेगा, हरियाली बढ़ेगी और पक्षियों व जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास सुरक्षित होगा.



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तीन चरणों में होगा कायाकल्प


1. पहला चरण (1-2 वर्ष): नालों पर इंटरसेप्टर लगाना, कचरा हटाना, खुदाई और डी-सिल्टिंग.



2. दूसरा चरण (3-4 वर्ष): तालाबों का पुनर्जीवन, प्राचीन नदी मार्ग का पुनर्स्थापन, स्थानीय

शुद्धिकरण संयंत्रों की स्थापना.


3. तीसरा चरण (5-6 वर्ष): हरित एवं पैदल मार्ग निर्माण, जैव विविधता संरक्षण, सामाजिक-आर्थिक जोन का विकास.


11 बड़े काम होंगे पूरे


योजना के तहत 11 अहम कार्य होंगे. इसमें नदियों की खुदाई और डी-सिल्टिंग ,तालाबों का पुनर्जीवन, प्राचीन नदी मार्ग का पुनर्स्थापन, गंगा नहर से जल प्रवाह, शुद्धिकरण संयंत्रों से जल उपलब्ध कराना, घर-घर अपशिष्ट जल का स्थानीय उपचार, ठोस कचरा हटाना, जैव विविधता संरक्षण, नदी किनारे हरित व पैदल मार्ग, सामाजिक-आर्थिक जोन का विकास, नालों पर इंटरसेप्टर लगाना है.


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कई संस्थाओं की साझेदारी


इस परियोजना में आईआईटी बीएचयू, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल निगम, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्थानीय निकाय और सामाजिक संगठन सक्रिय भागीदारी करेंगे.


प्रशासन का दावा, बदल जाएगी तस्वीर


डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा, “रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है और अब चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू होगा. यह परियोजना न केवल असि और वरुणा नदियों को नया जीवन देगी बल्कि पूरे वाराणसी की तस्वीर बदल देगी. इस महत्वाकांक्षी योजना से न सिर्फ नदियों का जल साफ होगा, बल्कि काशी के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा और यहां का पर्यावरण, पर्यटन व रोजगार तीनों मजबूत होंगे.

कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
वाराणसीः सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय खेलकूद कैरम प्रतियोगिता का आयोजन विलियम हेनरी रिमब्ध मेमोरियल स्कूल के सिसिलिया रोज सभागार में हुआ. इसमें उत्तर प्रदेश के 19 टीमों के 236 विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे.प्रतियोगिता के एकल मुकाबले के 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक वर्ग में अदीब असजद विजेता रहे. बालिका वर्ग में शैली रानी को जीत मिली. 17 वर्ष बालक वर्ग में मोहम्मद अहाब और बालिका वर्ग में आराध्या वर्मा विजेता रहे. 19 वर्ष आयु वर्ग में बालक वर्ग में सार्थक कुमार और बालिका वर्ग में आद्रिका अग्रहरि सेठ विजेता रहे. युगल मुकाबले के 14 वर्ष बालक वर्ग में अर्णव सिंह व विवान पवार की जोड़ी को जीत मिली. बालिका वर्ग में काव्या चौरसिया व श्रीतिजा गुप्ता की जोड़ी विजेता रही. 17 वर्ष बालक वर्ग में हमजा सदाब और एबाद इलाही की जोड़ी जीती. बालिका वर्ग में अनुष्का गुप्ता और आराध्या की जोड़ी ने जीत हासिल की.ALSO READ : सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी...19 वर्ष बालक वर्ग में इम्माद खान और शर्जील सिद्दीकी की जोड़ी ने जीत हासिल की. बालिका वर्ग में नवी वर्मा और वैष्णवी वर्मा की जोड़ी विजेता बनी. प्रतियोगिता का शुभारम्भ मुख्य सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के खेलकूद समन्वयक डेविड जार्ज सीरील ने किया. समापन सत्र के मुख्य अतिथि उप्र कैरम एशोसिएशन के अध्यक्ष बैजनाथ सिंह और उपाध्यक्ष सरदार रणवीर सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया. इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. अनीता पालीन के उप-प्रधानाचार्य प्रत्याशा मेरी रहीं. कार्यक्रम को सफलता बनाने में खेलकूद शिक्षक मो. इशरार व नार्चिता साहू का प्रयास सफल रहा.
सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार  को दी कड़ी चेतावनी...
सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी...
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र के हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड में चल रही 119.35 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना की धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और ठेकेदार फर्म को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की ओर से संचालित इस परियोजना का निर्माण कार्य मैसर्स ईएमएस लिमिटेड, गाजियाबाद द्वारा कराया जा रहा है। समीक्षा में सामने आया कि अब तक केवल 350 मीटर सीवर लाइन बिछाई जा सकी है, जबकि पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति महज 5 प्रतिशत तक ही पहुंची है।इस पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने कार्यदायी फर्म को श्रमिकों की संख्या और आवश्यक संसाधन बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ या निर्देशों की अनदेखी की गई तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना के तहत हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड में कुल 38.887 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा 6,561 घरों को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे तथा एक सीवेज पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण होगा। योजना पूरी होने के बाद दोनों वार्डों के हजारों लोगों को बेहतर सीवरेज व्यवस्था का लाभ मिलेगा।ALSO READ : कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद राजेश यादव एवं बृजेश चंद्र श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता वृजेश कुमार, सहायक अभियंता पीयूष वर्मा, अवर अभियंता रामचंद्र राय, अजय कुमार पासवान तथा कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि अमित कुमार उपस्थित रहे।
कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. विवेकानंद डिवाइन लाइफ मिशन (वीडीएलएम) की ओऱ से वाराणसी हेल्प ग्रुप के सहयोग से आयोजित शिविर में एकत्रित 61 यूनिट रक्त महामना कैंसर सेंटर,वाराणसी को उपलब्ध कराया गया. इससे कैंसर के जरूरतमंद मरीजों को उपचार में सहायता मिल सकेगी.कार्यक्रम में कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रोफ़ेसर सतीश कुमार सिंह रहे. इस अवसर पर कृषि विज्ञान संकाय के छात्रावास के प्रशासनिक वार्डन डा. विनोद कुमार त्रिपाठी, वार्डन डा. सुधीर कुमार राजपूत, वार्डन डा. निखिल कुमार सिंह, डा. अफजल अहमद, डा. सैकत माजी, आभा गेस्ट हाऊस के वार्डन डा. तरुन वर्मा तथा कृषि विज्ञान संस्थान के छात्र सलाहकार प्रो. मनोज कुमार सिंह, वाराणसी हेल्प ग्रुप के हिमांशु गुप्ता रहे. रक्तदान शिविर में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास, बाल गंगाधर तिलक छात्रावास एवं अन्य संकायों के विद्यार्थियों के साथ रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं ने भी रक्तदान किया. सभी प्रतिभागियों के सहयोग से शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त का संग्रह करकारगिल विजय दिवस के वीरों को श्रद्धांजलि दी गई एवं भारत की जीत को सहर्ष स्मरण किया गया. इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करना देश के वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम भी है.ALSO READ : रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.सभी रक्तदाताओं एवं वालंटियर्स के लिये रिफ्रेशमेंट, फल, स्वच्छ पेयजल एवं हल्के नाश्ते का प्रबंध किया गया था. कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया एवं देशप्रेम,मालवीय मूल्यों एवं सामाज कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का मंत्र दिया गया.