नेपाल में तबाही पर काशी में चिंता, 11 ब्राह्मणों ने मां काली और बाबा विश्वनाथ से की विशेष प्रार्थना

वाराणसी: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और उससे उपजे संकट को लेकर धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में भी चिंता दिखाई दी। नेपाल में बाढ़ से जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति, घायलों और बीमार लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने तथा नेपाल और काठमांडू में फंसे भारतीय पर्यटकों की सकुशल भारत वापसी के लिए काशी के 11 ब्राह्मणों ने विशेष अनुष्ठान कर प्रार्थना की।
वाराणसी के सुदामापुर स्थित इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर काली अवेयरनेस (ISKA) आश्रम में आयोजित एक दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इस दौरान ब्राह्मणों ने मां काली, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा और संकट मोचन महाराज से नेपाल में शांति, सुरक्षा और जनजीवन जल्द सामान्य होने की कामना की।
अनुष्ठान के दौरान ब्राह्मण हाथों में पोस्टर लेकर भी नेपाल के लोगों के लिए प्रार्थना करते नजर आए। उन्होंने प्राकृतिक आपदा में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शांति के साथ उन परिवारों के लिए भी प्रार्थना की, जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है। प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति मिलने तथा बीमार और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।

‘काशी से पशुपतिनाथ की नगरी के लिए शांति प्रार्थना’
अनुष्ठान में शामिल पंडित हरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि नेपाल भारत का पड़ोसी देश होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी गहरे संबंधों वाला राष्ट्र है। उन्होंने कहा, “बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी से भगवान पशुपतिनाथ की नगरी नेपाल के लिए शांति प्रार्थना और अनुष्ठान किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए आनंदमयी मां श्यामा काली से विशेष प्रार्थना की गई। इसके साथ ही नेपाल और काठमांडू में फंसे भारतीय पर्यटकों की सकुशल भारत वापसी के लिए बाबा विश्वनाथ और संकट मोचन महाराज से भी प्रार्थना की गई।
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जल्द सामान्य हों हालात
अनुष्ठान में शामिल सभी ब्राह्मणों ने कामना की कि नेपाल में राहत और बचाव कार्य सफल हों, प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचे और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द हालात सामान्य हों। काशी से उठी इस आध्यात्मिक प्रार्थना के माध्यम से नेपाल के संकटग्रस्त लोगों के प्रति संवेदना और मानवीय एकजुटता का संदेश भी दिया गया।



