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प्रतिबंधित चाइनीज मांझ से जौनपुर में फिजियोथेरेपिस्‍ट की मौत, वाराणसी में 10 घायल

प्रतिबंधित चाइनीज मांझ से जौनपुर में फिजियोथेरेपिस्‍ट की मौत, वाराणसी में 10 घायल
Jan 15, 2026, 08:13 AM
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Posted By Monisha Rai

वाराणसी : मकर संक्रांति पर जान लेवा प्रतिबंधित चाइनीज मांझा के शिकार हो रहे हैं. जौनपुर-आजमगढ़ राजमार्ग पर पंचहटिया तिराहे के समीप बुधवार की दोपहर पौने एक बजे पतंग के चीनी मांझे से फिजियोथेरेपिस्ट समीर हाशमी (25) का गला कट गया. उनकी मौके पर ही मौत हो गई. जहां हादसा हुआ, वहां की सड़क खून से लाल हो गई. वह जिला अस्पताल से बाइक से घर लौट रहे थे. इसी बीच गले में चीनी मांझा फंस गया. मामले में लाइन बाजार थाने की पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है. इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को जौनपुर में ही निजी विद्यालय के प्रधानाध्यापक संदीप त्रिपाठी की चीनी मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई थी.


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केराकत कोतवाली क्षेत्र के शेखजादा मोहल्ला निवासी समीर हाशमी फिजियोथेरेपिस्ट थे। केराकत बाजार में उनकी क्लीनिक है. पिता मुकीम के मुताबिक समीर सुबह जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को व्यायाम कराने और डॉक्टर से मिलने की बात कहकर बाइक से जौनपुर गए थे. अपना काम निपटाकर बाइक से घर लौट रहे थे. हेलमेट भी लगा रखा था. पचहटिया तिराहे के समीप चीनी मांझे की चपेट में आ गए. इससे गला पूरी तरह से कट गया. समीर के पिता बैंडबाजा का काम करते हैं. समीर चार भाइयों में सबसे छोटे थे.


वाराणसी में दस घायल


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आसमान में उड़ती पतंग की डोर में लगे चीन के मांझे ने वाराणसी में बुधवार को 10 लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. चीन के जानलेवा मांझे से किसी की गर्दन, किसी की नाक और किसी का हाथ या बांह कट गया. जैकेट और गले में लपेटे मफलर ने अधिकतर लोगों की जान बचा ली. बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में सुबह से देर शाम तक छह घायलों को भर्ती कराया गया. इसके अलावा मंडलीय, जिला और राजकीय अस्पतालों तथा निजी अस्पतालों में भी चीनी मांझे से घायल लोगों का उपचार किया गया. फ्लाईओवर और दोपहिया वाहन सवार लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए.


मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के बरेका रोड, ककरमत्ता में बाइक सवार ऋषभ वर्मा (27) का गला चीन के मांझे से कट गया. उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गले में सात टांके लगाए गए. दुर्गाकुंड में उपकेंद्र नगर पार्क के सामने स्कूटी सवार कृति गिरी के बायें गाल पर मांझे से कट लगा. हेलमेट पहनने की वजह से उसका गला और नाक बच गया.

सामनेघाट पुल पर बाइक सवार जितेंद्र मौर्य की दोनों पलकों और नाक पर गहरा कट आया. चुरामनपुर निवासी जितेंद्र को रामनगर राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. चिकित्सकों के अनुसार स्थिति फिलहाल स्थिर है. वहीं, रामनगर-पड़ाव क्षेत्र में सैफ (22), अमृता (26) और अमन गुप्ता (28) को भी रामनगर राजकीय अस्पताल में उपचार दिया गया. लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में बाइक सवार राजेंद्र (52) का गर्दन पर गहरा कट लग गया. उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. बरेका परिसर में टेलीफोन एक्सचेंज में कार्यरत टेक्नीशियन संतोष त्रिपाठी का गर्दन और ढूढ़ी कट गई. उन्हें तुरंत बरेका केंद्रीय अस्पताल में उपचार कराया गया.


