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बिहार चुनाव में तेजस्वी किस हद तक होंगे कामयाब ? तेज प्रताप ने कह दी ये बात

बिहार चुनाव में तेजस्वी किस हद तक होंगे कामयाब ? तेज प्रताप ने कह दी ये बात
Oct 27, 2025, 10:07 AM
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Posted By Preeti Kumari

Bihar Politics: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां पूरे जोश के साथ चुनावी तैयारियों में लगी हुई हैं. इससे ये साफ हो गया है कि इस बार का बिहार चुनाव साइलेंट नहीं काफी हंगामेदार होने वाला है. बिहार चुनाव में जीत पाने के लिए ये पार्टियां जनता से लोक-लुभावने वादे कर रही हैं. इस बार बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव का नाम जबरदस्त तरीके से छाया हुआ है. वजब यह कि विपक्षी महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को अपना सीएम फेस घोषित कर दिया है.


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दूसरी ओर एनडीए यानी (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में सीएम नीतीश कुमार पर ही बिहार सीएम का ताज तय है, लेकिन अभी तक एनडीए की तरफ से इस प्रकरण पर कोई भी टिप्पणी सामने नहीं आई है. बात करें तेजस्वी के सीएम फेस की तो इस पर नजरें टिकने की बजाय कई बड़े सवाल उठने लगे हैं. जहां जनता का खुद ये कहना है कि तेजस्वी की राजनीतिक ताकत लालू यादव से मिली हुई विरासत है, लेकिन इस विरासत का वो लालू की तरह इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं. जी हां, लालू यादव वो नाम है जो बिहार की राजनीति में एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे.


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20 सालों से जाने क्यों तरस रही आरजेडी


बता दें, 20 साल से आरजेडी जिस सपने को सच करने के लिए तरस रही है, उस सपने का बोझ अब तेजस्वी यादव के कंधों पर आ खड़ी है. ऐसे में ये सवाल जायज है कि, क्या RJD को इस बार अपना मुख्यमंत्री मिलेगा या नहीं. ये तो आने वाला बिहार चुनाव का नतीजा ही बताएगा कि, लालू की विरासत को तेजस्वी किस हद तक संभाल पाएंगे या फिर उनके हाथ से उनके पत्ते बिखर जाएंगे. हालांकि, तेजस्वी के सीएम चेहरे को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनके बड़े भाई तेज प्रताप एक बड़ा बयान दे बैठे हैं. जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने कहा कि तेजस्वी छोटे भाई हैं. ऐसे में “जब तक हम वहां पर थे, तब तक हमने उनको आशीर्वाद दिया.


अब छोटे भाई हैं तो आशीर्वाद ही दे सकते हैं, सुदर्शन चक्र तो चला नहीं सकते. मुख्यमंत्री बनना, और न बनना यह सब तो जनता के हाथ में है. उसी के फैसले पर तेजस्वी यादव की चुनावी नईयां टिकी है. बता दें, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप दोनों ही चुनावी मैदान में हैं. तेजस्वी RJD के टिकट पर राघोपुर से चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि इसी सीट से वो विधायक हैं. जबकि, तेज प्रताप जनशक्ति जनता दल के टिकट पर महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं जबकि वह हसनपुर विधानसभा सीट से वह विधायक हैं.


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कांग्रेस ने तेजस्वी को माना सीएम


गजब की बात तो यह है कि, कांग्रेस पार्टी आनाकानी करने के बाद से आखिरकार इस बात पर राजी हो गई कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ही बनेंगे. तेजस्वी को नेता मानना कांग्रेस के लिए मजबूरी और जरूरी दोनों ही है. क्योंकि पिछले विधानसभा चुनावों में बिहार में आरजेडी के साथ महागठबंधन में कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए 70 सीटें मिली थीं. लेकिन कांग्रेस की किस्मत का ताला खुलने की बजाय उसकी नईयां ही डूब गई थी. जी हां, वह सिर्फ 19 सीटें ही जीत पाई थी. इसकी तुलना में आरजेडी ने 144 सीटों पर लड़कर 75 सीटों पर अपनी जीत का परचम लहराया था. अब देखना यह होगा कि बिहार चुनाव में जीत हासिल करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे लालू के लाल तेजस्वी किस हद तक कामयाब हो पाते हैं.

