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गंगा-वरुणा का कहर: वाराणसी में हजारो परिवार बेघर, मोहल्ले बने तालाब

गंगा-वरुणा का कहर: वाराणसी में हजारो परिवार बेघर, मोहल्ले बने तालाब
Sep 11, 2025, 09:40 AM
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Posted By Gaandiv



वाराणसी: गंगा और उसकी सहायक नदी वरुणा का जलस्तर लगातार बढ़ने से काशी का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. दोनों नदियों के उफान ने मिलकर ऐसा कहर बरपाया है कि शहर के हजारों परिवारों को घर छोड़कर पलायन करना पड़ा है. मोहल्ले, कॉलोनियां और सड़कों पर नाव चल रही हैं. कई इलाकों में घरों के बाहर का दृश्य मिनी स्विमिंग पूल जैसा बन गया है.


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घर की ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग


दनियालपुर, ढ़ेलवारिया, कोनिया, नक्खीघाट, सलारपुर, हुकुलगंज, सरैया और नई बाजार जैसे मोहल्ले पूरी तरह पानी में डूबे हैं. जिनके पास विकल्प था वे किराए के मकानों में शरण ले चुके हैं, वहीं गरीब तबके के लोग या तो राहत शिविरों में जा रहे हैं या फिर अपने मकानों की ऊपरी मंजिलों पर टकटकी लगाए हालात का सामना कर रहे हैं.


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खतरे के निशान तक पहुंचा गंगा का जलस्तर


महज एक महीने में तीसरी बार गंगा का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है. शुक्रवार सुबह का स्तर 70.83 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से बस कुछ सेंटीमीटर दूर है. आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता पानी चिंता और बढ़ा रहा है.


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धार्मिक आस्था भी संकट में


बाढ़ ने काशी के धार्मिक जीवन को भी हिला दिया है. पिंडदान – घाटों तक पहुंचने का रास्ता बंद होने से श्रद्धालु सड़क किनारे ही पिंडदान कर रहे हैं. गंगा आरती – दशाश्वमेध घाट पर अब आरती छत से हो रही है, वहीं अस्सी घाट पर सड़क किनारे. मंदिर डूबे – घाट किनारे बने करीब 5000 छोटे मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं.


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राहत शिविरों में 4701 लोग, किसान सबसे ज्यादा प्रभावित


प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 8047 लोग घर छोड़ चुके हैं, जिनमें 4701 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं.


सबसे बड़ा झटका किसानों को लगा है –


  1. 8124 किसान प्रभावित


  1. 2166.13 हेक्टेयर खेत जलमग्न


इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका दोनों पर बड़ा असर पड़ रहा है.


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रेलवे संचालन पर भी मंडरा रहा खतरा


बाढ़ का असर अब रेलवे पर भी पड़ सकता है. उत्तर रेलवे के एडीआरएम बीके यादव ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर हर घंटे निगरानी की जा रही है. मालवीय पुल पर लगातार पेट्रोलिंग हो रही है. यदि पानी खतरे के पार गया तो सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति घटाकर सिर्फ 10 किमी/घंटा करनी पड़ेगी.


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बाढ़ का कहर और उम्मीद की निगाहें


लगातार चौथी बार आई बाढ़ से वाराणसी के लोगों का धैर्य टूट रहा है. लोग अपने घर, दुकान और खेत गंवाकर अब केवल प्रशासन की ओर राहत और बचाव की उम्मीद लगाए हैं. नावों पर सामान ढोते, पानी में घिरे मंदिरों की घंटियां, सड़क किनारे पिंडदान और छतों से गंगा आरती. यह सब काशी की तस्वीर को दर्द और संघर्ष से भर दे रहे हैं.

