Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

वाराणसी में आधुनिक सौंदर्य को मिली नई पहचान

वाराणसी में आधुनिक सौंदर्य को मिली नई पहचान
Sep 11, 2025, 09:05 AM
|
Posted By Gaandiv




वाराणसी: आध्यात्मिक नगरी काशी अब आधुनिक और आकर्षक स्वरूप की ओर तेजी से बढ़ रही है. वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) शहर को ऐसा रूप देने में जुटा है जहां संस्कृति और आधुनिकता का सुंदर संगम दिखाई दे. प्राधिकरण के मुताबिक इन प्रयासों का मकसद सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात की सुगमता और पर्यटन को बढ़ावा देना भी है. इन योजनाओं से काशी की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक स्मार्ट और कल्चरल सिटी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा.


h

VDA की ओर से जारी प्रमुख परियोजनाएं


संविधान वाल – लोकतंत्र की धड़कन को नया रूप


कचहरी जंक्शन से आंबेडकर सर्किल तक बनने वाली संविधान वाल शहर का नया आकर्षण होगी. यहाँ 5 मीटर ऊँचा संविधान की प्रस्तावना का शिलापट्ट लगाया जाएगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संविधान पर प्रेरक विचार बैकलिट साइनज के रूप में चमकेंगे. यह स्थान लोगों को भारतीय लोकतंत्र और संविधान की मजबूती का संदेश देगा. स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह प्रयास युवाओं और विद्यार्थियों को संविधान से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा.


4


रंगीन ज़ेब्रा क्रॉसिंग – सुरक्षा और सुंदरता का संगम


मिंट हाउस जंक्शन को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है, जहाँ रंग-बिरंगे ज़ेब्रा क्रॉसिंग बनाए गए हैं. इन पर चलते ही पैदलयात्री जहां सुरक्षित महसूस करेंगे वहीं वाहन चालकों का ध्यान स्वतः आकर्षित होगा और वे इसपर स्पीड कम करेंगे. इसी क्रम में ‘नो पार्किंग एरिया’ को भी अलग रंगों से हाईलाइट किया जाएगा. योजना का लक्ष्य है कि ट्रैफिक अनुशासन और रोड सेफ्टी दोनों सुनिश्चित हो.


g


थीमैटिक लाइटिंग – रात में काशी की अद्भुत छठा


रात में काशी की छठा अद्भुत विक्ट्री ब्रिज से ताज होटल तक सड़क के बीचों-बीच बने मीडियन को खास अंदाज़ में सजाया जा रहा है. साथ ही पेड़ों से लटकती मंदिर की घंटी, दीया और पारंपरिक आकृतियों जैसी थीमैटिक लाइटें लगाई जा रही है.

यह दृश्य न सिर्फ पर्यटकों को आकर्षित करेगा बल्कि रात में सड़क पर रोशनी बढ़ने से सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे वाराणसी का नाइट व्यू पहले से कहीं अधिक आकर्षक होगा और नाइट टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा.


e


प्रमुख स्थानों पर दिशा-निर्देश बोर्ड


शहर के व्यस्त और भ्रमित करने वाले रास्तों पर आधुनिक साइनेज बोर्ड लगाए जा रहे हैं. इस क्रम में आंबेडकर चौराहा,

ताज होटल के सामने खादी शॉप, पुलिस लाइन से आशापुर मार्ग, कचहरी से सर्किट हाउस मार्ग पर लगाए जा रहे इन साइनेज से नागरिकों व पर्यटकों दोनों को स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा और ट्रैफिक दबाव भी घटेगा.


tr


यूनिफॉर्म साइनेज – एकरूपता का उदाहरण


ताज होटल क्षेत्र, जहाँ रोजाना सैकड़ों पर्यटक आते हैं, वहाँ यूनिफॉर्म डिज़ाइन वाले साइनेज बोर्ड लगाए जा रहे हैं. इससे जगह-जगह अलग-अलग बोर्डों की अव्यवस्था समाप्त होगी.

एकरूपता आने से पूरा इलाका आकर्षक और व्यवस्थित दिखेगा. वहीं पर्यटकों को रास्ता समझने और गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी.


fr


ALSO READ : पीएम बनारस मेः अजय राय समेत कई कांग्रेसी व सपा नेता हिरासत में, शाम को होंगे रिहा


काशी की नई पहचान


वाराणसी विकास प्राधिकरण का कहना है कि ये सभी परियोजनाएं शहर को न सिर्फ सजाएंगी बल्कि ‘क्लीन, ग्रीन एंड स्मार्ट वाराणसी’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी. स्थानीय नागरिक भी इन परिवर्तनों से उत्साहित हैं और मानते हैं कि यह पहल काशी को विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में और भी अधिक मजबूती देगी. इन पहलों के ज़रिए आने वाले दिनों में वाराणसी केवल आस्था की नगरी ही नहीं, बल्कि आधुनिकता और संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर देश-दुनिया के सामने खड़ा होगा.