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डीसीपी गोमती की अपील... गले में लपेटें मफलर


डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल ने शहरवासियों से अपील की है कि कुछ दिनों तक दोपहिया वाहन से यात्रा करते समय अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अनिवार्य रूप से मानक हेलमेट का प्रयोग करें. साथ ही चीन के मांझे से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए गले की सुरक्षा के लिए मफलर, स्कार्फ अथवा अन्य सुरक्षात्मक वस्त्र अवश्य पहनें.दो पहिया वाहन के आगे यू आकार का लोहे का तार लगाएं.

बीएचयू की इन विभूतियों को मिला पद्म सम्‍मान, संगीत, शिक्षा और चिकित्‍सा क्षेत्र में योगदान सराहनीय
बीएचयू की इन विभूतियों को मिला पद्म सम्‍मान, संगीत, शिक्षा और चिकित्‍सा क्षेत्र में योगदान सराहनीय
वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से जुडे तीन विभूतियों को पद्म सम्‍मान से सुशो‍भित किया गया है. इनमें बीएचयू की पूर्व परफार्मिंग आर्ट्स संकाय प्रमुख प्रो. एन राजम को रविवार को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. एन. राजम का जन्म 8 अप्रैल 1938 को चेन्नई में एक संगीत घराने में हुआ. वह एक प्रसिद्ध भारतीय वायलिन वादक हैं, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अपनी विशेष पहचान रखती हैं. उन्होंने बीएचयू में संगीत की प्रोफेसर के रूप में कार्य किया और बाद में विभाग की प्रमुख तथा प्रदर्शन कला संकाय की डीन बनीं.प्रो. राजम को 2012 में संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप से भी सम्मानित किया गया, जो भारत की राष्ट्रीय संगीत, नृत्य और नाटक अकादमी द्वारा प्रदत्त सर्वोच्च सम्मान है. उनके पिता, विद्वान ए. नारायण अय्यर, कर्नाटक संगीत के प्रसिद्ध प्रतिपादक थे, उनके भाई टी.एन. कृष्णन भी कर्नाटक शैली के एक प्रख्यात वायलिन वादक रहे हैं. राजम ने अपने पिता के मार्गदर्शन में कर्नाटक संगीत का प्रारंभिक प्रशिक्षण लिया और मुसिरी सुब्रमणिया अय्यर से भी शिक्षा प्राप्त की. प्रो. राजम का विवाह चार्टर्ड अकाउंटेंट टी.एस. सुब्रमणियन से हुआ, जिनका कार्य भारतीय जीवन बीमा निगम में था. उनकी सास, पद्मा स्वामिनाथन, एक सामाजिक कार्यकर्ता और कर्नाटक संगीत गायिका थीं. दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका वाणी जयराम उनकी भाभी हैं.एसिड अटैक की पहली सर्वाइवर हैं प्रो मंगला कपूरसंगीत साधना में काशी का अप्रत‍िम योगदान रहा है. इसी कड़ी में बीएचयू की सेवान‍िवृत्‍त प्रोफेसर मंगला कपूर को रव‍िवार को पद्मश्री सम्‍मान देने की घोषणा की गई. वह एक प्रेरणादायक संगीतकार और एसिड अटैक सर्वाइवर के तौर पर देश में जानी जाती हैं. उनको पूर्व में भी कई सम्मान म‍िल चुके हैं. प्रोफेसर मंगला कपूर भारत की पहली एसिड अटैक सर्वाइवर हैं, ज‍िन्‍होंने अपने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना किया है. 1965 में उन पर एसिड हमला हुआ, जिसके बाद उन्हें छह साल तक अस्पताल में रहना पड़ा. इस कठिन समय के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी शिक्षा को जारी रखा. मंगला ने बीएचयू से अपनी पढ़ाई पूरी की और वहीं प्रोफेसर के पद पर नियुक्त हुईं. उनका संगीत में योगदान भी उल्लेखनीय है. मंगला कपूर ग्वालियर घराने से जुड़ी हुई हैं और शास्त्रीय संगीत की शिक्षिका हैं. उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करते हुए अनेक छात्रों को संगीत की शिक्षा दी है. उनकी मेहनत और समर्पण के कारण उन्हें "काशी की लता मंगेशकर" के नाम से भी जाना जाता है.