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BHU में प्राचीन मानव इतिहास को समझने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर मंथन, उजागर होंगे अनसुलझे रहस्‍य

BHU में प्राचीन मानव इतिहास को समझने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर मंथन, उजागर होंगे अनसुलझे रहस्‍य
Mar 23, 2026, 01:15 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: बीएचयू के प्राणि विज्ञान विभाग में सोमवार को पेलियोजीनोमिक्स एवं पेलियोआर्कियोलॉजी पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ. यह दो दिवसीय संगोष्ठी प्राचीन डीएनए, पैलियोएंथ्रोपोलॉजी, गट माइक्रोबायोम और पॉपुलेशन जीनोमिक्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई है. इस आयोजन का उद्देश्य भारत के प्राचीन मानव इतिहास को समझने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है.


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कार्यक्रम की शुरुआत महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और बीएचयू के कुलगीत से हुई. इसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत किया गया. प्राणिविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुनीयंदी सिंगारवेल ने स्वागत भाषण में विभाग की 105 वर्ष पुरानी विरासत, जेनेटिक्स, साइटोजेनेटिक्स, एंडोक्राइनोलॉजी और विकासवादी जीवविज्ञान में विभाग की अग्रणी भूमिका का उल्लेख किया. उन्होंने यूजीसी सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडी की उपलब्धियों और प्रसिद्ध पूर्व छात्रों जैसे डॉ. लालजी सिंह, डॉ. कानूनगो, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. आलोक भट्टाचार्य आदि का भी उल्लेख किया. विज्ञान संस्थान के डीन, प्रो. आर.के. श्रीवास्तव ने कहा कि “डीएनए मूल रूप से प्राणिविज्ञान का हिस्सा है. यह सहयोग हमें जूक्रनालजी की दिशा में ले जाएगा, जो भारतीय वंशावली और अन्य स्थानों के आबादी के बीच संबंधों को उजागर करेगा.”


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भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के एडिशनल डायरेक्टर जनरल डॉ. संजय मंजुल ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि एएसआई इस शोध में पूरा सहयोग करेगी. आइएसएल भुवनेश्वर के डायरेक्टर डॉ. देबासीस दास ने जंतु विज्ञान विभाग के कार्यों की सराहना की और कार्यक्रम की प्रशंसा की. प्रो. एस.सी. लखोटिया ने कहा कि “जेनेटिसिस्ट के रूप में मुझे लगता है कि यह दोनों क्षेत्रों के लिए शानदार अवसर है. इससे मानव विकास की स्पष्ट और संपूर्ण कहानी सामने आएगी.” प्रो. राजीव रमन ने खुशी जताते हुए कहा कि “मानव पृथ्वी के सबसे जटिल प्राणी हैं. यह संगोष्ठी उन ताकतों और तंत्रों को उजागर करेगी जिन्होंने हमें आज का रूप दिया.”


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उन्होंने प्रो. लालजी सिंह की अमूल्य विरासत को भी याद किया. डॉ. बी.पी. उराडे, उप निदेशक, मानवशास्त्रीय सर्वेक्षण भारत, ने धन्यवाद ज्ञापन में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए और प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे को इस सहयोग के मुख्य आधार और समन्वयक होने के लिए विशेष आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर प्रो. बी.एन. सिंह, प्रो. चंदना हलदार, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. यस के त्रिगुन, प्रो. रजनीकान्त मिश्र, प्रो. मधु जी तापड़िया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. अनुराग तिवारी, डॉ. सदानंद पांडे, डॉ. राघव मिश्र, डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. यशवंत पटेल, डॉ. प्रज्ज्वल प्रताप सिंह, डॉ. प्रज्ञा वर्मा सहित विभिन्न संकायों के विद्यार्थी उपस्थित थे.


छोटे-मोटे प्रवास ही दर्ज


प्रथम सत्र में प्रो. एस.आर. वालिम्बे (पूर्व अध्यक्ष, मानवशास्त्र विभाग, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय) ने अपने व्याख्यान में एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्रस्तुत किया, जो भारत की प्राचीन जनसंख्या इतिहास को नई दृष्टि देता है. उनके अनुसार, पिछले 10,000 वर्षों (यानी होलोसीन काल से अब तक) में भारत में बड़े पैमाने पर कोई मानव प्रवास या बाहरी आगमन नहीं हुआ. न तो कोई बड़े आक्रमण हुए, न ही लाखों-करोड़ों लोगों का सामूहिक स्थानांतरण. इसके बजाय, केवल व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान या सीमित व्यक्तिगत/समूह स्तर के छोटे-मोटे प्रवास ही दर्ज किए गए हैं.


