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अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर बनारस लोकोमोटिव का लहरा रहा परचम, बना निर्यात केंद्र

अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर बनारस लोकोमोटिव का लहरा रहा परचम, बना निर्यात केंद्र
Dec 17, 2025, 07:20 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू) ने एक बार फिर लोकोमोटिव निर्माण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है. 15 दिसंबर 2025 को बीएलडब्ल्यू द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की छठी इकाई मोज़ाम्बिक के लिए सफलतापूर्वक रवाना की गई.

एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, बीएलडब्ल्यू को मोज़ाम्बिक के लिए 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक के कुल 10 लोकोमोटिव के निर्यात का ऑर्डर प्राप्त हुआ है. इन लोकोमोटिव की आपूर्ति एम/एस राइट्स (RITES) के माध्यम से की जा रही है, जिसके तहत 10 लोकोमोटिव के निर्माण और निर्यात का अनुबंध किया गया है.

पहले दो लोकोमोटिव जून 2025 में भेजे गए थे. इसके बाद तीसरा सितंबर, चौथा अक्टूबर में और पांचवां लोकोमोटिव 12 दिसंबर को प्रेषित किया गया. छठा लोकोमोटिव 15 दिसंबर को रवाना किया गया. यह निर्यात वैश्विक स्तर पर लोकोमोटिव निर्माण में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है.


जाने लोकोमोटिव की खूबियां


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बीएलडब्ल्यू द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक 3300 हॉर्स पावर के केप गेज (1067 मिमी) लोकोमोटिव 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से संचालन में सक्षम हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चालक-अनुकूल सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट, मोबाइल होल्डर तथा आधुनिक कैब डिज़ाइन शामिल हैं, जो चालक के आराम और परिचालन दक्षता को सुनिश्चित करती हैं.

भारतीय रेलवे के अंतर्गत आने वाला सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम बीएलडब्ल्यू, वाराणसी स्थित है और लोकोमोटिव निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है. स्वदेशी डिज़ाइन और उन्नत रेलवे तकनीक के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से बीएलडब्ल्यू वैश्विक रेलवे बाजार में भारत की उपस्थिति को सशक्त बना रहा है. वर्ष 2014 से अब तक बीएलडब्ल्यू श्रीलंका, म्यांमार और मोज़ाम्बिक जैसे देशों को लोकोमोटिव का निर्यात कर चुका है, जिससे वहां की रेलवे प्रणालियों के विकास को समर्थन मिला है.


मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड की परिकल्पना के अनुरूप


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मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड की परिकल्पना के अनुरूप, ये निर्यात विभिन्न देशों में प्रचलित अलग-अलग गेज प्रणालियों के लिए रोलिंग स्टॉक के डिज़ाइन, निर्माण और आपूर्ति की भारतीय रेलवे की क्षमता को प्रदर्शित करते हैं. ऐसे प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेलवे साझेदार देशों के रेलवे अवसंरचना के उन्नयन में सहयोग कर रहा है, साथ ही विश्वसनीय रेलवे उपकरण निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति को भी मजबूत कर रहा है.

अब तक भारत ने यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी और इटली जैसे यूरोपीय देशों को मेट्रो कोच, बोगियां, यात्री कोच, लोकोमोटिव और अन्य महत्वपूर्ण रेलवे उपकरणों का निर्यात किया है. अफ्रीका में मोज़ाम्बिक, रिपब्लिक ऑफ गिनी, दक्षिण अफ्रीका आदि देश शामिल हैं। इसके अलावा म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मेक्सिको जैसे देशों को भी रेलवे उपकरणों का निर्यात किया गया है.

