सीएम योगी का बड़ा ऐलान, अब शिक्षा मित्रों को मिलेगा दुगना वेतन

वाराणसी: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. जी हां, उन्होंने विधानसभा में एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि, अब शिक्षा मित्रों को 18 हजार रुपये और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये हर महीना मिलेगा. याद दिला दें कि, यूपी के शिक्षा मित्र और अनुदेशक काफी समय से अपना वेतन बढ़ानने की मांग कर रहे थे, इन मांगों पर विचार करते हुए सीएम योगी ने सैलरी बढ़ाने का एक बड़ा फैसला लिया है. बता दें, 1 अप्रैल से यूपी के सभी शिक्षा मित्रों को बढ़कर वेतन मिलेगा.

सपा पर बरसे सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाए जाने की घोषणा करते हुए विधानसभा में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. जहां उन्होंने कहा कि आपकी सरकार ने एक बार भी शिक्षामित्रों का मानदेय नहीं बढ़ाया. केंद्र सरकार से तीन हजार रुपये का मानदेय दिया जाता था. शिक्षामित्रों को वही मिलता था, हमारी सरकार ने इसमें 9 सालों में 15 हजार रुपये का इजाफा किया है.इसके साथ ही शिक्षा मित्रों का अब ट्रांसफर भी होगा, सरकार ने शिक्षा मित्रों और उनके परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी है, सीएम योगी ने बढ़े मानदेय को लेकर तत्काल भुगतान की व्यवस्था की है.

सपा-बसपा के शासन में शिक्षा मित्रों का जाने हाल
जानकारी के मुताबिक, यूपी में वर्तमान समय में करीब 1 लाख 43 हजार शिक्षा मित्र हैं. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने अपने शासन काल में शिक्षा मित्र की ट्रेनिंग दी थी, लेकिन 2012 का चुनाव हारने की वजह से बसपा की सरकार गिर गई और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन्हीं शिक्षा मित्रों को सहायक शिक्षक बना दिया था. पर अफसोस कि अखिलेश सरकार का ये आदेश हाईकार्ट में चैलेंज का रूप ले बैठा था, क्योंकि RTE एक्ट के तहत हर सहायक शिक्षक को TET पास करना महत्वपूर्ण होता है.

फिर क्या ये मामला सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक जा पहुंचा. जहां सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सही माना था और यूपी में सहायक शिक्षकों की भर्ती रद्द हो गई. इसके बाद ये सभी 1 लाख 43 हजार सहायक शिक्षक यूपी के स्कूलों में शिक्षा मित्र बन गए और इन्हें 10 हजार रुपये महीना दिया जाने लगा, जबकि सहायक शिक्षक के तौर पर इन्हें 50 हजार रुपये महीना मिलता था.
वहीं, अनुदेशकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में जूनियर हाई स्कूल में और 24 हजार से ज्यादा अनुदेशक मौजूद हैं. ये संविदा पर हैं और इन्हें 7 हजार रुपये महीने सैलरी के तौर पर मिलती है. हालांकि, विधानसभा में सीएम योगी ने ऐलान किया है कि इन अनुदेशकों को अब 17 हजार रुपये महीना मिला करेगा. पहली बार, योगी आदित्यनाथ सरकार ने जुलाई 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाया था, उस समय शिक्षामित्रों को मानदेय के तौर पर 3 हजार रुपये मिलते थे. योगी सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये तय किया था, इस प्रकार 9 साल में दूसरी बार शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा है.