बकरीद को लेकर पुलिस का फ्लैग मार्च, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी...
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वाराणसी: आगामी बकरीद पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। इसी क्रम में डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एडीसीपी लिपि नागायच, एसीपी अपूर्व पांडेय एवं कैंट थाना प्रभारी राज किशोर पाण्डेय ने समस्त चौकी प्रभारियों के साथ मिंट हाउस, नदेसर, अर्दली बाजार, पक्की बाजार और कचहरी समेत विभिन्न क्षेत्रों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.पुलिस अधिकारियों ने गश्त के दौरान बाजारों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में मौजूद लोगों से संवाद कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच भी की गई। अभियान के दौरान कई स्थानों पर वाहन चेकिंग चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
2018 के चर्चित बेनियाबाग मारपीट मामले में बड़ा फैसला, बाबू भेजा समेत 5 आरोपी बरी...
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वाराणसी : जनपद की विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत (कृष्ण कुमार सप्तम) ने वर्ष 2018 के चर्चित बेनियाबाग मारपीट और धमकी प्रकरण में बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी महफूज इमरान उर्फ बाबू भेजा समेत पांच आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के बयानों में विरोधाभास को फैसले का आधार माना.मामला थाना चौक क्षेत्र के बेनियाबाग का है। अदालत ने महफूज इमरान उर्फ बाबू भेजा, अहमद रजा उर्फ बाबू, सलमान फैसल खान, जिया सिद्दीकी और जीशान खान को आरोपों से मुक्त कर दिया। इस मामले में आरोपी जिया सिद्दीकी की ओर से अधिवक्ता शादाब अहमद ने अदालत में पक्ष रखा.बताया गया कि घटना 14 जून 2018 की शाम की थी, जिसकी एफआईआर अगले दिन 15 जून को थाना चौक में सैयद शाहबाज आरफीन द्वारा दर्ज कराई गई थी। वादी का आरोप था कि पुरानी रंजिश को लेकर बेनियाबाग गेट के पास आरोपियों ने उसे और उसके भाई सैयद शादाब आरफीन को घेर लिया और मारपीट की। आरोपियों पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने, फायरिंग करने और धारदार हथियार से हमला कर घायल करने का भी आरोप लगाया गया था.पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 324, 504 और 506 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों में विरोधाभास पाए जाने पर अदालत ने सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दे दिया.
गंगा दशहरा पर गंगोत्री सेवा समिति ने सजाई आस्था की अलौकिक तस्वीर, दशाश्वमेध से केदार घाट तक गूंजी गंगा महाआरती...
गंगा दशहरा पर गंगोत्री सेवा समिति ने सजाई आस्था की अलौकिक तस्वीर, दशाश्वमेध से केदार घाट तक गूंजी गंगा महाआरती...
वाराणसी: गंगा दशहरा के अवसर पर मंगलवार की शाम काशी के ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट पर भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला. मां गंगा के अवतरण दिवस पर आयोजित भव्य महाआरती और वैदिक अनुष्ठान ने घाट को दिव्यता से सराबोर कर दिया.दीपों की रोशनी, गूंजते वैदिक मंत्र, डमरू निनाद और “हर-हर गंगे” के जयघोष के बीच श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में डूबे नजर आए.501 लीटर दूध से हुआ मां गंगा का महाभिषेकगंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए.समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ‘बाबू महाराज’ के सानिध्य में मां गंगा की अष्टधातु प्रतिमा का भव्य श्रृंगार किया गया.इसके बाद 501 लीटर दूध, पुष्प, फल और मिष्ठान से मां गंगा का विशेष अभिषेक कर षोडशोपचार पूजन संपन्न हुआ.श्रद्धा स्वरूप मां गंगा को पियरी साड़ी अर्पित की गई.वैदिक मंत्र, शंखनाद और डमरू की ध्वनि से गूंजे घाटमहाआरती के दौरान 11 वैदिक ब्राह्मणों ने एक साथ दीप स्तंभों के साथ मां गंगा की आरती उतारी, जबकि 21 कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्वरूप चंवर डुलाकर मातृशक्ति का आह्वान किया. घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां गंगा से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की.कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अयोध्या के श्री राम जानकी हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर बाबा अवध बिहारी दास महाराज ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं. वहीं मुख्य अतिथि डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि गंगा दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति आस्था व्यक्त करने का अवसर भी है.इस दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वैदिक रीति से मां गंगा का पूजन किया.गीतकार कन्हैया दुबे ‘केडी’ के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में भजन गायक सुशील बावेजा की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया.समिति के सचिव पं. दिनेश शंकर दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने श्रद्धालुओं को “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” का संकल्प दिलाया.ALSO READ: राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला फूंका, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन...केदार घाट पर दीपों की रोशनी में सजी गंगा आरती, वैदिक मंत्रों से गूंजा वातावरणगंगा दशहरा पर केदार घाट भी भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से जगमगा उठा. गंगोत्री सेवा समिति की ओर से संदीप दुबे ‘सोनू महाराज’ के संयोजन में विशेष गंगा पूजन, दुग्धाभिषेक और महाआरती का आयोजन किया गया.दीपों और फूलों से सजे घाट पर वैदिक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का पूजन कराया. “ॐ गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति…” और “ॐ नमो भगवति गंगे…” जैसे मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.श्रद्धालुओं ने दूध, पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया.भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को बांधामहाआरती के दौरान शंखध्वनि, घंटियों की अनुगूंज और “हर-हर महादेव” के जयकारों से घाट गूंज उठा. श्रद्धालुओं ने गंगा में दीप प्रवाहित कर मां गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की .इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध बनाए रखा.