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कफ सिरप प्रकरण में कांग्रेस ने सरकार को घेरा, अजय राय ने कहा - कहां गई जीरो टालरेंस नीति

कफ सिरप प्रकरण में कांग्रेस ने सरकार को घेरा, अजय राय ने कहा - कहां गई जीरो टालरेंस नीति
Nov 26, 2025, 09:11 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कफ सिरप प्रकरण को लेकर सरकार को घेरा है. बुधवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लहुराबीर स्थित अपने कैंप कार्यालय पर प्रेस वार्ता में सवाल उठाया कि अब जीरो टालरेंस नीति कहां गई. आरोप लगाया कि ड्रग लाइसेंस जारी करने वाला मास्टर माइंड सरकारी अधिकारी नरेश मोहन है, इसकी जांच हो. इस मामले में एसआईटी नहीं बल्कि न्यायिक जांच कराई जाए. इस प्रकरण से जुड़े लोगों की संपत्ति की जांच हो. कारण यह कि इस मामले में कई राजनेता भी शामिल हैं, जांच होगी तो सामने सब आ जाएंगे. ड्रग माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. एसआईआर सिर्फ भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. बीएलओ पर दबाव बनाकर गैर भाजपाई वोटरों का नाम हटाने की कोशिश की जा रही है. बीएलओ दबाव में आत्महत्या कर रहे हैं. दालमंडी में जबरन लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्‍होंने तमाम प्रकरणों का ज‍िक्र कर सरकार को कटघरे में खडा किया है. जहरीली कफ सिरप का नेटवर्क जिस तरह फल-फूल रहा है, यह केवल कानून-व्यवस्था की नाकामी नहीं—यह डबल इंजन की सरकार की सीधी असफलता और सत्ता संरक्षण का गंदा चेहरा है. कफ सिरप मामले में आरोपित शुभम जायसवाल का पूरा नाम, पिता का नाम और पता मौजूद हैं. लेकिन 19 नवम्बर को दर्ज एफआईआर में उसी आरोपी शुभम जायसवाल के पिता का नाम और घर का पता गायब कर दिया जाता है. यह साफ़ संकेत है कि इस अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और सत्ता मशीनरी आरोपियों को बचाने में लगी है.


कांग्रेस की मांग

1. सभी मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो

2. मामले की न्यायिक जाँच हो

3. माफियाओं की अवैध संपत्तियों की कुर्की

4. राजनीतिक संरक्षण की जांच

5. स्वास्थ्य मंत्रालय व यूपी सरकार से NHRC को पूरी रिपोर्ट सौंपने की बाध्यता


एसआईआर पर उठाए सवाल


अजय राय ने कहा कि इस समय एसआईआर सिस्टम BLO कर्मचारियों की मौत का कारण बना हुआ है. यह वोट चोरी मॉडल है जिसके सीधे जिम्मेदार मोदी और ज्ञानेश कुमार हैं. गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक बीएलओ कर्मचारियों की आत्महत्याएँ और संदिग्ध मौतें यह साबित करती हैं कि मोदी सरकार का नया एसआईआर सिस्टम वोट मैनेजमेंट नहीं, बल्कि वोट चोरी माडल है. जनता की जान की कीमत पर चुनाव कराने का यह मॉडल लोकतंत्र की हत्या है. लखनऊ में बीएलओ विजय कुमार वर्मा की ब्रेन हैमरेज से मौत, जिनके परिजनों से हम मिल चुके हैं. हम माँग करते है की उच्च स्तरीय जाँच करके आरोपित अधिकारियों पर कडी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और मृतक बीएलवो के परिजनों को तत्काल प्रभाव से एक - एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी मुहैया कराई जाए.


