‘मेनिफेस्टेशन ऑफ शिव महादेव’ पुस्तक कुलपति प्रो. चतुर्वेदी को भेंट

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति प्रोफेसर अजित कुमार चतुर्वेदी को सोमवार को ‘मेनिफेस्टेशन ऑफ शिव महादेव’ शीर्षक पुस्तक भेंट की गई। पुस्तक के लेखक द्वय प्रोफेसर मारुति नंदन तिवारी और प्रोफेसर शांति स्वरूप सिन्हा ने कुलपति को पुस्तक की प्रति भेंट की।
पुस्तक में शिव स्वरूप की अवधारणा, भारतीय संस्कृति एवं शास्त्रों में शिव के बहुविध स्वरूपों तथा भारतीय कला में मूर्तियों और चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त शिव के विविध रूपों का विस्तृत विवेचन किया गया है। पुस्तक में पहली बार संपूर्ण भारत में स्थित शिव मंदिरों और वहां विद्यमान विभिन्न देव प्रतिमाओं में शिव के स्वरूपों को चित्रों और शब्दों के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक में शिव के विभिन्न स्वरूपों और उनके सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला गया है। इसमें पांच तत्वों के नियामक के रूप में महेश, चिकित्सक के रूप में वैद्यनाथ, संगीत, नृत्य और शास्त्र के महान ज्ञाता के रूप में दक्षिणामूर्ति और नटेश सहित सदाशिव के विभिन्न स्वरूपों की चर्चा की गई है। इसके साथ ही त्रिपुरासुर, अंधक और गजासुर जैसी आसुरी शक्तियों के संहार से संबंधित शिव की मूर्तियों तथा रावण पर कृपा करते हुए रावणानुग्रह मूर्ति का भी उल्लेख किया गया है।
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पुस्तक में अर्धनारीश्वर स्वरूप को भी विशेष रूप से स्थान दिया गया है। इस स्वरूप को शिव और शक्ति के ऐक्य तथा प्रकृति और पुरुष के मिलन के रूप में व्याख्यायित किया गया है, जो सृष्टि के सृजन की मौलिक अनिवार्यता को अभिव्यक्त करता है। इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं के साथ शिव की संयुक्त मूर्तियों और भारतीय कला में उनके विविध शिल्प रूपों की भी चर्चा की गई है।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने लेखकों को पर्याप्त समय दिया और पुस्तक की विषयवस्तु को लेकर विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पुस्तक के प्रति अपनी जिज्ञासा भी व्यक्त की। कुलपति ने काशी में शिव के विभिन्न स्वरूपों की अभिव्यक्ति पर केंद्रित इस पुस्तक के सुंदर प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लेखक द्वय को शुभकामनाएं एवं अपनी शुभाशंसा दी।