मंगला कपूर न केवल एक संगीतकार हैं, बल्कि वे समाज सेवा में भी सक्रिय हैं. वे निशुल्क संगीत सिखाती हैं, जिससे वे समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को संगीत की शिक्षा देकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं. उनके जीवन पर आधारित एक मराठी फिल्म "मंगला" 17 जनवरी 2025 को रिलीज हो चुकी है. यह फिल्म उनकी संघर्षों और उपलब्धियों पर आधार‍ित है.प्रो श्‍याम सुंदर अग्रवाल का कालाजार के निदान और उपचार में है योगदानप्रो. श्याम सुंदर को कालाजार के निदान और उपचार में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस बार पद्मश्री सम्‍मान द‍िया गया है. इसके पूर्व राष्ट्रपति द्वारा 'विजिटर पुरस्कार' और 'डा. पीएन राजू ओरेशन' सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है. वे बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) के मेडिसिन विभाग में प्रसिद्ध प्रोफेसर हैं. प्रो. श्याम ने लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी की एक खुराक से कालाजार के उपचार की विधि विकसित की है, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मान्यता प्राप्त है.ALSO READ : गणतंत्र दिवस पर श्रीकाशी विश्‍वनाथ धाम में ध्‍वजारोहण, राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ भारत माता आराधनाउनके द्वारा विकसित की गई एकल खुराक लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी को कालाजार नियंत्रक कार्यक्रम में भारत में उपयोग किया जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने कालाजार के उपचार में मल्टी ड्रग थेरेपी का सफल परीक्षण भी किया, जिसे डब्ल्यूएचओ ने अनुमोदित किया. पेरेमोमाइसीन और मिल्टेफोसीन दवा का संयोजन अब राष्ट्रीय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रो. श्याम ने कालाजार के उपचार के लिए पहली बार प्रभावी दवा मिल्टेफोसीन भी विकसित की है. यह दवा भारत, नेपाल और बांग्लादेश में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है और अब यह दवा विश्व स्तर पर उपयोग की जा रही है. इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरके-39 स्ट्रीप जाच का परीक्षण भी किया, जो कालाजार के निदान में एक महत्वपूर्ण कदम है.MusicLegend
गणतंत्र दिवस पर श्रीकाशी विश्‍वनाथ धाम में ध्‍वजारोहण, राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ भारत माता आराधना
गणतंत्र दिवस पर श्रीकाशी विश्‍वनाथ धाम में ध्‍वजारोहण, राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ भारत माता आराधना
वाराणसी : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में ध्वजारोहण किया गया. यह कार्यक्रम सुबह 08:30 बजे धाम स्थित प्रशासनिक कार्यालय, नीलकंठ भवन में अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ. इस ध्वजारोहण समारोह में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण, उप जिलाधिकारी पवन प्रकाश, डिप्टी कलेक्टर शम्भू शरण, नायब तहसीलदार मिनी एल. शेखर सहित मंदिर न्यास के सभी अधिकारीगण एवं कार्मिकगण उपस्थित रहे.सभी ने मिलकर राष्ट्रीय ध्वज का विधिवत ध्वजारोहण किया. ध्वजारोहण के पश्चात् राष्ट्रगान गाकर मातृभूमि को नमन किया गया. ध्वजारोहण समारोह के उपरांत, पिछले दो वर्षों में प्रारंभ किए गए नवाचार की निरंतरता में, श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित भारत माता की प्रतिमा पर श्रद्धा एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ भारत माता आराधना संपन्न की गई.