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आईआईटी, बीएचयू में आज से 10 दिसंबर तक कैंपस प्लेसमेंट, पहले चरण में 330 कंपनियां लेंगी साक्षात्कार

आईआईटी, बीएचयू में आज से 10 दिसंबर तक कैंपस प्लेसमेंट, पहले चरण में 330 कंपनियां लेंगी साक्षात्कार
Dec 01, 2025, 09:21 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: आईआईटी, बीएचयू के शैक्षणिक सत्र 2025–26 के कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव की शुरुआत सोमवार 1 दिसंबर की मध्यरात्रि से औपचारिक रूप से होने जा रही है. प्लेसमेंट का यह पहला चरण 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसे छात्रों के करियर निर्माण के लिए बेहद खास माना जा रहा है. पहले चरण में 330 राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां छात्रों का साक्षात्कार लेंगी.


छात्रों को 280 प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिले


इस वर्ष प्लेसमेंट प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही छात्रों को 280 प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) मिल चुके हैं. प्लेसमेंट से पहले ही छात्रों को ऑफर मिलना न सिर्फ उत्साहजनक है, बल्कि उद्योग जगत द्वारा संस्थान के विद्यार्थियों पर जताए जा रहे गहरे विश्वास को भी दर्शाता है. इन आफरों ने न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है बल्कि आगामी प्लेसमेंट सत्र के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया है.

रविवार को संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा ने सतीश धवन हॉस्टल का दौरा कर प्लेसमेंट तैयारियों का निरीक्षण किया. उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कठिन परिश्रम, शांत मन और आत्मविश्वास के साथ साक्षात्कार में शामिल होने का संदेश दिया. इस अवसर पर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के समन्वयक प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव, सह-समन्वयक डॉ. सूर्य देव यादव, डीन आर एंड डी प्रो. राजेश कुमार, डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. राजेश कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रोफेसर उपस्थित रहे.


प्लेसमेंट सत्र में कुल 1,701 छात्र शामिल


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इस वर्ष के प्लेसमेंट सत्र में कुल 1,701 छात्र शामिल हो रहे हैं, जिनमें 1,100 बी.टेक, 550 एम.टेक एवं आईडीडी तथा 40 पीएच.डी. के विद्यार्थी शामिल हैं. बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि आईआईटी (बीएचयू) की प्रतिभा पूल हर वर्ष मजबूत हो रही है. पहले चरण में लगभग 330 अग्रणी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां विद्यार्थियों के लिए साक्षात्कार आयोजित करेंगी. इन कंपनियों में कोर इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, फाइनेंस, रीसर्च एवं कंसल्टिंग जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं. यह व्यापक भागीदारी संस्थान की बहुआयामी शिक्षा, मजबूत तकनीकी आधार और उद्योग-शिक्षा सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है.

प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि छात्र भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं और संस्थान को विश्वास है कि वे देश और दुनिया के प्रतिष्ठित संगठनों में अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे. उन्होंने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों और उद्योग जगत के बीच एक प्रभावी मंच तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।