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
A student preparing for competitive exams committed suicide by hanging himself, leaving his family in mourning.वाराणसी: सारनाथ क्षेत्र में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. छात्र की पहचान गाजीपुर निवासी 20 वर्षीय विशाल यादव के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आत्‍महत्‍या की वजह स्‍पष्‍ट नहीं हो सकी है. घटना से जुडे सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. छात्र की मौसेरी बहन आकृति यादव ने बताया कि विशाल अपनी बड़ी बहन सरिता और उनके साथ सारनाथ थाना क्षेत्र की अटल नगर कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में रहते थे. वे सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे.आकृति के अनुसार, उनके मौसा रमेश यादव दुबई में रहते हैं और विशाल गाजीपुर से स्‍नातक का छात्र था. आकृति ने बताया कि घटना वाले दिन वह सुबह मंदिर दर्शन के लिए गई थीं, जबकि विशाल की बड़ी बहन सरिता कोचिंग चली गई थी. दोपहर करीब 12:30 बजे जब आकृति मंदिर से लौटीं, तो विशाल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने विशाल के मोबाइल पर कई बार कॉल किया, जो रिसीव नहीं हुई.डायल 112 को दी सूचना अनहोनी की आशंका होने पर आकृति ने खिड़की से झांक कर देखा तो विशाल के गले में स्टॉल से फंदा लगा था और वह बेड पर लटका हुआ था. यह देखते ही आकृति जोर से चीख पड़ीं. उसकी चीख-पुकार सुनकर मकान मालिक और अन्य किराएदार भी मौके पर आ गए. लोगों ने दरवाजा तोड़कर विशाल को फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. इसके बाद परिजनों और डायल 112 को घटना की सूचना दी गई.यह भी पढ़ें: रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतारसारनाथ पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की. सारनाथ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.थाना प्रभारी सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. मृतक के मोबाइल को फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है. परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
वाराणसी: रोहनिया के मोहनसराय हाईवे स्थित चौराहे पर पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान मंगलवार की सुबह यातायात लगभग दो घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा. इस दौरान हाईवे और सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.रोका गया वाहनों का आवागमन निर्माण एजेंसी की टीम ने भोर से ही तैयारी शुरू कर दी थी. पहले से बगल की जमीन पर लोहे के गटर को दो भागों में वेल्डिंग करके तैयार किया गया था. सुबह करीब 5 बजे से 7 बजे तक चार क्रेन की मदद से इन भारी-भरकम गटरों को हाईवे के दोनों तरफ बने पिलरों पर सेट किया गया. क्रेन से सेटिंग का काम चलने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था. इस दौरान दोनों तरफ सैकड़ों वाहन खड़े हो गए और यातायात जाम की स्थिति बन गई. राहगीर पैदल चौराहा पार करने में भी दिक्कत महसूस कर रहे थे.लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद सफलतापूर्वक गार्डर की सेटिंग पूरी होने के बाद सुबह 7 बजे यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया. इस फुट ओवर ब्रिज के बनने से मोहनसराय चौराहे पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी.यह भी पढ़ें: BHU अस्‍पताल में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों ने संभाला कामकाजस्थानीय लोगों ने निर्माण टीम की कुशलता की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही यातायात बाधित होने के दौरान बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी की है ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी न हो. रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
 BHU अस्पताल में  जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों  से संभाला कामकाज
BHU अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों से संभाला कामकाज
वाराणसी: बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डाक्‍टरों (जेआर1) की हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने लगा है. जिससे मरीजों और तीतारदारों को इलाज में दुश्‍वारियों का सामना करना पड़ रहा है. जूनियर डाक्टरों ने अपनी हड़ताल का कारण एक महिला रेजिडेंट की आत्महत्या की कोशिश का विरोध बताया है. वहीं सीनियर रेजिडेंट ने मोर्चा संभाला लिया है. वहीं जूनियर डाक्‍टर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. धरने पर बैठे डा. अंबुज ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाईडाक्टरों की प्रमुख मांगों में जूनियर रेजिडेंट्स के लिए निश्चित ड्यूटी आवर तय करना, अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु करना और महिला जूनियर डाक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है. इस बीच, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन का कहना है कि जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल के करीब 28 वार्डों में तैनात लगभग 85 जूनियर रेजिडेंट्स ने कामकाज ठप कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.धरना पर बैठा जूनियर रेजिडेंटों का समूह जूनियर रेजिडेंटों का एक समूह इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य द्वार पर धरना दे रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन को मामले में की गई कार्रवाई को लेकर लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. डा. अंबुज ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. वहीं इस मामले में आईएमएस निदेशक ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.यह भी पढ़ें: BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौकारिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस स्थिति के चलते मरीजों को इलाज में हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोश‍िश कर रहा है. इस हड़ताल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुनौती दी है और मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. हालांकि सीनियर डाक्‍टरों ने कामकाज संभाल रखा है.