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वाराणसी से उठी अंग्रेजों की न‍िशानी को हटाने की आवाज, व्‍यवसायियों की मांग ने पकड़ा जोर

वाराणसी से उठी अंग्रेजों की न‍िशानी को हटाने की आवाज, व्‍यवसायियों की मांग ने पकड़ा जोर
Aug 05, 2026, 09:25 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : शहर के व्यापारियों और उद्यमियों ने सरकारी राजस्व अभिलेखों से ''केसर-ए-हिंद'' (ब्रिटिश भारत का सम्राट) जैसे गुलामी के प्रतीक शब्दों को हटाने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक सुधार का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की ऐतिहासिक चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता और स्वतंत्र भारत की गरिमा से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल भी है.

पराडकर भवन में मालवीय मार्केट व्यावसायिक संघ एवं शरणार्थी व्यापार महामंडल, काशी की ओर से आयोजित परिचर्चा में व्यापारियों ने कहा कि कोतवाली थाना जिस आराजी संख्या पर दर्ज है, उसके राजस्व रिकॉर्ड में आज भी ब्रिटिश शासन काल का ''केसर-ए-हिंद'' शब्द अंकित है.


स्वतंत्रता प्राप्ति के दशकों बाद भी ऐसे औपनिवेशिक उल्लेखों का बने रहना प्रशासनिक अभिलेखों के समयानुकूल अद्यतन ना होने की ओर संकेत करता है. मालवीय मार्केट व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष अभिषेक केसरी ने परिचर्चा का संचालन करते हुए कहा कि पिछले दिनों पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश ने इस मुद्दे को उठाया था और प्रशासन को पत्र भेजकर सुधार की मांग की थी. लेकिन अभी तक प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्यवाही नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि यह शब्द ब्रिटिश साम्राज्य और औपनिवेशिक शासन की याद दिलाता है, इसलिए इसे राजस्व रिकॉर्ड से हटाकर वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप संशोधित किया जाना चाहिए.


कोतवाली काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान


बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र नाथ शर्मा ने कहा कि वाराणसी की कोतवाली केवल एक थाना नहीं, बल्कि काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है. जनमान्यता के अनुसार काशी के कोतवाल भगवान काल भैरव हैं और कोतवाली परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित है, जिसकी नियमित पूजा-अर्चना भी होती है. ऐसे महत्वपूर्ण स्थल से जुड़े सरकारी अभिलेखों में औपनिवेशिक शब्दों का बने रहना कई लोगों को असंगत प्रतीत होता है.

व्यापारी विनय अरोड़ा, धीरज अरोड़ा और ऋषि आहूजा ने कहा कि किसी भी सरकारी रिकॉर्ड में संशोधन विधिक प्रक्रिया और प्रामाणिक अभिलेखों के आधार पर ही किया जाता है. यदि संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में वास्तव में ऐसे शब्द दर्ज हैं, तो प्रशासन को उनकी वैधानिक समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए.


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साथ ही, किसी भी परिवर्तन से पहले संबंधित विभागों द्वारा तथ्यों का सत्यापन और निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक होगा. पत्रकार संघ के अरुण मिश्रा ने कहा कि आजादी केवल राजनीतिक परिवर्तन का नाम नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था, अभिलेख और सार्वजनिक संस्थानों में भी स्वतंत्र भारत की पहचान को स्थापित करने की सतत प्रक्रिया है. ऐसे में यदि कहीं औपनिवेशिक काल के प्रासंगिक प्रतीक अभी सरकारी दस्तावेजों में मौजूद हैं, तो उनका विधि सम्मत पुनरीक्षण समय की मांग है. व्यापारियों की यह मांग सामाजिक सोच का हिस्सा है कि सरकारी अभिलेख वर्तमान भारत की संवैधानिक भावना, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान के अनुरूप हों. अब यह जिला प्रशासन पर निर्भर करेगा कि वह इस विषय की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय ले, ताकि ऐतिहासिक अभिलेख की शुद्धता और वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था दोनों का संतुलन बना रहे.

वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी. में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना को जल्द पूरा करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने गोदौलिया, गिरजाघर और रथयात्रा सहित विभिन्न रोपवे स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, आर्ट वर्क और फिनिशिंग कार्यों का जायजा लिया।मंडलायुक्त ने गोदौलिया स्टेशन पर बोर्डिंग-डिबोर्डिंग के लिए चल रहे निर्माण कार्य को देखा। वहीं गिरजाघर स्टेशन पर बन रहे कंट्रोल रूम की प्रगति की जानकारी ली। रथयात्रा स्टेशन पर भी निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की जानकारी लेते हुए कहा कि गोदौलिया, गिरजाघर समेत सभी स्टेशनों के बचे हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने और निर्माण में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।मंडलायुक्त ने कहा कि रोपवे परियोजना वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।ALSO READ : ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़कगौरतलब है कि वाराणसी रोपवे परियोजना के तहत कैंट स्टेशन से रथयात्रा तक का कार्य पूरा हो चुका है। रथयात्रा से आगे के स्टेशनों पर अलाइनमेंट चेक का कार्य जारी है। परियोजना को नवंबर तक पूरा करने के लक्ष्य के साथ अंतिम तैयारियां तेजी से चल रही हैं।निरीक्षण के दौरान वाराणसी रोपवे की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा समेत रोपवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र में पशु कल्याण और विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को ऐढ़े स्थित गौशाला और खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने के साथ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।ऐढ़े गौशाला में वर्तमान में कच्चे शेल्टर में संचालित पशु चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक पशु अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा। अस्पताल में आम नागरिकों को अपने पालतू पशुओं के इलाज की सुविधा भी मिल सकेगी। उन्होंने पशुओं के उपचार संबंधी सभी कार्य पशु कल्याण अधिकारी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए।गौशाला में गर्मी से पशुओं को राहत देने के लिए टीन शेड के नीचे पर्याप्त संख्या में पंखे लगाने, बाउंड्रीवॉल के किनारे पौधरोपण करने और प्रवेश द्वार स्थित गार्ड रूम के पास खाली भूमि पर इंटरलॉकिंग कराने को कहा गया। पशुओं के आवागमन के लिए मैजिक वाहन उपलब्ध कराने तथा परिसर में इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।ALSO READ : नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरणइसके बाद नगर आयुक्त ने खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग से तत्काल इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी।निरीक्षण के दौरान पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, सहायक अभियंता, अवर अभियंता (सिविल) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
वाराणसी. संत शिरोमणि नरहरि जी के जन्मोत्सव के अवसर पर सोमवार को स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के महिला प्रकोष्ठ की ओर से निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोविंदपुरा मोड़ चौराहे पर हुए आयोजन में श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।फलाहारी प्रसाद में साबूदाना, आलू, फल और अन्य व्रत सामग्री शामिल रही। आयोजन के दौरान लोगों को प्रसाद वितरित करने के साथ संत नरहरि महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। सेवा कार्य में महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सेवा भावना भी देखने को मिली।ALSO READ : लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापनकार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ माधवी मिश्रा, शिखा शर्मा, प्रेमासेठ, सुनीता सोनी, कनक वर्मा, संगीता, सुनीता, विभा किरण वर्मा, सुनीता बेबी, श्रवण सेठ, विशाल सेठ, अरविंद सेठ, रवि सर्राफ, ईश्वर चंद वर्मा, कमल सेठ, विष्णुदयाल सेठ, रॉनिक वर्मा, आनंद वर्मा, संजय सर्राफ, सुनील सेठ, मनु सेठ, तन्नू सेठ और विवेक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।