Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

BHU में ‘ब्राह्मणवादी पितृसत्ता’ प्रश्न पर गहरा रहा विवाद, ABVP का विरोध प्रदर्शन

BHU में ‘ब्राह्मणवादी पितृसत्ता’ प्रश्न पर गहरा रहा विवाद, ABVP का विरोध प्रदर्शन
May 20, 2026, 10:39 AM
|
Posted By Preeti Kumari

Controversy deepens at BHU over 'Brahminical patriarchy'; ABVP protests


वाराणसी: बीएचयू में एमए इतिहास चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस प्रकरण को लेकर अब सियासी घमासान मचने लगा हे. विपक्षी इसे आडे हाथों ले रहे हैं वहीं, विभिन्‍न अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों ने समाजिक विज्ञान संकाय स्थित इतिहास विभाग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.


h


छात्रों ने बैनर-पोस्टर लेकर की नारेबाजी


छात्रों ने बैनर-पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. पेपर को इतिहास विभाग के प्रोफेसर सुतापा दास ने तैयार किया था हालांकि विवाद के बाद से उनके तरफ़ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है.


d


बुधवार को इतिहास विभाग के बाहर बड़ी संख्या में संगठन से जुडे छात्र एकत्र हुए. एबीवीपी बीएचयू इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि बीएचयू जैसी प्रतिष्ठित संस्था में विद्यार्थियों से वैचारिक रूप से प्रेरित प्रश्न पूछना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और निष्पक्ष चिंतन का केंद्र होना चाहिए, न कि किसी विशेष विचारधारा के प्रचार का माध्यम. भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को निरंतर अपराधबोध के दायरे में खड़ा करने का प्रयास अब छात्र समाज स्वीकार नहीं करेगा.


बीएचयू की पहचान भारतीयता, सांस्कृतिक


इकाई सहमंत्री विकास कुमार ने कहा कि बीएचयू की पहचान भारतीयता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ी रही है. परीक्षा में इस प्रकार के प्रश्न पूछकर छात्रों के बीच भ्रम और वैचारिक विभाजन उत्पन्न करने का प्रयास किया गया है. परिषद मांग करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले की गंभीरता से समीक्षा करे तथा भविष्य में प्रश्नपत्र निर्माण में अकादमिक संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करे.


विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग


एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि संबंधित प्रश्न की समीक्षा कर दोषी व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी प्रकार के वैचारिक पूर्वाग्रह से प्रेरित प्रश्न परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा न बनें.


ये है विवाद


विवाद एमए (इतिहास) चौथे सेमेस्टर के “वुमेन इन मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री” पेपर में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर शुरू हुआ. प्रश्न था — “ब्राह्मणवादी पितृसत्ता ने प्राचीन भारत में महिलाओं की प्रगति में किस प्रकार बाधा डाली.”

विवाद बढ़ने के बाद बीएचयू प्रशासन ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि संबंधित प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम के अंतर्गत ही पूछा गया था. विश्वविद्यालय के अनुसार “ब्राह्मणवादी पितृसत्ता” विषय पाठ्यक्रम में शामिल है और इसी आधार पर प्रश्न तैयार किया गया.


x


यह भी पढ़ें: युवक ने फांसी लगाकर दी जान, वजह जानने में जुटी पुलिस


प्रशासन ने कहा कि इतिहास विषय में विद्यार्थियों के समग्र ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता और विभिन्न दृष्टिकोणों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से ऐसे विषय पढ़ाए जाते हैं. विश्वविद्यालय के अनुसार किसी भी अवधारणा पर अकादमिक बहस और मतभिन्नता स्वाभाविक है.

प्रशासन की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि छात्रों को विभिन्न दृष्टिकोणों को समझाने के लिए अलग-अलग पठन सामग्री और संदर्भ पुस्तकें सुझाई जाती हैं, ताकि वे विषय की व्यापक समझ विकसित कर सकें.


मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
वाराणसी: प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बुधवार को परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में खेल प्रतिभाओं का अनूठा संगम देखने को मिला. जन्मदिन समारोह में 1076राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बालिका खिलाड़ियों के साथ विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की. बड़ी संख्या में बेटियों की मौजूदगी से पूरा स्टेडियम उत्सव के रंग में रंगा नजर आया.कार्यक्रम के दौरान बालिका खिलाड़ियों और छात्राओं में खासा उत्साह रहा. खेल मैदान से लेकर समारोह स्थल तक बेटियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया. कार्यक्रम के समापन पर बालिकाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाल कटआउट के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सेल्फी लेकर इस यादगार अवसर को कैमरे में कैद किया. इसके बाद एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जन्मदिन की खुशियां साझा कीं.कार्यक्रम के संयोजक हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष एवं विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में कई प्रयास हुए हैं. इससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नए अवसर मिले हैं और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला है.उन्होंने कहा कि बेटियों की खेलों में बढ़ती भागीदारी देश के लिए सकारात्मक संकेत है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली खिलाड़ियों के साथ छात्राओं की सहभागिता से नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी.ALSO READ:रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तारसमारोह में 1076 बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही. खेल और युवा प्रतिभाओं को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने बेटियों की प्रतिभा, उत्साह और खेलों के प्रति उनके बढ़ते रुझान को सामने रखा.
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में पुलिस और SOG-2 की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंद मकान में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 47 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 10 लाख रुपये नकद, कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है।डीसीपी क्राइम नीतू काद्यान की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रथयात्रा के पास एक मकान में बाहर से ताला लगाकर अंदर जुआ खेले जाने की सूचना पुलिस को मिल रही थी। इसके बाद टीम ने करीब तीन से चार दिन तक मकान की गतिविधियों पर नजर रखी। जब अंदर बड़ी संख्या में लोग जुटे तो SOG-2 और सिगरा पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 47 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।पुलिस की जांच में सामने आया कि विशाल सिंह नाम के व्यक्ति ने मकान को लीज पर लिया था। पुलिस के अनुसार, इसी मकान से जुए का संचालन किया जा रहा था। पकड़े गए लोगों में वाराणसी के साथ आसपास के जनपदों के लोग भी शामिल हैं।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में संगठित अपराध समेत अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।ALSO READ:आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोरडीसीपी क्राइम नीतू काद्यान ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मीडिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोर
आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोर
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) में आगामी वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बुधवार को कमेटी की बैठक आयोजित की गई। आईएमएस कमेटी रूम में हुई बैठक की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने की। बैठक में पिछले वर्ष के कार्यक्रम की समीक्षा के साथ इस वर्ष आयोजित होने वाले स्वास्थ्य मेले को और अधिक उपयोगी एवं जनसुलभ बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम समन्वयक प्रो. टी.पी. चतुर्वेदी ने पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम की गतिविधियों और अनुभवों की समीक्षा प्रस्तुत की। इसके बाद इस वर्ष के स्वास्थ्य मेले के समन्वयक प्रो. वी.एन. मिश्रा के साथ जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारियों पर चर्चा हुई।स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मददप्रो. वी.एन. मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष महामना के उद्देश्यों के अनुरूप स्वास्थ्य मेले को और व्यापक बनाने के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान के साथ आईआईटी-बीएचयू की तकनीकी विशेषज्ञता का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किए जाने की योजना है।बैठक में निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने कहा कि स्वास्थ्य मेले के माध्यम से काशी की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था के साथ आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद और डेंटल चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी उचित परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।कमेटी सदस्यों ने दिए सुझावबैठक में मेडिसिन संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. मूर्ति, डेंटल संकाय प्रमुख प्रो. अतुल भटनागर, प्रो. भुवाल राम और प्रो. एस.के. भारती समेत कमेटी के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।ALSO READ :लोहता में बुनकरों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर शुरू, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे परामर्श...इस अवसर पर प्रो. वी.एम. सिंह, वैद्य सुशील दुबे, डॉ. अखिलेश चन्द्र, डॉ. महेश, प्रो. संगीता, डॉ. नीरज त्रिपाठी, डॉ. संतोष सिंह और प्रो. अजय पांडे समेत अन्य कमेटी पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्वास्थ्य मेले को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और आम जनता के लिए उपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।