Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

BHU में सर्वाइकल कैंसर पर CME कार्यशाला, शीघ्र पहचान और विशेषज्ञ कोल्पोस्कोपी पर जोर.

BHU में सर्वाइकल कैंसर पर CME कार्यशाला, शीघ्र पहचान और विशेषज्ञ कोल्पोस्कोपी पर जोर.
Aug 10, 2026, 01:51 PM
|
Posted By gagan arora

वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आयोजित सीएमई-सह-कार्यशाला ‘द शार्प आई’ में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए समय रहते स्क्रीनिंग, शीघ्र पहचान और विशेषज्ञ कोल्पोस्कोपी की जरूरत पर जोर दिया। 9 अगस्त को के.एन. उडुपा सभागार में आयोजित कार्यशाला में देशभर से आए स्त्री रोग विशेषज्ञों और ऑन्कोलॉजिस्ट ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग और उपचार की आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की।


कार्यशाला का आयोजन आईएमएस, बीएचयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने एसोसिएशन ऑफ गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया (AGOI) के सहयोग से किया। इसका उद्देश्य महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ चिकित्सकों को इसकी स्क्रीनिंग और उपचार की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना था।

WERF

कार्यक्रम का उद्घाटन आईएमएस, बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन सांखवार ने किया। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में एचपीवी टीकाकरण और जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिलाओं तक स्क्रीनिंग और रोकथाम संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।


आयोजन अध्यक्ष एवं प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता राय ने एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर के शरीर पर प्रभाव से संबंधित जानकारी साझा की। वहीं केजीएमयू लखनऊ की प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट प्रो. निशा सिंह और एमएलएनसी प्रयागराज की प्रो. अमृता चौरसिया ने कैंसर-पूर्व घावों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न शल्य प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया।


ALSO READ : दिवंगत रेलकर्मी के परिवार को मिला एक करोड़ रुपये का बीमा लाभ, डीआरएम ने पत्नी को सौंपा चेक.


मुंबई की स्त्री-रोग ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रिया गणेश ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और शुरुआती स्क्रीनिंग की विधियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कार्यशाला में कोल्पोस्कोपी का लाइव प्रदर्शन भी किया।


कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण कोल्पोस्कोपी का व्यावहारिक प्रशिक्षण और थर्मल एब्लेशन, क्रायोएब्लेशन तथा एलईईपी जैसी विभिन्न एब्लेटिव तकनीकों का लाइव ऑपरेशन थिएटर प्रसारण रहा। इससे प्रतिभागियों को कैंसर-पूर्व घावों की पहचान और उपचार की व्यावहारिक जानकारी मिली।


कार्यक्रम में एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. अमृत गुप्ता, एसएनएमसी आगरा की विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सिंह, आईएमएस बीएचयू की प्रो. अंजलि रानी और प्रो. ममता समेत देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। वाराणसी के स्त्री रोग विशेषज्ञों, ऑन्कोलॉजिस्टों, वरिष्ठ रेजिडेंट्स, स्नातकोत्तर और स्नातक विद्यार्थियों ने भी कार्यशाला में सहभागिता की।


विशेषज्ञों ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक रोकथाम योग्य कैंसर है, लेकिन इसके लिए समय पर स्क्रीनिंग और कैंसर-पूर्व अवस्था में बीमारी की पहचान बेहद जरूरी है। कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग और समय पर उपचार सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।


कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक लक्ष्य की दिशा में काम करने का संकल्प भी लिया गया, जिसके तहत 90 प्रतिशत लड़कियों का एचपीवी टीकाकरण, 70 प्रतिशत महिलाओं की स्क्रीनिंग और 90 प्रतिशत मरीजों का उपचार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।


