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बरेका और नगर निगम के बीच ₹45.30 करोड़ का एमओयू, जलभराव से मिलेगी स्थायी राहत.

बरेका और नगर निगम के बीच ₹45.30 करोड़ का एमओयू, जलभराव से मिलेगी स्थायी राहत.
Aug 11, 2026, 12:54 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : वाराणसी में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) और वाराणसी नगर निगम ने बड़ी पहल की है। दोनों संस्थाओं के बीच ₹45.30 करोड़ की समेकित वर्षा जल निकासी परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना के पूरा होने के बाद बरेका की पश्चिम कॉलोनी के साथ-साथ आसपास के नगर निगम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को जलभराव और आवागमन की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है.


एमओयू का आदान-प्रदान उत्तर प्रदेश सरकार के MSME राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी, बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की मौजूदगी में किया गया। बरेका की ओर से उप मुख्य अभियंता उत्पल कांत और नगर निगम की ओर से मुख्य अभियंता सुरेश चंद ने समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया.


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14.20 किलोमीटर लंबी होगी ड्रेनेज प्रणाली


प्रस्तावित परियोजना के तहत बरेका के पाहाड़ी गेट से चितईपुर रोड तक करीब 14.20 किलोमीटर लंबी समेकित वर्षा जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी। परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹45.30 करोड़ है। इसमें बरेका ₹24 करोड़, जबकि वाराणसी नगर निगम ₹21.30 करोड़ का योगदान देगा.


परियोजना के पूरा होने से बरेका की पश्चिम कॉलोनी में स्थित रेलवे आवासों को बारिश के पानी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। इससे भवनों की दीर्घकालिक मजबूती बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.


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हजारों लोगों को मिलेगा फायदा


बरेका से सटे नगर निगम क्षेत्रों में हर साल बारिश के दौरान जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन भी प्रभावित होता है। नई ड्रेनेज प्रणाली के निर्माण से इन क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी, जिससे मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक सागर सहित नगर निगम के पार्षद और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवा
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वाराणसी : शहर के खजुरी और पांडेयपुर में एक बार फिर पोस्टर को लेकर सियासी घमासान को हवा दी जा रही है. पांडेयपुर चौराहे पर बने ओवरब्रिज पर एक बैनर लगा है, जो लोगों में चर्चाओं को ज्‍नम दे रहा है. इस बैनर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, रमाकांत यादव, उमाकांत यादव की तस्वीरें लगी हैं.बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, "माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश." यह पोस्टर शहर में राजनीतिक गलियारों में बहस का मुद्दा बन गया है.पांडेयपुर चौराहे की बात की जाए तो यह शहर के प्रमुख चौराहों में से एक है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं. ऐसे में यहां लगे इस राजनीतिक संदेश वाले बैनर पर राहगीरों और आसपास के लोगों की नजर पड़ रही है.ALSO READ : जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौतइस बैनर के जरिए अखिलेश यादव और उनके कार्यकाल को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश हुई है. हालांकि, इसे किस व्यक्ति या संगठन ने लगाया है, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. बैनर लगाने के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या है, यह भी साफ नहीं हो पाया है. लखनऊ से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक पोस्टर वार के जरिए राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. अखिलेश के खिलाफ इस पोस्‍टर को कई जगह सपाइयों ने फाड़ डाले.
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
वाराणसी : कपसेठी बाजार में शनिवार को एक जनरल स्टोर में रखे पटाखों में अचानक विस्फोट से घायल पांच साल के मासूम कार्तिक जायसवाल की मौत हो गई. विस्फोट इतना जबरदस्‍त रहा कि बारजा ढह गया. दुकान के दरवाजे, खिड़की और दीवार की रेलिंग टूट गई. बाजार से लगभग 200 मीटर दूर तक धमाके से ग्रामीण दहल गए. मासूम घर का इकलौता चिराग था.भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज से बच्चे के शव को पुलिस ने पंचायतनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया. सूचना के बाद गोमती जोन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली. कार्तिक माता-पिता का इकलौता बेटा था. शुक्रवार को कार्तिक का पांचवां जन्मदिन था. ननिहाल से कार्तिक रात में ही घर लौटा था. खिलौने आदि भी ननिहाल से उपहार में कार्तिक को मिले थे. खिलौने लेकर वह तीसरी मंजिल पर गया था. अचानक फुलझड़ी जलाने के दौरान ही तेज धमाका हो गया. इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. पिता आशीष और मां का रो-रोकर हाल खराब हो गया.कपसेठी थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार में आशीष जायसवाल का मकान है. मकान में ही जायसवाल जनरल स्टोर संचालित है. सुबह लगभग 8 बजे के बाद आशीष का बेटा कार्तिक जायसवाल खेलते हुए तीसरी मंजिल की दुकान पर जा पहुंचा. इस बीच वह फुलझड़ी जलाने का प्रयास कर रहा था कि अचानक एक बोरे में तेज धमाका हो गया. धमाके की गूंज से मकान समेत बाजार दहल उठा. तीसरे तल के आगे का बारजा ढह गया. दुकान की रेलिंग, खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए.ALSO READ : एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...कार्तिक जायसवाल लहूलुहान होकर अचेत हो गया. परिजन तुरंत उसे लेकर कपसेठी चौराहे स्थित शर्मा क्लिनिक पर गए, जहां हालत गंभीर होता देख चिकित्सकों ने हेरिटेज अस्पताल में रेफर किया. उपचार के दौरान मौत हो गई. वहीं, स्थानीय लोगों को कहना है कि एक माह बाद ही दशहरा और दिवाली है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है.
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव निवासी अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से ठगों ने एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख रुपये उड़ा लिए. मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस जांच में जुट गई है.अंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है. इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के रूप में 9.03 लाख रुपये आए थे. 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच उनके संयुक्त खाते से अलग-अलग माध्यमों से 6,51,783 रुपये निकल गए.इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा स्थित एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाल लिए गए. कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई. पीड़िता के मुताबिक, उनके वाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी. फाइल पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल और खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद खाते से रकम निकलती चली गई. खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.ALSO READ: दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धिसाइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है. पुलिस लेनदेन से जुड़े विवरण और एपीके फाइल भेजने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर रही है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. थाना प्रभारी ने कहा कि वाट्सएप या एसएमएस पर अनजान नंबरों से आने वाली किसी भी एपीके फाइल पर क्लिक न करें. संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें. ऐसी फाइलें मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं. साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं.