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भक्तों के लिए खुल गए केदारनाथ धाम के कपाट, यात्रा से पहले जान लें ये जरूरी बातें

भक्तों के लिए खुल गए केदारनाथ धाम के कपाट, यात्रा से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Apr 22, 2026, 06:38 AM
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Posted By Preeti Kumari

Kedarnath Dham's doors have opened for devotees; know these important things before the pilgrimage.


Kedarnath Kapat: केदारनाथ बाबा के दर्शनों का लंबा इंतजार अब खत्म हो चुका है. जी हां, केदारनाथ धाम के कपाट आज 22 अप्रैल 2026 को भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं. ये कपाट शुभ मुहूर्त को देखते हुए खोले गए है, जिसके बाद से सभी श्रद्धालु अब बाबा केदार के दर्शनों के लिए भी पहुंच रहे है. इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ बाबा के दर्शन के लिए केदारनाथ धाम जा पहुंचे है. अद्भुत बात तो यह है कि, बाबा के मंदिर परिसर को दिल्ली और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया है, जिसकी खूबसूरती भक्तों का मन मोह रही है.


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केदारनाथ बाबा के दर्शन कर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि, "यह सचमुच एक सुखद अनुभव है. मंदिर समिति ने यहां बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि अब आम लोग भी अपेक्षाकृत कम समय में 'बाबा' के आसानी से 'दर्शन' कर सकें. अब तक हज़ारों श्रद्धालुओं को 'बाबा' की एक झलक पाने का सौभाग्य मिल चुका है. बाबा का दर्शन करने वाला हर कोई बड़ा ही भाग्यशाली होता है.


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केदरानाथ यात्रा पर जाने से पहले जान लें ये बातें


चारधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को कुछ नियमों के बारे में जानकारी होना उनकी सुविधा के लिए बेहतर होगा. केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा पूरी तरह बैन रहते है. इसलिए इन चीजों को अपने साथ लेकर न चलें.मंदिर में जाने से पहले आपको अपना फोन जमा करना होगा,जिसके लिए क्लॉक रूम की सुविधा दी गई है.वहीं यमुनोत्री धाम सभी के लिए खुला है, लेकिन बाकी धामों में गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर कुछ शर्तें लागू की गई हैं. इसीलिए इस नियम पर भी फोकस करना जरूरी हैं.


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बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी यात्रा की परमिशन


जानकारी के मुताबिक, केदारनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है. बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा की परमिशन नहीं दी जाएगी. हर यात्री और वाहन को आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्टर करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद ही श्रद्धालुओं को बाबा केदारनाथ दर्शन के लिए स्लॉट टोकन दिया जाएगा, जिसकी रास्ते में चेकिंग भी की जाती है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी भरनी होगी. इसके अलावा गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप डाउनलोड करके भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति वेबसाइट या ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए वॉट्सऐप की सुविधा भी दी गई है.श्रद्धालु मोबाइल नंबर +91 8394833833 पर 'Yatra' लिखकर भेज सकते हैं और दिए गए निर्देशों का पालन करके अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं.


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केदारनाथ यात्रा पर जाने के लिए सिर्फ रजिस्ट्रेशन ही काफी नहीं है. आपका फिट होना भी बहुत जरूरी है. इसीलिए स्वास्थ्य जांच भी जरूरी है. खासकर 55 साल से ऊपर के लोगों को मेडिकल चेकअप कराना होगा.अस्थमा, डायबिटीज जैसी बीमारी वाले लोगों के लिए यह बेहत जरूरी है. अगर आप केदारनाथ जाने की सोच रहे हैं तो इन नियमों का पालन करना होगा.


प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय ने केंद्र पर किया सियासी तंज, पीएम मोदी को दी ये चुनौती
प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय ने केंद्र पर किया सियासी तंज, पीएम मोदी को दी ये चुनौती
वाराणसी: पीएम नरेंद्र मोदी के काशी आगमन को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय ने आज बुधवार को अपनी पत्‍नी संग प्रेस वार्ता कर सत्‍ता को करारा संदेश और इसे ‘नारी सम्मान’ का उदाहरण बताया. इस दौरान उन्‍होंने नारी शक्ति वंदन संविधान संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह समाज और नेतृत्व के व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए.काशी दौरे पर आ रहे प्रधानमंत्रीअजय राय ने कहा कि 28 तारीख को प्रस्तावित काशी दौरे पर आ रहे प्रधानमंत्री यदि सच में नारी सम्मान का संदेश देना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी पत्नी के साथ काशी आकर दर्शन-पूजन करना चाहिए. इससे समाज में एक सकारात्मक और मजबूत संदेश जाएगा. उन्होंने आगे कहा, “जब तक पत्नी का सम्मान नहीं होगा, तब तक देश का सम्मान भी नहीं हो सकता.” अजय राय ने जोर देकर कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब महिलाओं को केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर भी बराबरी और सम्मान मिले.Also Read: महिला आरक्षण पर जनाक्रोश, भाजपा महिला माेर्चा ने निकाली पदयात्राइस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के मुद्दों पर वास्तविक संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है. प्रेस वार्ता में उनकी पत्नी की मौजूदगी को भी उन्होंने इसी संदेश से जोड़ा कि नारी सम्मान की शुरुआत घर से होती है और तभी वह पूरे देश में प्रभावी रूप से स्थापित हो सकता है. प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “नारी वंदन” लिखे पोस्टर भी प्रदर्शित किए, जिनमें जसोदा बेन की तस्वीर लगाई गई थी. अजय राय ने तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री अपनी पत्नी को साथ नहीं लाते हैं, तो उनकी महिला सशक्तिकरण की बातें केवल “दिखावा और ड्रामेबाजी” मानी जाएंगी.https://www.youtube.com/watch?v=rHb2-wdS1Fk
महिला आरक्षण पर जनाक्रोश, भाजपा महिला माेर्चा ने निकाली पदयात्रा
महिला आरक्षण पर जनाक्रोश, भाजपा महिला माेर्चा ने निकाली पदयात्रा
Public anger over women's reservation; BJP Mahila Morcha takes out a marchवाराणसी: महिला आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम छिड गया है. इसको लेकर भाजपा ने लाइन खिंची है तो वहीं विपक्ष की भी बिसात बिछ गई है. इसी क्रम में बुधवार को शहर में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया. नई सड़क क्षेत्र से शुरू हुई जन आक्रोश पदयात्रा लहुराबीर चौराहे तक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और सपा के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया.प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को आगे बढ़ाने में विपक्ष बाधा उत्पन्न कर रहा है. पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में अधिक अवसर देने के उद्देश्य से लाया गया है और इसमें देरी से व्यापक स्तर पर नुकसान हो सकता है. भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय पदाधिकारी पूजा दीक्षित ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका निराशाजनक रही है. उनके अनुसार, जब महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का अवसर सामने आया, तब कुछ दलों ने समर्थन नहीं दिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केवल सीमित दायरे में ही महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात करते हैं.Also Read: सीजफायर बढ़ाने पर अमेरिका पर बौखलाया ईरान, दी ये चेतावनी सैकड़ों महिलाओं ने रैली निकालकर कहा - "ये बिल महिलाओं के हक के लिए है, इसे रोकना गुनाह है." रैली में नारे गूंजे - "महिलाओं को दें सम्मान, आरक्षण बिल पास करो जल्द." कार्यकर्ताओं ने कहा कि विपक्ष की देरी से लाखों महिलाओं का भविष्य अधर में लटक गया है. कांग्रेस ओर सपा पर जमकर निशाना साधते हुए पूजा दीक्षित ने कहा कि ये पार्टियां सिर्फ अपने घर के बहन बेटियों काे आगे बढ़ाना चाहती हैं.विपक्ष का पुतला दहनकार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक विरोध के रूप में विपक्ष का पुतला दहन किया. भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को ऐतिहासिक बताया. उनका कहना है कि यह पहल लंबे समय से लंबित थी और इसके माध्यम से संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है.प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को लेकर आगे भी विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया जाएगा, ताकि जनसमर्थन जुटाया जा सके और विधेयक को पारित कराने का दबाव बनाया जा सके.https://www.youtube.com/watch?v=rHb2-wdS1Fk