गंगा नदी में स्नान कर रहा युवक गहरे पानी में डूबा,  NDRF के जवानों ने बचाई जान
गंगा नदी में स्नान कर रहा युवक गहरे पानी में डूबा, NDRF के जवानों ने बचाई जान
वाराणसी: दशाश्‍वमेध थाना क्षेत्र के मीर घाट पर बीते मंगलवार को एनडीआरएफ के जांबाजों ने महज कुछ ही पलों में रोमांचक बचाव में बदल दिया. गंगा के पवित्र जल में स्नान कर रहा भदोही जिले का 18 वर्षीय एक युवक अचानक असंतुलित होकर गहरे पानी में बहने लगा और डूबने की कगार पर पहुंच गया. घटना के समय मीर घाट पर 24 घंटे की पिकेट ड्यूटी पर तैनात एनडीआरएफ के जवानों ने देरी न करते हुए गंगा में छलांग लगा दी और डूब रहे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. प्राथमिक उपचार के बाद युवक की हालत खतरे से बाहर बताई गई.एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के कुशल निर्देशन में बल की टीमें इन दिनों गंगा घाटों पर लगातार गश्त कर रही हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और स्नान-पूजन के दौरान होने वाली छोटी-मोटी असावधानियों को देखते हुए एनडीआरएफ के जवान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहते हैं.श्रद्धालुओं ने की NDRF टीम की तारीफइस साहसिक बचाव कार्य को देखकर आसपास मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एनडीआरएफ टीम की जमकर वाहवाही की. कई लोगों ने कहा, “एनडीआरएफ के जवान वाकई हमारे जीवन रक्षक हैं. उनका साहस और तत्परता देखकर गर्व होता है.” वाराणसी में इन दिनों मां गंगा के तट पर पुण्य स्नान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में एनडीआरएफ की यह त्वरित और पेशेवर प्रतिक्रिया एक बार फिर साबित करती है कि आस्था के इस पावन शहर में सुरक्षा के हर पहलू पर पूरी नजर रखी जा रही है. एनडीआरएफ ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा स्नान के दौरान सावधानी बरतें, गहरे पानी से दूर रहें और किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत आसपास मौजूद बचाव दल को सूचित करें.
होली मिलन के जरिए जनाधार जोड़ने की कवायद, घर घर पहुंचेंगे भाजपाई
होली मिलन के जरिए जनाधार जोड़ने की कवायद, घर घर पहुंचेंगे भाजपाई
वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी में जनाधार जोड़ने की कवायद चल रही है. होली को राजनीतिक संदेश के साथ गांठते हुए भाजपा ने बड़ा संगठनात्मक अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है. पार्टी के 14 प्रमुख विषयों को लेकर कार्यकर्ता होली पर घर-घर पहुंचेंगे. हाल ही में तीन राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच इन मुद्दों पर मंथन हुआ था, जिसके बाद अब इन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति बनाई गई है. होली मिलन कार्यक्रमों के जरिये भारतीय जनता पार्टी अपने संगठनात्मक एजेंडे को आमजन तक पहुंचाने की तैयारी में है.प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बैठक की थी. इसके बाद पार्टी नेताओं ने रणनीति तैयार कर ली है. स्पष्ट निर्देश दिए कि 14 प्रमुख विषयों को हर बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए. पिछले दिनों बनारस में तीन राज्यों के बड़े पदाधिकारियों के बीच हुई रणनीतिक चर्चा में 14 विषयों पर सहमति बनी थी. अब इन्हें संगठित अभियान के रूप में लागू किया जा रहा है. बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को सीधे मतदाताओं से जोड़ने की योजना है.ये होंगे मुद्दे भाजपा का इतिहास और विकास, चुनाव प्रबंधन, वैचारिक अधिष्ठान, समन्वय की भूमिका, कार्यपद्वति, विचार परिवार, संगठन विस्तार, कार्यकर्ता विकास, बूथ प्रबंधन, कार्यालय संचालन, सरकार की उपलब्धियां, मोदी सरकार की योजनाएं, सोशल मीडिया और नमो एप, एआई आधारित सरल एप.आरएसएस ने भी कसी कमरराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कमर कसते हुए अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं. जमीनी स्तर पर कैडर को सक्रिय करने और सामाजिक संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर काम शुरू हो चुका है. सूत्रों के अनुसार, संघ की ओर से शाखाओं और आनुषांगिक संगठनों के जरिये बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना बनाई गई है. हर बूथ पर संपर्क प्रमुख तय करने और मतदाता सूची के सूक्ष्म अध्ययन पर जोर दिया जा रहा है.
