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वाराणसी में उलझी पतंगे कह रही रोपवे की कहानी, मंडलायुक्‍त बोले - लगाएंगे लगाम

वाराणसी में उलझी पतंगे कह रही रोपवे की कहानी, मंडलायुक्‍त बोले - लगाएंगे लगाम
Jan 15, 2026, 07:58 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : शहरी क्षेत्र को जोड़ने वाली कई सौ करोड़ रुपये की पहली रोपवे पर‍ि‍योजना में उलझी पतंगे कुछ और कहानी कह रही हैं. रोपवे के संचालन में इसे प्रमुख बाधा के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में पतंगों की उड़ान पर लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में मंडलायुक्‍त एस. राजल‍िंंगम ने बताया क‍ि इसके ल‍िए रोपवे के बायलॉज में पतंगों की उड़ान पर लगाम को पर‍ियोजना में शाम‍िल करने की तैयारी है. दरअसल रोपवे के केबल पर कई पतंगें इस समय लटकती नजर आ रही हैं. रोपवे के तारों पर फंसी तमाम पतंगों की स्‍थ‍ित‍ि रोपवे की हालत को बताने के ल‍िए काफी है.

रोप वे के तारों पर मजबूत मांझों की बाधा की संभावना को देखते हुए ही माना जा रहा है क‍ि रोपवे पर‍िक्षेत्र में पतंगों की उड़ान पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है. प्रस्‍ताव स्‍वीकृत होने के बाद रोपवे के आसपास के लोगों पर पतंगें उड़ाने पर प्रतिबंध लग जाएगा.


मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने बुधवार को बताया क‍ि सुरक्षा के दृष्टिकोण से पतंग उड़ाने के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला ल‍िया गया है. उन्होंने बताया कि पतंग की डोर, विशेषकर चीनी मांझा, अक्सर रोपवे के तारों में उलझ जाती है, जिससे रोपवे के संचालन में आगे गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं. इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए, तारों के दायरे में पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भेजा है. प्रस्‍ताव स्‍वीकृत होने के बाद प‍र‍िक्षेत्र में पतंगों की उड़ान पर स्‍थायी तौर पर प्रत‍िबंध लगाया जाएगा.


वहीं स्थानीय लोगों का भी कहना है क‍ि यह निर्णय सराहनीय है. बताया क‍ि इलाके के निवासियों को भी मानसिक रूप से इसके लिए तैयार रहना चाहिए. पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगाना बिलकुल जरूरी था, न सिर्फ इसलिए कि यह एक सीमित क्षेत्र में लागू किया गया है, बल्कि इसलिए भी कि हाल ही में आसपास हुई घटनाओं से लोगों के जीवन को खतरा पैदा हो गया था. इस फैसले में कोई बुराई नहीं है और सभी को सहयोग करना चाहिए, क्योंकि यह एक उचित प्रशासनिक निर्णय है.


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आयुक्त ने यह भी बताया कि पिछले कुछ समय में पतंग उड़ाने के दौरान कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें लोगों को चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है, और इस प्रकार के प्रतिबंध से नागरिकों और रोपवे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. आयुक्त ने यह भी कहा कि यह निर्णय केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के हित में लिया गया है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस निर्णय का सम्मान करें और समझें कि यह उनके और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए क‍ि‍तना आवश्यक है.

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर काफी किल्लते देखने को मिल रही है. जी हां, एलपीजी गैस संकट पर लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान दिया और कहा भारत 40 देशों से क्रूड ऑयल ले रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर पर पैनिक होने की कोई बात नहीं है. इतना ही नहीं हरदीप सिंह पुरी ने वेस्ट एशिया संकट पर ये भी कहा कि एनर्जी के इतिहास में दुनिया ने ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा था, होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है. संघर्ष पैदा करने में कोई भी भूमिका नहीं है, इसलिए भारत को किसी भी हाल में इसके सभी नतीजों से निपटना ही होगा.यह भी पढ़ें: गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात"भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित"मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों में ये बताया कि, भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के जरिए LPG का प्रोडक्शन 28% बढ़ा दिया गया है और असल में आगे की खरीद चल रही है. इस संकट में मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह के संकट से जूझना ना पड़े. घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है.हरदीप सिंह ने कहा- इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन सुरक्षितहरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, बड़े LNG कार्गो लगभग रोज दूसरे सप्लाई रास्तों से आ रहे हैं. भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई के इतने इंतजाम हैं कि लंबे समय तक लड़ाई चलने पर भी यह स्थिति बनी रहेगी. हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है. अब प्रोक्योरमेंट को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है और कार्गो को यूनाइटेड स्टेट्स, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मंगाया जा रहा है.
गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
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