अंतरराष्ट्रीय संस्था की सूचना पर वाराणसी में केस दर्ज, सोशल मीडिया पर अवैध सामग्री डालने का आरोप...

वाराणसी : सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नाबालिगों से जुड़ी अवैध सामग्री डालने के मामले सामने आ रहे हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के माध्यम से अमेरिका स्थित गुमशुदा और शोषित बच्चों संबंधी केंद्र (एनसीएमईसी) की ओर से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा इंटरनेट पर अवैध सामग्री अपलोड करने की जानकारी मिली. इसे साइबर अपराध की गंभीर घटना मानते हुए बड़ागांव थाने की पुलिस ने सोनपुरवा के एक युवक पर आइटी एक्ट की धारा 67 बी के तहत केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है.
बड़ागांव थाने पर तैनात उपनिरीक्षक खुशबू सिंह ने यौन शोषण से जुड़े मामले की जांच की. इसमें पाया कि यह तमाम अश्लील वीडियो स्थानीय थानाक्षेत्र के ही सोनपुरवा गांव के शिवकुमार सिंह के द्वारा अलग-अलग पोर्टल एवं एप पर अपलोड कर प्रसारित किया जा रहा है जो आइटी एक्ट के अंतर्गत आता है. सूचना में संदिग्ध आरोपित का नाम शिवकुमार सिंह बिल्ला बताया जा रहा है. उसका इंस्टाग्राम खाता बिल्ला-2.0 है. रिपोर्ट में उसके मोबाइल नंबर, दो ईमेल पता और कई इंटरनेट प्रोटोकाल पते दर्ज हैं. शिकायतकर्ता ने बड़ागांव थाना प्रभारी को सौंपी गई पूरी सूचना पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. पुलिस अब बच्चों से यौन अपराध संरक्षण कानून, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने जा रही है.
जांच में अवैध फाइलें आई सामने
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पुलिस को दी गई लिखित शिकायत पर जांच में आठ अवैध फाइलें सामने आई हैं. इनमें कम उम्र की लड़कियों और बच्चों से जुड़ी अश्लील वीडियो और तस्वीरें शामिल हैं. संदिग्ध ने अपने खाते से इन सामग्रियों को अपलोड कर दूसरों तक पहुंचाया था. कुछ वीडियो में नाबालिग बच्चे दिख रहे हैं. तकनीकी जांच से पता चला कि संदिग्ध के विभिन्न इंटरनेट पते वाराणसी क्षेत्र से जुड़े पाए गए. इनमें कई बार अलग-अलग तिथियों पर लागिन की जानकारी है. साथ ही कई उपकरण पहचान संकेत भी रिपोर्ट में दर्ज हैं. ये सभी विवरण आगे की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
बड़ागांव थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे मामलों में खाते को अवरुद्ध करने, इंटरनेट पते की पहचान और उपकरण जांच से आरोपी तक पहुंच आसान होती है. इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है. संदिग्ध की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेजी से चल रहे हैं. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि उनके ध्यान में कोई ऐसी अवैध सामग्री आए तो तुरंत निकटवर्ती थाने या कंप्यूटर अपराध प्रकोष्ठ को सूचित करें. बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज में जागरूकता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है.



