भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर संगठन में बढ़ता विरोध...

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष जीते चौहान की कार्यशैली को लेकर संगठन के भीतर विरोध लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
हाल ही में जिला अध्यक्ष जीते चौहान, प्रदेश अध्यक्ष (महिला) बबली त्यागी, प्रदेश महासचिव दिनेश त्यागी तथा मंडल अध्यक्ष दिनेश खेड़ा के हस्ताक्षरों से एक निष्कासन पत्र जारी किया गया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में व्यापक असंतोष देखने को मिला। बढ़ते विरोध को देखते हुए शीर्ष स्तर पर तत्काल एक समिति का गठन किया गया। कुछ घंटों बाद मंडल अध्यक्ष दिनेश खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से उक्त निष्कासन पत्र से अपनी सहमति वापस लेने और उसका खंडन करने की बात कही, जबकि जीते चौहान, बबली त्यागी और दिनेश त्यागी अपने निर्णय पर कायम रहे।

इसी घटनाक्रम के बीच ग्राम भटेल, जिसे भारतीय किसान यूनियन और खाप चौधरी नरेश टिकैत का एक प्रमुख एवं सक्रिय गांव माना जाता है, वहां ग्रामीणों की बैठक मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे जिला अध्यक्ष जीते चौहान की कार्यशैली का गांव-गांव जाकर विरोध करेंगे।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि उनके अनुसार वर्तमान नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाय उसे विभाजित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व के किसी भी जिला अध्यक्ष ने किसी कार्यकर्ता को इस प्रकार निष्कासित या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की परंपरा नहीं अपनाई.
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ग्रामीणों ने कहा कि वे भारतीय किसान यूनियन के साथ हैं, लेकिन वर्तमान जिला अध्यक्ष का अपने गांव के साथ सभी गांवों में बैठक कर विरोध करेंगे। उनका यह भी कहना था कि जिन युवाओं पर संगठन में कोई आधिकारिक पद ही नहीं था, उन्हें निष्कासित करने का अधिकार किस आधार पर प्रयोग किया गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उनके युवाओं पर मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया जाता है, तो वे उसका भी सामना करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान यश बालियान हर्ष बालियान मोनू बालियान संदीप बालियान रिंकू बालियान हरेंद्र बालियान सुरेंद्र बालियान पुष्पेंद्र बालियान तेजवीर बालियान शोकेंद्र बालियान आदि उपस्थित रहे।



