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मार्कंडेय धाम मार्ग पर चला बुलडोजर, कई मकान जमींदोज, ग्रामीणों में आक्रोश

मार्कंडेय धाम मार्ग पर चला बुलडोजर, कई मकान जमींदोज, ग्रामीणों में आक्रोश
Oct 14, 2025, 12:47 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : चौबपुर के कैथी गांव स्थित मार्कंडेय महादेव धाम मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर मंगलवार को प्रशासन एक्शथन मोड में आ गया. बुलडोजर कार्रवाई की गई. इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई. सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई में कई मकान ढहा दिए गए. जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना उचित मुआवजा दिए मकान गिराए जा रहे हैं. उनका कहना है कि गांधी आश्रम से प्राथमिक विद्यालय तक के मकान मालिकों को मुआवजा दिया गया. लेकिन प्राथमिक विद्यालय से मंदिर तक के भवन स्वामियों का अब तक भुगतान नहीं हुआ है.


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वैध दस्तावेज पर भी नहीं मिला मुआवजा


प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, बावजूद इसके उन्हें मुआवजे से वंचित रखा गया है. ग्रामीण महेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकारियों से कुछ समय देने की अपील की गई थी, लेकिन बिना सुनवाई के उनका मकान गिरा दिया गया. अचानक हुई कार्रवाई से कई परिवार अपने घरों से सामान तक नहीं निकाल पाए.


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विरोध की चेतावनी


ग्रामीणों ने चेताया कि जब तक सभी प्रभावित लोगों को मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा. इस संबंध में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी केके सिंह ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण कार्य शासन की प्राथमिकता वाली परियोजना है. जिन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया था, उनकी संपत्ति नियमानुसार अधिग्रहित की जा रही है. जिन लोगों के मुआवजे की प्रक्रिया लंबित है, उसे राजस्व विभाग के माध्यम से पूरा कराया जाएगा. अभियंता ने कहा कि किसी को भी वैध अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा. इस दौरान कैथी चौकी इंचार्ज अनिल कुमार पुलिस बल और पीएसी के साथ मौके पर मौजूद रहे.


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एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'
एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'
वाराणसी : एलआईसी पॉलिसी में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से 39 लाख सात हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस आयुक्त के आदेश पर जंसा थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी. आरोपियों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें एलआईसी में निवेश का झांसा देकर फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड थमा दिए गए.पुलिस के अनुसार जंसा थाना क्षेत्र के बेरुका गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार सिंह और रितेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि जलालपुर, महम्मदपुर, बड़ौरा, झबरा और गंगापुर के ग्रामीणों को एलआईसी में पैसा निवेश कराने का भरोसा दिया गया. इसके बाद आरोपियों ने एलआईसी में पैसा जमा करने के बजाय फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड दिए. पीड़ितों को बताया गया कि संबंधित कंपनियां एलआईसी से जुड़ी हैं और इनमें निवेश करने पर अधिक लाभ मिलेगा. आरोप है कि किस्तों और एकमुश्त रकम के रूप में ग्रामीणों से कुल 39 लाख सात हजार रुपये लिए गए. इनमें दिनेश सोनी, खटाई, रामजी पटेल समेत कई ग्रामीण शामिल हैं.शिकायत के मुताबिक, जब पॉलिसी की परिपक्वता पूरी होने पर ग्रामीणों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे. बाद में उन्हें निवेश में धोखाधड़ी का पता चला. 26 जुलाई को ग्रामीणों ने अशोक कुमार शर्मा को रोककर रुपये वापस करने की मांग की. पंचायत में आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि कंपनी भाग गई है और अब कोई रकम वापस नहीं मिलेगी. विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है.ALSO READ: वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहीपीड़ितों ने 28 जुलाई को जंसा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अशोक कुमार पटेल, राजकुमार कन्नौजिया, सियाराम समेत अन्य पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की. पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई. थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि अशोक कुमार शर्मा उर्फ मुन्ना, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मुकेश और रितेश कुमार सिंह उर्फ करिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.
वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
वाराणसी : लोहता के धन्नीपुर गांव स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रविवार रात 12वीं की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिर गई. गंभीर रूप से घायल छात्रा को पहले कोरौता-गोपालपुर स्थित सेंट मैरिज अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा रेफर कर दिया. इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई. पुलिस आत्महत्या समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.मृतका की पहचान ओडिशा के राउरकेला के बिसरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी बेनीड एक्का की 18 वर्षीय बेटी अनामिका एक्का के रूप में हुई. वह धन्नीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहकर चांदपुर स्थित एक कॉलेज में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी. रात वह हॉस्टल के पीछे की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गई. घटना की जानकारी मिलने पर हॉस्टल की वार्डन उसे तत्काल अस्पताल ले गईं.हालत गंभीर होने पर उसे मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर भेज दिया.सूचना मिलने पर छात्रा के पिता भी थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस से किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कही. उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुकी है. घटना की जानकारी पर एडीसीपी वरुणा जोन, एसीपी रोहनिया और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच की. पुलिस ने छात्रा के कमरे से एक छोटा बैग और कुछ किताबें कब्जे में लेकर जांच शुरू की है. फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए.ALSO READ : मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैयाथानाध्यक्ष अभिजीत सिंह ने बताया कि हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को कब्जे में लेकर फुटेज की जांच की जा रही है. हॉस्टल की वार्डन से भी पूछताछ की गई है. पुलिस छात्रा के छत से गिरने के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है.
मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैया
मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैया
वाराणसी : मेहनत की कमाई से पत्नी को पढ़ाकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने और आबकारी विभाग में महिला सिपाही बनने तक सहयोग करने वाले पति ने अब प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाया है. पति के प्रार्थना पत्र पर अदालत के आदेश के बाद शिवपुर पुलिस ने पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पति का आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वह उसे मजदूर कहकर नीचा दिखाने लगी.शिकायत में माता प्रसाद यादव ने बताया कि उनकी शादी मई 2011 में ममता यादव से हुई थी. उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी की पढ़ाई कराई. ममता को बीए, एमए और बीएड की शिक्षा दिलाने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी पूरा सहयोग किया. आरोप है कि वर्ष 2022 में ममता का प्रयागराज में आबकारी विभाग में महिला सिपाही के पद पर चयन हो गया. पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद ममता के व्यवहार में बदलाव आया.वह कथित तौर पर उन्हें मजदूर कहकर अपमानित करने लगीं और पद का रौब दिखाकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगीं. शिकायत के अनुसार जनवरी 2024 में ममता घर से 48 हजार रुपये और आभूषण लेकर चली गईं. माता प्रसाद ने इसका विरोध किया तो उन्हें और परिवार के सदस्यों को जेल भिजवाने की धमकी दी गई.माता प्रसाद का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत शिवपुर थाने में की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण ली. अदालत में दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद एसीजेएम के निर्देश पर शिवपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की.ALSO READ: शास्त्रीघाट पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन बृजेश मिश्रा की बिगड़ी तबीयत, प्रदर्शनकारियों में बढ़ी चिंताशिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि ममता यादव, उनके पिता नखड़ू समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.