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वाराणसी में महिलाएं चला रही थीं फर्जी मैट्रिमोनियल रैकेट, 10 गिरफ्तार
वाराणसी में महिलाएं चला रही थीं फर्जी मैट्रिमोनियल रैकेट, 10 गिरफ्तार
वाराणसी : ऑपरेशन "साइबर वज्र" के तहत वाराणसी पुलिस ने कैंट क्षेत्र में मैट्रिमोनियल ब्यूरो की आड़ में साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड किया. रैकेट संचालिका समेत 10 महिलाओं को गिरफ्तार कर 27 मोबाइल समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए. पुलिस के अनुसार, गिरोह ने कई लोगों से करीब ₹10 लाख की ठगी की है. कैंट पुलिस और साइबर सेल को सोमवार शाम संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली.फर्जी मैट्रिमोनियल ब्यूरो चलाकर शादी कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने चाले गिरोह का संचालन अर्दली बाजार स्थित विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी के एक फ्लैट से किया जा रहा था.पुलिस के अनुसार, गिरोह की मास्टरमाइंड रागिनी देवी अखबारों में आकर्षक वैवाहिक विज्ञापन प्रकाशित कराती थी. विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से 'लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन' के नाम पर सदस्यता शुल्क लिया जाता था. इसके बाद वाट्सएप पर युवक-युवतियों की प्रोफाइल भेजी जाती थी, लेकिन वास्तविक परिवारों का संपर्क कभी उपलब्ध नहीं कराया जाता था.50 से अधिक शिकायतों के बाद हुई कार्रवाईइस मामले में पुलिस और साइबर थाने को दर्जनों शिकायतें मिली थीं. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि पैसे जमा कराने के बावजूद न तो रिश्ता कराया गया और न ही उनकी रकम लौटाई गई. लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की.डीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल और एनसीआरपी पोर्टल पर दो संदिग्ध मोबाइल नंबरों के खिलाफ लगातार शिकायतें दर्ज हो रही थीं. जांच में सामने आया कि इन्हीं नंबरों के जरिए लोगों से संपर्क कर ठगी की जा रही थी. देश के विभिन्‍न राज्‍यों से भी शिकायतें मिल रही थीं.वाट्सएप के जरिए चलता था पूरा खेलपुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य खुद को मैट्रिमोनियल ब्यूरो का प्रतिनिधि बताकर वाट्सएप पर प्रोफाइल भेजते थे. इसके बाद परिवार का संपर्क देने के नाम पर सदस्यता शुल्क जमा कराया जाता था. एक महिला शिकायतकर्ता से चार किस्तों में ₹7,000 और दूसरे से ₹3,500 वसूले गए, लेकिन किसी को भी वास्तविक वैवाहिक संपर्क नहीं दिया गया.सोमवार को साइबर सेल और कैंट थाना पुलिस ने विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी स्थित कार्यालय पर छापा मारा. वहां तीन कमरों में 10 महिलाएं मोबाइल फोन और कीपैड फोन के जरिए लोगों से बातचीत करती मिलीं. तलाशी के दौरान पुलिस ने 27 मोबाइल फोन, एक एसर टैबलेट, चार बिल वाउचर, दो रजिस्टर, किरायानामा, उद्यम पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज, मैट्रिमोनियल रजिस्ट्रेशन फॉर्म, तीन क्यूआर कोड, एक पेमेंट साउंड बॉक्स, तीन चेकबुक, एक पासबुक और पांच डेबिट कार्ड बरामद किए. पूछताछ में रागिनी देवी ने स्वीकार किया कि अखबारों में विज्ञापन देकर लोगों को सदस्यता के लिए प्रेरित किया जाता था. पुलिस के अनुसार, साइबर शिकायतों के चलते कुछ बैंक खाते फ्रीज होने के बाद गिरोह ने अन्य बैंक खातों और अलग-अलग क्यूआर कोड के जरिए भी पैसे वसूलने शुरू कर दिए थे.ALSO READ:वाराणसी रिंग रोड फेज 2 पर अज्ञात वाहन में पीछे से टकराया ट्रक, चालक की मौत...गिरफ्तार सभी महिलाए कैंट, शिवपुर, लालपुर, और कैंट थाना क्षेत्र की निवासी बताई गई और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 3(5), 319(2), 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और देशभर में इस तरह की साइबर ठगी के मामलों का भी खुलासा किया जा सके.
वाराणसी रिंग रोड फेज 2 पर अज्ञात वाहन में पीछे से टकराया ट्रक, चालक की मौत...
वाराणसी रिंग रोड फेज 2 पर अज्ञात वाहन में पीछे से टकराया ट्रक, चालक की मौत...
