महिला आरक्षण पर जनाक्रोश, भाजपा महिला माेर्चा ने निकाली पदयात्रा

Public anger over women's reservation; BJP Mahila Morcha takes out a march
वाराणसी: महिला आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम छिड गया है. इसको लेकर भाजपा ने लाइन खिंची है तो वहीं विपक्ष की भी बिसात बिछ गई है. इसी क्रम में बुधवार को शहर में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया. नई सड़क क्षेत्र से शुरू हुई जन आक्रोश पदयात्रा लहुराबीर चौराहे तक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और सपा के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया.

प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को आगे बढ़ाने में विपक्ष बाधा उत्पन्न कर रहा है. पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में अधिक अवसर देने के उद्देश्य से लाया गया है और इसमें देरी से व्यापक स्तर पर नुकसान हो सकता है. भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय पदाधिकारी पूजा दीक्षित ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका निराशाजनक रही है. उनके अनुसार, जब महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का अवसर सामने आया, तब कुछ दलों ने समर्थन नहीं दिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केवल सीमित दायरे में ही महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात करते हैं.

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सैकड़ों महिलाओं ने रैली निकालकर कहा - "ये बिल महिलाओं के हक के लिए है, इसे रोकना गुनाह है." रैली में नारे गूंजे - "महिलाओं को दें सम्मान, आरक्षण बिल पास करो जल्द." कार्यकर्ताओं ने कहा कि विपक्ष की देरी से लाखों महिलाओं का भविष्य अधर में लटक गया है. कांग्रेस ओर सपा पर जमकर निशाना साधते हुए पूजा दीक्षित ने कहा कि ये पार्टियां सिर्फ अपने घर के बहन बेटियों काे आगे बढ़ाना चाहती हैं.
विपक्ष का पुतला दहन
कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक विरोध के रूप में विपक्ष का पुतला दहन किया. भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को ऐतिहासिक बताया. उनका कहना है कि यह पहल लंबे समय से लंबित थी और इसके माध्यम से संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है.
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को लेकर आगे भी विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया जाएगा, ताकि जनसमर्थन जुटाया जा सके और विधेयक को पारित कराने का दबाव बनाया जा सके.