मौनी अमावस्या कब है, जाने स्नान-दान का समय
मौनी अमावस्या कब है, जाने स्नान-दान का समय
Mauni Amavasya 2026: हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या का काफी महत्व होता है. हिंदू धर्म की पवित्र तिथियों में ये अमावस्या एक खास पर्व माना जाता है. इस दिन स्नान, दान, तर्पण, व्रत, मौन, साधना करने का विशेष महत्व है. इस पावन दिन पर श्रद्धालु संगम तट या फिर पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं और जरूरतमंदों में दान भी करने की परंपरा को निभाते हैं. पितृ तर्पण और मौन व्रत के लिए भी मौनी अमावस्या का दिन काफी श्रेष्ठ होता है.कब है मौनी अमावस्या बता दें, मौनी अमावस्या इस साल रविवार 18 जनवरी 2026 को पड़ रही है. हालांकि तिथि को लेकर भक्त काफी असमंजस में हैं कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को है या 19 जनवरी को है. तिथि में कंफ्यूजन होने के कारण स्नान-दान के शुभ मुहूर्त में भी दुविधा है. इसलिए, माघ अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी को देर रात 12 बजकर 3 मिनट से शुरू होगी और 19 जनवरी को देर रात 1 बजकर 21 तक रहेगी. 18 जनवरी उदयातिथि और पूरे दिन अमावस्या रहेगी. ऐसे में इसी तिथि पर मौनी अमावस्या मनाई जाएगी.मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का समय कहा जाता है कि, मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयाग के संगम समेत पवित्र नदियों में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. लोग तड़के सुबह से ही पवित्र नदियों के तट पर पहुंचकर स्नान करते हैं. मान्यता है कि, इस दिन किया गया स्नान पापों का नाश करता है और पुण्य में वृद्धि होती है. इसलिए इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान का काफी महत्व बढ़ जाता है. इस बार तो मौनी अमावस्या के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है. साथ ही इस दिन पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का शुभ संयोग भी रहेगा.इन तिथियों में स्नान के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त को सबसे उत्तम माना जाता है. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के लिए सुबह 05.27 से 06.21 मिनट तक का समय रहेगा. वहीं दोपहर में स्नान के लिए दोपहर 12.10 से 12.53 मिनट तक का समय है. स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें. इसके बाद पितरों को जल से तर्पण देकर आप अपनी क्षमतानुसार दान-दक्षिणा कर सकते हैं.Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि इन मान्यताओं की पुष्टि journalistcafenews किसी भी हाल में नहीं करता है. इसलिए किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
आखिर कैसे चकनाचूर हुई Salim-Javed की आईकॉनिक जोड़ी?
आखिर कैसे चकनाचूर हुई Salim-Javed की आईकॉनिक जोड़ी?
Salim-Javed: जावेद अख्तर और सलीम खान ने अलग होने से पहले 24 फिल्मों में साथ काम किया था, जिनमें से 22 हिट रही थी. जिनमें दीवार, शोले, डॉन और जंजीर जैसी फिल्में हिंदी सिनेमा को देने वाली मशहूर जोड़ी सलीम-जावेद पर प्राइम वीडियो ने डॉक्युसीरीज एंग्री यंग मेन रिलीज की है. इस सीरीज में सलीम-जावेद जोड़ी के सलीम खान और जावेद अख्तर से जुड़ी अनदेखी और अनकही बातों को पेश किया गया है. इस सुपरहिट जोड़ी ने एक साथ 24 फिल्मों की कहानी संग संवाद लिखे जो ब्लॉकबस्टर रही. लेकिन 21 जून 1981 को ये जोड़ी ऐसे टूटी मानों इन दोनों के बीच का एक गहरा रिश्ता चकनाचूर हो गया. वो जोड़ी जिसका कलम चलाना फिल्म के हिट होने की गारंटी थी.पल भर में कैसे बिखर गई बेस्ट जोड़ीये वहीं जोड़ी है जिसने विज्ञापन देकर शोले के हर सेंटर से एक करोड़ रुपये कमाने का दावा किया था, फिर फिल्म का ये आंकड़ा तीन करोड़ तक पहुंच गया. वो जोड़ी जिसने जंजीर के पोस्टर पर खुद ही एक पेंटर को पैसे देखकर सलीम जावेद का नाम लिखवा दिया था. वो जोड़ी जो एक समय फिल्म के हीरो से ज्यादा फिल्म लिखने की फीस ले रही थी. इस जोड़ी ने सिर्फ 18 दिन के अंदर ब्लॉकबस्टर फिल्म दीवार लिख डाली थी. इतनी खूबिया होने के बाद भी ये जोड़ी बिखर कर रह गई, जिसका कारण हर कोई जानना चाहता है.