नजरबंदी के आरोपों के बीच महिला आरक्षण बिल पर सपा का हमला, विष्णु शर्मा बोले—आवाज नहीं दबेगी....

वाराणसी: सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने प्रशासन और सरकार पर एक साथ कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के दौरे से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हाउस अरेस्ट या नजरबंद कर दिया जाता है, ताकि वे आम जनता की समस्याओं को उनके सामने न रख सकें. उनके अनुसार यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है.
विष्णु शर्मा ने कहा कि सपा कार्यकर्ता “लोहिया के सिपाही” हैं और किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं. “हमें नजरबंद कर देने से हमारी आवाज नहीं रुकेगी.हम बिना डरे जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे,” उन्होंने प्रशासन से इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की.
इसी क्रम में उन्होंने महिला आरक्षण बिल का मुद्दा भी उठाया और कहा कि महिलाओं को अधिकार देने की बातें तो की जा रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक यह बिल पास नहीं हो सका है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा.
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उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है, तो महिला आरक्षण बिल को जल्द से जल्द पारित किया जाना चाहिए। विष्णु शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में न तो विपक्ष की आवाज दबाई जानी चाहिए और न ही महिलाओं के अधिकारों को टालना चाहिए, बल्कि दोनों मुद्दों पर ईमानदारी से काम होना जरूरी है.



