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कांग्रेस कार्यालय घेराव के विरोध में कांग्रेस का धरना, नामजद एफआईआर की मांग

कांग्रेस कार्यालय घेराव के विरोध में कांग्रेस का धरना, नामजद एफआईआर की मांग
Aug 17, 2026, 03:34 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन के समीप भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यालय के घेराव एवं कथित अराजकता के विरोध में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेसजनों ने धरना शुरू कर दिया. धरने का नेतृत्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे कर रहे हैं, जबकि जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल धरने की अध्यक्षता कर रहे हैं.


कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा कांग्रेस कार्यालय को घेरने का यह पांचवीं बार प्रयास किया गया है, कांग्रेस के अनुसार, आज भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के समीप पहुंचे और कांग्रेस नेताओं तथा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया. कांग्रेसजनों का आरोप है कि कुछ लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और पत्थर भी थे तथा कांग्रेस कार्यालय के आसपास तनाव एवं अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया.


घटना के विरोध में कांग्रेसजनों ने एसीपी कोतवाली को लिखित तहरीर देकर नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज, सीसीटीवी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए .


महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे एवं जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने संयुक्त रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी गांधीवादी विचारधारा, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है. कांग्रेसजन अपनी राजनीतिक लड़ाई लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लड़ते हैं, हमारी अहिंसक और लोकतांत्रिक नीति को कमजोरी समझने की भूल भाजपा न करे.


उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने सम्मान, संगठन और कार्यालय की गरिमा की रक्षा करना जानते हैं, कांग्रेस के लोग हाथों में चूड़ियां पहनकर नहीं बैठे हैं. यदि कांग्रेस चाहे तो भाजपा कार्यालय का घेराव करना भी उसके लिए कठिन नहीं है, लेकिन कांग्रेस गांधीवादी परंपरा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं में विश्वास करती है और इसी रास्ते पर अपनी लड़ाई लड़ती रहेगी.


कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यालय को घेरना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना तथा कथित रूप से लाठी-डंडे और पत्थरों के साथ पहुंचना गंभीर विषय है, उन्होंने भाजपा की इस कथित कुप्रवृत्त मानसिकता एवं राजनीतिक असहिष्णुता पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया.


भाजपा युवा मोर्चा का अमन सोनकर, रजत जायसवाल सहित सभी दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर की मांग


कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमन सोनकर, भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल तथा उनके साथ कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचे सभी अराजक तत्वों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए.


उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा वीडियो फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका निर्धारित की जाए. जो भी व्यक्ति कानून तोड़ने का दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.


एफआईआर होने तक धरना जारी रखने का ऐलान


महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे एवं जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेसजनों ने पुलिस प्रशासन को तहरीर सौंप दी है. अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे.


उन्होंने कहा, “जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक हमारा धरना समाप्त नहीं होगा, आवश्यकता पड़ी तो यह धरना अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा”.


उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा, कांग्रेस किसी भी प्रकार की हिंसा या अराजकता में विश्वास नहीं करती, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों और पार्टी कार्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए हर संवैधानिक मंच पर अपनी आवाज उठाती रहेगी.


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कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर आंदोलन


कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तहरीर के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, तो कांग्रेस अपने आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए बाध्य होगी.


उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखेगी और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक स्तर पर प्रधानमंत्री कार्यालय के समक्ष विरोध-प्रदर्शन एवं घेराव का कार्यक्रम आयोजित करेगी. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने की स्थिति में आंदोलन के विस्तार की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की मांग कर रही है, यदि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होती है, तो पार्टी अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आंदोलन को अगले स्तर तक ले जाएगी.


धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद


धरना स्थल पर महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, प्रजानाथ शर्मा, संजीव सिंह, मयंक चौबे, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, ऋषभ पांडेय, पार्षद दल नेता गुलशन अंसारी, रमजान अली, असलम ख़ान, मनींद्र मिश्रा, हाजी वकाश अंसारी, वकील अंसारी, सतनाम सिंह, धीरज सोनकर, रोहित दुबे, आशीष केशरी, विपिन मेहता, अंकित रस्तोगी, अविनाश मिश्रा, अतुल उपाध्याय, सिद्धार्थ केशरी, प्रमोद वर्मा, अरुण सोनी, अशोक सिंह, हसन मेहंदी कब्बन, नरसिंह दास, प्रवीण प्रकाश, संजय निगम, बदरे आलम, आशीष पाठक, अनिल केशरी, अनिल पटेल, गोपाल चौबे, उत्कर्ष पांडेय, विनीत चौबे, संतोष चौरसिया, रामजी प्रसाद, विकास पांडेय, दीपचंद्र विश्वकर्मा, पीयूष श्रीवास्तव, मनोज उपाध्याय, बबलू यादव, मंजूर पप्पू, मो. शाहिद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे.


धरना स्थल पर कांग्रेसजनों ने एकजुट होकर घटना की निष्पक्ष जांच, नामजद एफआईआर, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा कांग्रेस कार्यालय और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.


कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, राजनीतिक दलों के कार्यालयों की सुरक्षा और कानून के शासन की रक्षा के लिए है, कांग्रेस गांधीवादी एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी और जब तक प्रशासन द्वारा अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
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बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।