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प्रो. वालिम्बे ने कहा कि मानवशास्त्रीय प्रमाणों के अनुसार, प्राचीन कंकालों के अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर दक्षिण तक, हड़प्पा काल (लगभग 4500-1900 ईसा पूर्व) से लेकर बाद के कालों में शारीरिक विशेषताओं में क्रमिक निरंतरता बनी रही. उनका निष्कर्ष है कि भारत की जनसंख्या में स्थानीय विकास और अनुकूलन प्रमुख रहा, जबकि बाहरी प्रभाव सीमित और सांस्कृतिक स्तर पर अधिक थे. इस संगोष्ठी का उद्देश्य न केवल प्राचीन मानव इतिहास को समझना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि भविष्य में अनुसंधान के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया जाए.

वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक कोतवाली थाना परिसर का शुक्रवार को भव्य रूप से लोकार्पण किया गया पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर नवनिर्मित थाना भवन का उद्घाटन किया इस मौके पर उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना शहर का सबसे महत्वपूर्ण थाना है, जिसे बाबा काल भैरव की चौकी के रूप में भी विशेष पहचान प्राप्त है वर्ष 1901 में अंग्रेजों के समय निर्मित इस भवन की हालत समय के साथ जर्जर हो गई थी, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं के साथ पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया गया है.करीब सवा सौ साल पुराने इस भवन के जीर्णोद्धार पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं. इस दौरान न केवल थाना भवन को नया स्वरूप दिया गया, बल्कि उससे जुड़ी सड़क और सामने स्थित पार्क का भी सुंदरीकरण किया गया है.मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा लगातार पुराने थानों का कायाकल्प किया जा रहा है. इससे पहले चौक थाने को भी हेरिटेज स्वरूप में विकसित किया जा चुका है.उन्होंने कहा कि इस पहल से पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनके कार्य करने के माहौल में सुधार होगा.उन्होंने आगे जानकारी दी कि जल्द ही जैतपुरा थाना, चेतगंज थाना समेत अन्य पुराने थानों का भी नवीनीकरण किया जाएगा, ताकि उन्हें आधुनिक और सुव्यवस्थित रूप दिया जा सके.20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाईअधिकारियों का मानना है कि थाना परिसर के नवीनीकरण से पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और फरियादियों को भी बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा.इस अवसर पर डीआईजी शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बसंवाल, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
वाराणसी : सरकारी महकमे में भ्रष्‍टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्‍शन विभाग की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछायाजानकारी के अनुसार 10 अप्रैल 2026 समय लगभग 2.55 बजे शिकायतकर्ता शुभम श्रीवास्‍तव निवासी उत्‍तरी ककरमत्‍ता थाना मंडुआडीह वाराणसी ने एंटी करप्‍शन टीम से शिकायत की थी कि विद्युत विभाग के अधिकारी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्‍वत मांग रहे हैं. शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछाया और 33/11 केवी डीपीएच पावर हाउस मंडुआडीह के पास से दोनों आरोपियों को रिश्‍वत लेते हुए दबोच लिया.यह भी पढ़ें: पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तारगिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्‍मण कुमार लाइनमैन संविदाकर्मी निवासी नैपुरा कला थाना लंका और नवनीत कुमार जूनियर इंजीनियर निवासी जवांवा थाना गोपीगंज भदोही शामिल हैं. टीम ने दोनों आरोपियों को 20 हजार रुपये रिश्‍वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ थाना रोहनिया कमिश्‍नरेट वाराणसी में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्‍यक विधिक कार्यवाही की जा रही है. इसके बाद विभाग में हडकंप मच गया है.
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा पुलिस ने लगातार मिल रही शिकायत के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाकर रोडवेज और कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाओं को गिरफ्त में लिया है. यह कार्रवाई थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में की गई. अभियान के दौरान रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह, दरोगा दुर्गा प्रसाद, दरोगा प्रशांत बंधु और दरोगा जावेद अशरफ सहित पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी.शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं राहगीरों और श्रद्धालुओं को परेशान करने, अनावश्यक भीड़ इकट्ठा करने और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाने में संलिप्त थीं. स्थानीय नागरिकों और यात्रियों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी महिलाओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि इनकी गतिविधियों से आमजन को असुविधा हो रही थी और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी. फिलहाल सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है.यह भी पढ़ें: 24 साल पुराना शूटआउट केस कानूनी निष्‍कर्ष के करीब, जल्‍द आ सकता फैसलामुकदमा दर्ज कर की जाएगी कानूनी प्रक्रिया पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह अव्‍यवस्‍था बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी.