IIT (BHU) में CONFLUENTIA ’26 का समापन, AI और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर हुआ मंथन.
वाराणसी, 25 अक्टूबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-BHU), वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय उद्योग-अकादमिक सम्मेलन ‘CONFLUENTIA ’26’ का रविवार को समापन हो गया। 23 से 25 अक्टूबर तक चले इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उभरती प्रौद्योगिकियों और उद्योग-अकादमिक सहयोग को लेकर विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, पूर्व छात्रों और विद्यार्थियों ने विचार साझा किए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक शोध और औद्योगिक जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा। संस्थान के Student Alumni Interaction Cell (SAIC) की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में तकनीकी सत्र, उद्योग विशेषज्ञों के साथ परिचर्चा, कार्यशालाएं, हैकाथॉन, मेंटरशिप और नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं को समझने, नए तकनीकी समाधान विकसित करने और विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में IIT (BHU) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा और शीर्ष प्रायोजक HCL Technologies के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह की शुरुआत संस्कृत श्लोक पाठ के साथ हुई। इसके बाद भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और संस्थान के कुलगीत की प्रस्तुति हुई।चार प्रमुख क्षेत्रों में उद्योग विशेषज्ञों ने साझा किए विचारसम्मेलन का प्रमुख आकर्षण टनलिंग, फार्मास्यूटिकल्स एवं हेल्थ टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग ऑटोमेशन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे चार क्षेत्रों पर आयोजित उद्योग परिचर्चाएं रहीं। इनमें विशेषज्ञों और संस्थान के शिक्षकों ने तकनीकी विकास, औद्योगिक चुनौतियों और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री 4.0, इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।AI और मशीन लर्निंग पर हैकाथॉनविद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए आयोजित हैकाथॉन में Applied Machine Learning और Reinforcement Learning जैसे विषयों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों ने मेंटरशिप और जूरी सत्रों के माध्यम से अपने तकनीकी विचारों और समाधानों पर काम किया। इस पहल को IIT BHU Foundation के Above & Beyond Fund, Physics Wallah और Tredence का सहयोग मिला, जबकि HCL Technologies आयोजन का शीर्ष प्रायोजक रहा।सम्मेलन के दौरान वित्तीय निर्णय क्षमता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं। संस्थान के पूर्व छात्र अनिल सनाध्या ने निवेश और वित्तीय निर्णयों से संबंधित कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को जानकारी दी। वहीं, Nihilent और nSEPIA के सहयोग से आयोजित सत्र में AI आधारित भावनात्मक जागरूकता और उससे जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर चर्चा हुई। Tredence की AI Foundry कार्यशाला में जनरेटिव AI और एजेंटिक AI के व्यावहारिक उपयोग पर जोर दिया गया। इसमें व्यावसायिक समस्याओं की पहचान, कार्यप्रवाह का विश्लेषण, AI एजेंट तैयार करने, मानव निगरानी और समाधानों के परीक्षण जैसे पहलुओं को समझाया गया। इसके अलावा, HCL Technologies की ओर से Physical AI पर इंटरैक्टिव कार्यशाला भी आयोजित की गई।ALSO READ : आसमान में फाइटर विमानों की गर्जना से गूँज उठी काशी, पीएम गदगद, लाखों लोग हुए रोमांचितपूर्व छात्रों और विद्यार्थियों के बीच संवाद पर जोरसमापन दिवस पर आयोजित ग्रैंड प्लेनरी सत्र में पूर्व छात्र संघ के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ शिक्षकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। निर्धारित कार्यक्रम के तहत HCL Technologies के सेहसाद्री टी. का संबोधन, HaBuild के सह-संस्थापक सौरभ बोथरा के साथ फायरसाइड चैट और कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता का मुख्य वक्तव्य शामिल रहा। विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए ‘Match Circles’ पहल आयोजित की गई। वहीं, ‘Internship Preparation League’ (IPL) के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं से परिचित कराने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान करने का प्रयास किया गया। सम्मेलन में हैकाथॉन का अंतिम चरण भी आयोजित हुआ।कार्यक्रम का समापन अनन्या शर्मा की सांस्कृतिक प्रस्तुति, पुरस्कार वितरण और समापन समारोह के साथ हुआ।कुल मिलाकर, CONFLUENTIA ’26 ने तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया। सम्मेलन में AI और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।