वाराणसी : जंसा थाना क्षेत्र में रिंग रोड फेज 2 पर सजोई गांव के पास मंगलवार की सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया. तेज रफ्तार ट्रक किसी अज्ञात वाहन में पीछे से टकरा गया, जिससे चालक की मौत हो गई. ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. मशक्‍कत के बाद केबिन में फंसे चालक को बाहर निकाला गया. इस दौरान कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा. पुलिस शव कब्‍जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई.घटना की सूचना राहगीरों ने जंसा पुलिस को दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद चालक के शव को केबिन से बाहर निकाला. हादसे के समय ट्रक में कोई खलासी मौजूद नहीं था. प्रारंभिक अनुमान है कि चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई होगी, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.जंसा थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि ट्रक के पंजीकरण नंबर के आधार पर मृत चालक की पहचान बरेली निवासी मुनीष गंगवार (पुत्र मुरारी लाल गंगवार) के रूप में हुई है. मुनीष गंगवार करहुआ, थाना सीबीगंज, जनपद बरेली के निवासी थे. कराने का प्रयास किया जा रहा है. शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है. साथ ही दुर्घटना में शामिल अज्ञात वाहन की भी तलाश की जा रही है. घटना के बाद कुछ देर तक रिंग रोड पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने सामान्य किया. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.ALSO READ:संत रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान, घाट पर गूंजा 'मन चंगा तो कठौती में गंगा...इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की बढ़ती संख्या और लापरवाह ड्राइविंग के प्रति चिंता व्यक्त की है. सड़क दुर्घटनाएं अक्सर गंभीर परिणाम लेकर आती हैं, और यह घटना भी इस बात का प्रमाण है कि सड़क पर सतर्कता और सावधानी बरतना कितना आवश्यक है. पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें.
संत रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान, घाट पर गूंजा 'मन चंगा तो कठौती में गंगा...
संत रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान, घाट पर गूंजा 'मन चंगा तो कठौती में गंगा...
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरु पूर्णिमा से चल रहे राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत मंगलवार को संत रविदास घाट पर नमामि गंगे द्वारा 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. हाथों में संत रविदास के संदेश लिखी तख्तियां और कठौती में गंगाजल लेकर उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, आंतरिक पवित्रता, सच्चे कर्म और मानवता का संदेश दिया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. उत्तम ओझा ने संत रविदास के विचारों को आज भी समाज के लिए प्रासंगिक बताते हुए उनके समरसता और नैतिक जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया.वहीं नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' केवल एक कथन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सदाचार और समानता का जीवन-दर्शन है. इस अवसर पर पुष्पलता वर्मा, विशाल केसरी, दिनेश कुमार सिंह, सतवंत भारती, रवि निषाद, संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे.बता दें कि शिरोमणी गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा 29 जुलाई गुरु पुर्णिमा से लेकर 20 फरवरी माघी पुर्णिमा तक देशभर में विविध आयोजन किए जा रहे हैं. भाजपा देशभर में "संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास सामाजिक समरसता अभियान" चलाएगी. अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास के समरसता, कर्मयोग, भक्ति और सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है. अभियान पांच चरणों में संचालित होगा. प्रथम चरण के तहत 29 जुलाई को गुरु रविदास की जन्मस्थली एवं स्मारक पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जन्मस्थली मंदिर के महंत संत निरंजन दास महाराज सहित अनेक संत एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे.इससे पहले 28 जुलाई को देशभर से आने वाले कार्यकर्ताओं की टोलियां गुरु रविदास स्मारक स्थल पर पवित्र मिट्टी का पूजन कर 131 कलश तैयार करेंगी. इसके बाद स्मारक स्थल से गुरु रविदास जन्मस्थली मंदिर तक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जहां सभी कलशों का विधिवत पूजन होगा.