वाराणसी में उलझी पतंगे कह रही रोपवे की कहानी, मंडलायुक्त बोले - लगाएंगे लगाम

वाराणसी : शहरी क्षेत्र को जोड़ने वाली कई सौ करोड़ रुपये की पहली रोपवे परियोजना में उलझी पतंगे कुछ और कहानी कह रही हैं. रोपवे के संचालन में इसे प्रमुख बाधा के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में पतंगों की उड़ान पर लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में मंडलायुक्त एस. राजलिंंगम ने बताया कि इसके लिए रोपवे के बायलॉज में पतंगों की उड़ान पर लगाम को परियोजना में शामिल करने की तैयारी है. दरअसल रोपवे के केबल पर कई पतंगें इस समय लटकती नजर आ रही हैं. रोपवे के तारों पर फंसी तमाम पतंगों की स्थिति रोपवे की हालत को बताने के लिए काफी है.
रोप वे के तारों पर मजबूत मांझों की बाधा की संभावना को देखते हुए ही माना जा रहा है कि रोपवे परिक्षेत्र में पतंगों की उड़ान पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है. प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद रोपवे के आसपास के लोगों पर पतंगें उड़ाने पर प्रतिबंध लग जाएगा.
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने बुधवार को बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से पतंग उड़ाने के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि पतंग की डोर, विशेषकर चीनी मांझा, अक्सर रोपवे के तारों में उलझ जाती है, जिससे रोपवे के संचालन में आगे गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं. इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए, तारों के दायरे में पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भेजा है. प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद परिक्षेत्र में पतंगों की उड़ान पर स्थायी तौर पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.
वहीं स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यह निर्णय सराहनीय है. बताया कि इलाके के निवासियों को भी मानसिक रूप से इसके लिए तैयार रहना चाहिए. पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध लगाना बिलकुल जरूरी था, न सिर्फ इसलिए कि यह एक सीमित क्षेत्र में लागू किया गया है, बल्कि इसलिए भी कि हाल ही में आसपास हुई घटनाओं से लोगों के जीवन को खतरा पैदा हो गया था. इस फैसले में कोई बुराई नहीं है और सभी को सहयोग करना चाहिए, क्योंकि यह एक उचित प्रशासनिक निर्णय है.
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आयुक्त ने यह भी बताया कि पिछले कुछ समय में पतंग उड़ाने के दौरान कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें लोगों को चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है, और इस प्रकार के प्रतिबंध से नागरिकों और रोपवे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. आयुक्त ने यह भी कहा कि यह निर्णय केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के हित में लिया गया है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस निर्णय का सम्मान करें और समझें कि यह उनके और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए कितना आवश्यक है.