कार्यशाला का संदेश स्पष्ट रहा—समय पर जांच, सही पहचान और उचित उपचार से सर्वाइकल कैंसर से होने वाली बीमारी और मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है। विशेषज्ञों ने सामूहिक प्रयासों के जरिए भारत को ‘सर्वाइकल कैंसर-मुक्त भारत’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
वाराणसी। रेल मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत लगातार स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को बरेका परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।अभियान के तहत बरेका परिसर में स्थापित सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों और सोलर पैनलों की विशेष साफ-सफाई की गई। उपकरणों पर जमा धूल-मिट्टी और गंदगी को हटाने के साथ उनकी कार्यशीलता की भी जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार रखरखाव संबंधी कार्य किए गए। अधिकारियों ने सौर ऊर्जा उपकरणों को नियमित रूप से स्वच्छ और क्रियाशील रखने पर जोर दिया।इसके अलावा बरेका के ऑफिसर्स गेस्ट हाउस (OGH) और ऑफिसर्स रेस्ट हाउस (ORH) के किचन क्षेत्रों और डस्टबिन की विशेष सफाई की गई। किचन परिसर में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।बरेका के आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों में भी व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। जलालीपट्टी मार्केट में सार्वजनिक शौचालयों और नालियों की सफाई की गई। नालियों में जमा कचरे और गंदगी को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।बरेका प्रशासन के अनुसार, ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के माध्यम से स्वच्छ परिसर, स्वच्छ कॉलोनी और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के साथ लोगों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जा रहा है।ALSO READ:IMA बनारस का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद रखा जाएगा --- डॉ. अनुराग टंडन
IMA बनारस का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद रखा जाएगा --- डॉ. अनुराग टंडन
IMA बनारस का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद रखा जाएगा --- डॉ. अनुराग टंडन
वाराणसी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बनारस के वर्ष 2026 के कार्यकाल को लेकर अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन ने कहा कि इस सत्र में टीम ने कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि IMA परिसर में वर्ष 2026 की बैलेंस शीट पर हस्ताक्षर करते हुए उन्हें इस बात का गर्व है कि पूरी टीम ने संगठन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया।डॉ. अनुराग टंडन ने अपने संदेश में कहा कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान डॉ. अरुण त्रिपाठी, डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. एस.पी. सिंह और डॉ. रितु गर्ग समेत पूरी टीम ने उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने कहा कि टीम के सामूहिक प्रयासों के कारण IMA बनारस का यह सत्र लंबे समय तक याद रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि संगठन की उपलब्धियों के पीछे पूरी टीम की मेहनत और सहयोग रहा है। अध्यक्ष ने आगामी टीम को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नई टीम भी IMA बनारस को इसी तरह आगे बढ़ाएगी।डॉ. अनुराग टंडन ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि आने वाली टीम को भी संगठन के हित में बेहतर कार्य करने की शक्ति और सफलता मिले। उन्होंने अपने संदेश का समापन “जय हिंद, Long Live IMA” के साथ किया।ALSO READ:बरेका में वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
बरेका में वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
बरेका में वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
वाराणसी।बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को वित्तीय प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा, बरेका शाखा द्वारा आज दिनांक 22 सितंबर 2026 को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र (TTC) के ऑडिटोरियम में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में बैंक ऑफ बड़ौदा के विशेषज्ञ एजीएम एंड डीआरएम श्री आनंद लखमानी और शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा, बरेका श्री दिनेश कुमार द्वारा रेलवे सैलरी पैकेज (RSP), कार्यरत कर्मचारियों सहित सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के वित्तीय प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं उपयोगी सुझाव प्रदान किए गए।विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं सुनियोजित वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, साइबर अपराध से बचाव तथा व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।कार्यशाला में बरेका के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विशेषज्ञों से वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वित्तीय रूप से जागरूक एवं डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना रहा।इस अवसर पर प्राचार्य, प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र श्री सुभाष चंद्र यादव, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी-मुख्यालय श्री राजकुमार गुप्ता, सहायक कार्मिक अधिकारी - कर्मशाला श्री पीयूष मिंज,सहायक कार्मिक अधिकारी-मुख्यालय श्री राम प्रवेश यादव, संयुक्त सचिव, कर्मचारी परिषद श्री प्रदीप कुमार यादव, अन्य सदस्य श्री नवीन कुमार सिन्हा, श्री श्रीकांत यादव, श्री संतोष कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारीगण उपस्थित रहे।ALSO READ:एचपीवी टीकाकरण को लेकर बीएचयू में जागरूकता कार्यक्रम, 11 एमबीबीएस छात्रों को लगी वैक्सीन की पहली डोज.