कैंट पुलिस का ड्रोन सर्वे: प्रतिबंधित मंझे से पतंग उड़ाने वाले और बेचने वालों पर होगी कार्रवाई

वाराणसी - कैंट थाने की पुलिस द्वारा मकर संक्रांति त्योहार से ठीक पहले ड्रोन सर्वे किया गया, प्रतिबंधित मंझे (चाइनिज मंझे ) से पतंग उडाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है, यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित मंझे का उपयोग करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, यदि किसी के द्वारा चाइनीज़ मंझा बेचा जाता है, तो उसकी सूचना मोबाइल नंबर 9454404379 पर दें सूचना देने वालों का नाम व नंबर गोपनीय रखा जाएगा.

बड़े पैमाने पर की जाने वाली पतंगबाजी जिसमें पतंग में प्रयोग होने वाला चाइनीज़ मंझा लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है. बीते समय में चाइनीज़ मंझे से गला कटने, हाथ और शरीर के अन्य अंगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए कैंट पुलिस टीम द्वारा नदेसर क्षेत्र स्थित नगर निगम कार्यालय की छत से ड्रोन के माध्यम से सर्वे किया गया. इस दौरान आमजन को जागरूक करते हुए अपील की गई कि पतंग उड़ाने में चाइनीज़ मंझे का प्रयोग न करें, क्योंकि यह अत्यंत खतरनाक और जानलेवा है. इस दौरान लाउडस्पीकर से स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति चाइनीज़ मांझे का उपयोग करता पाया गया तो उसके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
कैंट पुलिस ने की अपील
कैंट थाना पुलिस द्वारा लोगों से सहयोग की अपील करते हुए यह निवेदन किया गया, की यदि किसी के द्वारा चाइनीज़ मंझा बेचा जाता है, तो उसकी सूचना मोबाइल नंबर 9454404379 पर दें सूचना देने वालों का नाम व नंबर गोपनीय रखा जाएगा.
ALSO READ : कोहरे से हवाई इमरजेंसी, छह उड़ानें रद्द, कई विमान देरी से पहुंचे,यात्रियों की फजीहत
प्रतिबंधित मंझे की चपेट में आने से मोर की मौत
बड़ागांव विकास खंड के ग्राम सभा कनियर में रविवार को चाइनीज मंझे की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की दर्दनाक मौत हो गई. ग्रामीणों के अनुसार, मोर उड़ते समय प्रतिबंधित चाइनीज मंझे में फंस गया, जिससे वह उड़ नहीं पाया। इसके बाद, वह पास में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर की चपेट में आकर नीचे गिर पड़ा. गिरने के बाद, कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया. इस स्थिति को देखकर गांव के गृजेश मिश्रा (गिज्जू) और हितेश मिश्रा ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर को कुत्तों के हमले से बचाया. लेकिन तब तक मोर गंभीर रूप से घायल हो चुका था.
गांव के लोगों ने मोर को जल पिलाने के बाद वन विभाग को सूचना दी. हालांकि, जब तक वन विभाग के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक मोर ने दम तोड़ दिया.
सूचना मिलने पर वन विभाग के रेंजर पंकज कुमार सिंह, दरोगा अमित श्रीवास्तव और सिपाही सतेंद्र पाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मोर के शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मोर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाएगा.