इस वर्ष के नवीन नवाचार के अंतर्गत, राष्ट्रीय नेतृत्व की प्रेरणा से भारत माता की प्रतिमा स्थल पर स्थापित राष्ट्रीय ध्वज की आराधना का ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर डमरू वादन एवं शास्त्रीगणों द्वारा स्वस्तिवाचन के साथ तिरंगा ध्वज पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. इसके उपरांत, भारत माता एवं राष्ट्रीय ध्वज की विधिवत आरती संपन्न हुई.कार्यक्रम में मंदिर न्यास के सभी अधिकारीगण, कार्मिकगण एवं जनसामान्य की सहभागिता रही, जिन्होंने भारत माता के चरणों में नमन कर देश की समृद्धि एवं शांति की कामना की. सभी उपस्थित व्यक्तियों ने अपने विचार एवं मंतव्य प्रस्तुत किए. इस अवसर पर सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, संप्रभुता, शांति, प्रगति एवं विश्व कल्याण की कामना की.ALSO READ : मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने गणतंत्र दिवस पर किया ध्वजारोहण, संविधान की दिलाई शपथसभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करते हुए देश की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे. बाबा श्री काशी विश्वनाथ के आशीर्वाद से राष्ट्र की उन्नति एवं जनकल्याण में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया गया. गणतंत्र द‍िवस के कार्यक्रमों एवं आरती श्रृंगार में राष्ट्रीय पर्व की स्पष्ट झलक देखने को मिली. सोमवारीय रुद्राभिषेक में अविमुक्तेश्वर महादेव के अर्घ्य को राष्ट्रीय ध्वज के साथ अभिषेक किया गया. समस्त आरती श्रृंगार में भी तिरंगा थीम आधारित श्रृंगार किया गया.
मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने गणतंत्र दिवस पर किया ध्वजारोहण, संविधान की दिलाई शपथ
मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने गणतंत्र दिवस पर किया ध्वजारोहण, संविधान की दिलाई शपथ
वाराणसी : गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने कैंप कार्यालय व कमिश्नरी में तथा जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित राइफल क्लब व कैंप कार्यालय पर ध्वजारोहण किया. इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान गाया गया. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया. अधिकारियों द्वारा सभी को संविधान में उल्लेखित प्रस्तावना की शपथ भी दिलायी गयी.मंडलायुक्त ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए लोकतंत्र को मजबूत करने में सभी नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया. मंडलायुक्त ने अंग्रेजों के शासन के दौरान स्वतंत्रता आंदोलन में सेनानियों की भूमिका, गांधी जी के नमक सत्याग्रह को रेखांकित करते हुए देश की आजादी तथा संविधान निर्माण व नागरिक कर्तव्यों को याद दिलाया. उन्होंने संविधान को अंगीकृत करने तथा आने वाली पीढ़ियों को भी संविधान के सार्थकता से अवगत कराए जाने हेतु प्रेरित किया. देश के निर्माण में 200 सालों में बहुत कुर्बानियां हुई हैं. उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए अनवेरिफाइड सूचना से सतर्क रहने को कहा. समाज में लगातार सोशल मीडिया के द्वारा गलत सूचनाएं फैलायी जा रहीं जिनसे सभी को सतर्क रहने तथा नयी पीढ़ी को उसके दुष्प्रभाव से बचने को कहा. अंत में एक बार पुनः उन्होंने सभी को गणतंत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.ALSO READ : गणतंत्र दिवस पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में बिखरी देशभक्ति, मंगला आरती में मिला तिरंगा कलेवरगणतंत्र दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट में झण्डारोहण के बाद जिलाधिकारी ने संविधान में उल्लिखित प्रस्तावना की सभी को शपथ दिलाई और बालिकाओं व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को उपहार वितरित किया. तत्पश्चात जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण भी किया.