सीजफायर बढ़ाने पर अमेरिका पर बौखलाया ईरान, दी ये चेतावनी
सीजफायर बढ़ाने पर अमेरिका पर बौखलाया ईरान, दी ये चेतावनी
Iran furious at America for extending ceasefire, issues this warningUS-Iran Ceasefire: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे जंग को लेकर हुए सीजफायर को अब अमेरिका ने बढ़ा दिया है. दरअसल, बीते कुछ समय पहले जंग को विराम देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 हफ्ते के हुए सीजफायर को खत्म होने के ठीक पहले ही अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. हैरानी इस बात की है कि सीजफायर का ये मुद्दा डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सलाह लिए बिना ही उठाया था और अब इसे आगे बढ़ाने की भी बात वो खुद ही कर रहे हैं.लेकिन ईरान ने ट्रंप के इस युद्धविराम की मियाद को आगे बढ़ाने को लेकर इसे बेमतलब करार दिया है. जिस पर ट्रंप प्रशासन का कहना है कि, जब तक दूसरे प्रशासन की तरफ से किसी भी तरह का कोई प्रस्ताव नहीं आ जाता है, तब तक सीजफायर अमल में ही रहेगा. इसी के साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि यह कदम ईरान के बिखरे हुए नेतृत्व को पिछले 53 दिन से जारी युद्ध समाप्त करने के लिए एक 'एकीकृत प्रस्ताव' तैयार करने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है. लेकिन, ट्रंप ने इस बार ये नहीं बताया कि ये सीजफायर कब तक जारी रहने वाला है."ट्रंप के सीज़फ़ायर बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है"वहीं सीजफायर की मियाद बढ़ाने को लेकर ईरानी संसद के स्पीकर के सलाहकार ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि, "ट्रंप के सीज़फ़ायर बढ़ाने का कोई भी मतलब नहीं है." अक्सर ट्रंप वहीं काम करते है जिसमें उन्हें अपना क्रेडिट लेने का मतलब दिखाई देता है. फिर चाहे उनकी वजह से किसी को कैसी भी दिक्कतों का सामना करना पड़े, उन्हें जरा भी इस बात का अफसोस नहीं होता है. नतीजा भी हर किसी के सामने है, ईरान में मची तबाही का मंजर किसी से भी छुपा नहीं है, इसके भयावह स्थिति को देख हर कोई रो पड़ा. इस्लामाबाद में ईरान और US के बीच बातचीत के पहले राउंड में डेलीगेशन का हिस्सा रहे ईरान के संसद सदस्य महमूद नबावियन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, अब तक US के साथ बातचीत करना पूरी तरह से नुकसानदायक और बेमतलब है.इतना ही नहीं, ईरान का टॉप मिलिट्री कमांड खतम अल-अनबिया हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने भी अमेरिका की इस हरकत को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है, जहां उनका कहना है कि, ईरान पर हमला होते ही हमारी सेनाएं पहले से तय टारगेट पर हमला करेंगी, जिससे US और इजरायल को एक और और भी कड़ा सबक मिलेगा." अगर वो इससे भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसे खत्म करने के सिवा हमारे पास और कोई ऑपशन भी नहीं बचेगा.डोनाल्ड ट्रंप ने कही बड़ी बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट कर लिखा कि, "ईरान की सरकार की कमर टूट गई है, जो कोई नई बात नहीं है और फील्ड मार्शल असीम मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कहने पर, हमसे कहा गया है कि हम ईरान देश पर अपना हमला तब तक रोक दें, जब तक उनके लीडर और रिप्रेजेंटेटिव एक साथ कोई प्रपोज़ल नहीं ला देते. इसलिए मैंने अपनी मिलिट्री को ब्लॉकेड जारी रखने और बाकी सभी मामलों में तैयार रहने का निर्देश दिया है और इसलिए सीजफायर को तब तक बढ़ाएंगे जब तक उनका प्रपोजल जमा नहीं हो जाता और बातचीत किसी न किसी तरह खत्म नहीं हो जाती.Also Read: निर्माणाधीन होटल का हवाला देकर दो व्‍यापारियों से पांच लाख की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्जइसी के आगे उन्होंने ये भी लिखा कि, "ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं करना चाहता, वे इसे खोलना चाहते हैं ताकि वे हर दिन $500 मिलियन डॉलर कमा सकें (इसलिए, अगर यह बंद हो जाता है तो उन्हें इतना ही नुकसान होगा!). वे सिर्फ इसलिए कह रहे हैं कि वे इसे बंद करना चाहते हैं क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, इसलिए वे सिर्फ 'अपनी इज़्जत बचाना' चाहते हैं. चार दिन पहले लोग मेरे पास आए और कहा, "सर, ईरान स्ट्रेट को तुरंत खोलना चाहता है." लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई डील नहीं हो सकती, जब तक कि हम उनके बाकी देश को, उनके नेताओं को भी, उड़ा न दें."https://www.youtube.com/watch?v=rHb2-wdS1Fk