इसे लेकर एंग्री यंग मेन में एक प्रसिद्ध भारतीय कवि, गीतकार और पटकथा लेखक हैंजावेद अख्तर खुद बताते हैं कि जोड़ी कैसे टूटी. उन्होंने बताया कि करियर का बसंत जा रहा था. हमारे काम में थकान आ रही थी. कभी हम दोनों 24 में से 18 घंटे साथ रहते थे. लेकिन अब हमारे सर्कल अलग हो रहे थे. दोस्त अलग हो रहे थे. इस तरह मैंने अलग होने का फैसला लिया, इस पर सलीम खान ने कहा कि जावेद अलग होना चाहते थे. ऐसे में रोकने के कोई मायने नहीं थे. इस तरह 1981 में भारतीय सिनेमा के इतिहास की ये सबसे सफल जोड़ी अलग हो गई.सलीम और जावेद के अलग होने पर रो पड़ी स्क्रिप्टराइटिंग पर अफसोस सलीम और जावेद के अलग होने के बाद ये जोड़ी अकेले-अकेले स्क्रिप्टराइटिंग की दुनिया में कुछ भी यादगार नहीं कर सकी. हालांकि सलीम खान ने नाम जैसी फिल्म लिखी और जावेद अख्तर ने बेताब, मशाल और अर्जुन जैसी फिल्में. लेकिन सलीम-जावेद जैसा इतिहास ये दोहरा नहीं पाए. हालांकि सलीम-जावेद से अलग होने के बाद जावेद अख्तर ने गीतकार के तौर पर अपनी पहचान कायम कर ली. उनके सलीम खान से अलग होने की एक वजह उनका लिरिक्स की दुनिया की ओर रुझान भी बताया जाता है. लेकिन इस जोड़ी का अलग होना सिर्फ उनके फैन्स का नुकसान था बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी बहुत बड़ा आघात था.
वाराणसी में आज बूथ पर मतदाता सूची पढ़ेंगे बीएलओ
वाराणसी में आज बूथ पर मतदाता सूची पढ़ेंगे बीएलओ
वाराणसी : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 18 जनवरी रविवार को बूथ पर मतदाता सूची पढ़े जाने की तिथि नियत की गयी है. इस तिथि पर सभी बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने नियत मतदेय स्थलों पर प्रातः 10.30 बजे से सायं 4.30 बजे तक ए०एस०डी०/अन कलेक्टेबल सूची के साथ उपस्थित रहकर आलेख्य मतदाता सूची पढ़ेंगे तथा फार्म-6, 6ए 7 एवं 8 प्राप्त करेंगें.अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिपिन कुमार ने बताया कि उक्त तिथि पर जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा पर्यवेक्षकीय अधिकारियों द्वारा बूथों का भ्रमण किया जायेगा. भ्रमण के दौरान यदि कोई बूथ लेविल आफिसर अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी. उक्त अभियान दिवसों के दिन जनपद के समस्त शिक्षण संस्थान/कार्यालय एवं अन्य संस्थान जहाँ पर मतदेय स्थल स्थापित है, खुले रहेंगे.ALSO READ : जनसंचार बनाम सोशल मीडिया : पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है - प्रो. केजी सुरेशउन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि 18 जनवरी को अपने निर्दिष्ट बूथ पर जाकर आलेख्य प्रकाशित मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं तथा 01 जनवरी, 2026 को जिनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो गयी हो अथवा पूर्ण हो रही हो और उनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नही हो पाया है, वे उक्त तिथि को अपने मतदान केन्द्र पर उपस्थित होकर निर्वाचक नामावली में अपना नाम सम्मिलित कराने हेतु फार्म-6 मय घोषणा पत्र (अनुलग्नक-4) के साथ निर्धारित प्रपत्र (नए मतदाताओं के लिए), फार्म-7 (मतदाता सूची से नाम अपमार्जन हेतु) एवं फार्म-8 (मतदाता सूची में प्रविष्टि में संशोधन अथवा स्थानान्तरण किये जाने हेतु) में पूर्ण विवरण भरकर एवं आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर बी.एल.ओ. को उपलब्ध करा दें. मतदाताओं द्वारा ऑनलाइन के माध्यम से आयोग के ऐप ECINET mobile app एवं वेबसाइट https://voters.eci.gov.in के माध्यम से भी फार्म-6 (घोषणा-पत्र के साथ निर्धारित प्रपत्र) फार्म-7 एवं फार्म-8 भरकर सबमिट कर सकते हैं.