विदेश मंत्रालय ने US के दावों की खोली पोल, कहा- ईरान पर मिसाइलें नहीं दाग रहा अमेरिका
विदेश मंत्रालय ने US के दावों की खोली पोल, कहा- ईरान पर मिसाइलें नहीं दाग रहा अमेरिका
Iran Israel War: भारत ने अमेरिका के अपने बंदरगाहों का इस्तेमाल करके ईरान पर हमला करने के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने इसे 'बेबुनियाद' और 'झूठा' बताया है. यह प्रतिक्रिया तब आई जब पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क यानि (OAN) को दिए एक इंटरव्यू में साफ तौर पर कहा कि,अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ जंग में भारतीय नौसैनिक अड्डों और बंदरगाहों पर निर्भर हो गई है. इसी के आगे मैकग्रेगर ने कहा कि, "हमारे सभी बेस तबाह हो चुके हैं. हमारे बंदरगाह सुविधाएं नष्ट हो गई हैं. हमें अब भारत और भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो आदर्श नहीं है." लेकिन भारत ने इन बातों को सिरे से नकार दिया है.विदेश मंत्रालय ने दावे को किया खारिजविदेश मंत्रालय के फैक्टचेक अकाउंट ने एक्स पर पोस्ट किया, "OAN पर किए जा रहे दावे फेक और फॉल्स हैं, हम आपको ऐसी बेबुनियाद और गढ़ी गई टिप्पणियों से सावधान करते हैं." भारत ने स्पष्ट किया कि उसके बंदरगाहों का अमेरिकी नौसेना की ओर से ईरान के खिलाफ किसी भी ऑपरेशन में इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, यह खबर ऐसे समय आई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. भारत ने क्षेत्रीय संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने, बढ़ोतरी रोकने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है.ईरान पर अटैक के लिए भारतीय बंदरगाहों का उपयोगबता दें, भारत उन दावों को खारिज करता है जिनमें ये कहा जा रहा था कि अमेरिका, ईरान पर अटैक करने के लिए भारतीय बंदरगाहों का उपयोग कर रहा है, भारत ने इन आरोपों को 'बेबुनियाद और मनगढ़ंत' ठहराया है. भारतीय विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई जब अमेरिका के पूर्व आर्मी कर्नल Douglas Macgregor, अमेरिकी न्यूज चैनल One America News Network (OANN) को दिए एक इंटरव्यू में बोले कि अमेरिकन नेवी, ईरान-अमेरिका संघर्ष में ईरान पर अटैक करने के लिए इंडियन नेवी के ठिकानों पर निर्भर है.अमेरिकी पूर्व आर्मी कर्नल ने बोला झूठइस इंटरव्यू में Douglas Macgregor का दावा था कि अमेरिका की नेवी का इन्फ्रास्ट्रक्चर भारी नुकसान झेल चुका है, इसकी वजह से उसे भारत के बंदरगाहों पर डिपेंड होना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, 'हमारे करीब-करीब सभी बेस तबाह हो चुके हैं. हमारे पोर्ट्स की सुविधाएं भी नष्ट हो गई हैं, ऐसे में हमें भारत और इंडियन पोर्ट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जो आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन यही नेवी का कहना है.'हालांकि, इन दावों को खारिज करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल फैक्ट चेक यूनिट ने OANN पर चल रही इन खबरों को 'फर्जी और झूठा' कहा, मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में लोगों को भारत के रोल को लेकर 'बेबुनियाद और मनगढ़ंत' बयान फैलाने से अलर्ट रहने की सलाह दी गई.