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महादेव की नगरी काशी में माँ अन्नपूर्णा के 17‑दिवसीय महाव्रत का उद्यापन, धान की बाली अर्पित

महादेव की नगरी काशी में  माँ अन्नपूर्णा के 17‑दिवसीय महाव्रत का उद्यापन, धान की बाली अर्पित
Nov 26, 2025, 08:31 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - महादेव की नगरी काशी में माँ अन्नपूर्णा के 17 दिवसीय महाव्रत का बुधवार को पारंप‍रि‍क तौर पर उद्यापन हो गया. इसी परिप्रेक्ष्‍य में किसान अपनी फसल की पहली धान की बाली मां को अर्पित करने पहुंचे. वहीं मंद‍िर प्रशासन की ओर से धान कीं बलियों से सजा माँ का दरबार नजर आया तो अन्य विग्रहों का भी मनोरम शृंगार क‍िया गया.

काशी में विराजित अन्नपूर्णा मंदिर माता मंदिर को कई कुंतल धान की बालियों से सजाया गया, जहाँ पूर्वांचल के किसानों ने अपनी पहली फसल की बालियां माँ के चरणों में अर्पित कीं. इस कठिन व्रत में भक्त 17 गांठ और 17 धागे धारण कर, पूरे 17 दिन केवल एक समय फलाहार (नमक‑रहित) ही ग्रहण करते हैं.

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बालियाें से सजी मां की झांकी


उद्यापन के दिन मंदिर परिसर को धान की बालियों से शृंगारित किया गया और माँ अन्नपूर्णा को विशेष आरती एवं भोग अर्पित किए गए. महंत शंकर पुरी ने बताया कि इस परम्परा से न केवल अन्न‑धन की समृद्धि बनी रहती है, बल्कि भक्तों की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं. श्रीकाशी विश्वनाथ के प्रथम द्वार (गेट नंबर एक) स्थित मंदिर में विराजमान काशीपुराधीश्वरी मां अन्नपूर्णा के 17 दिवसीय वार्षिक व्रत-अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि में बुधवार को परिसर धान की सुनहरी बालियों से सजा; भूतल स्थित गर्भगृह भी स्वर्णिम आभा से नहा उठा. मां की 56 क्विंटल धान की बालियों से दिव्य-भव्य झांकी सजाई गई.


17 दिवसीय व्रत का उद्यापन

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अन्नपूर्णेश्वरी के 17 दिनी वार्षिक व्रत-अनुष्ठान का आरंभ मार्गशीर्ष (अगहन) मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि में 10 नवंबर को हुआ था. पहले दिन अन्नपूर्णेश्वरी का दर्शन-पूजन कर मंदिर से प्राप्त 17 गांठ का धागा धारण कर श्रद्धालुओं ने व्रत का संकल्प लिया था. व्रतियों ने 17 दिनों तक नित्य निरंतर 17 प्रकार के पूजन, शृंगार, भोग-प्रसाद की सामग्री अर्पित की.

इस अवधि में प्रतिदिन 17 परिक्रमा और 17 दीप जलाए. एक अन्नाहार या फलाहार ग्रहण किया. अंतिम दिन पूर्णाहुति शृंगार के लिए पूर्वांचल भर से किसानों ने अपने खेतों में उपजी धान के फसल की पहली बाली लाकर मां अन्नपूर्णा को अर्पित की. इससे ही गर्भगृह समेत परिसर का नख-शिख विशेष शृंगार किया गया. साथ ही नए चावल समेत पकवानों का भोग लगाया गया. अब 27 नवंबर को माता अन्नपूर्णा के दरबार से प्रसाद स्वरूप धान की बालियां भक्तों में वितरित की जाएंगी.


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होली पर करोड़ों की शराब गटक गए काशीवासी, गदगद हुआ आबकारी विभाग
होली पर करोड़ों की शराब गटक गए काशीवासी, गदगद हुआ आबकारी विभाग
वाराणसी: होली पर्व पर रिकार्ड तोड शराब बिक्री से आबकारी विभाग गदगद है. वहीं, इस साल होली पर शराब कारोबारियों की भी बांछें खिली रही. तीन दिन में शराब कारोबारियों ने करोड़ों की शराब बेची. इस दौरान भांग की बिक्री में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली. आबकारी विभाग के आंकड़ों को मानें तो करीब 27 करोड़ रुपए की अंग्रेजी और देसी शराब की बिक्री काशी में हुई. फिलहाल राजस्व में हुई बढ़ोतरी से आबकारी विभाग भी प्रफुल्लित नजर आ रहा है. शराब कीदुकानों पर होली के एक दिन पहले भारी भीड लग गई थी. इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि होली पर काशी वासी करोडों की शराब गटक गए.होली पर तीन दिनों में काशी के लोगों ने 27 करोड़ रुपए की शराब गटक ली है. जिला आबकारी अधिकारी कमल कुमार शुक्ल ने बताया कि इस दौरान अंग्रेजी और देसी शराब की बंपर बिक्री दर्ज की गई. उन्होंने बताया कि भांग का कारोबार भी अच्छा रहा और शराब के साथ लोगों ने भांग की खरीदारी भी जमकर की है.यह भी पढ़ें: प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चापिछले साल 25 करोड़ का था कारोबारजिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में देसी शराब की ज्यादा बिक्री हुई, जबकि शहरी क्षेत्र में अंग्रेजी शराब लोगों की पसंद बनी. आंकड़ों की बात की जाए तो करीब 40% देसी शराब और 60% अंग्रेजी शराब की बिक्री हुई है. उन्होंने बताया कि हालांकि भांग से सरकार को राजस्व नहीं मिलता, लेकिन फिर भी काशी में उसकी अच्छी बिक्री हुई है. उन्होंने बताया कि पिछले साल करीब 25 करोड़ रुपए की शराब कि बिक्री हुई थी जो इस साल बढ़कर 27 करोड़ रुपए हो गई. यानी कि दो करोड की शराब अधिक बिकी.
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा
वाराणसी: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय होली के बाद पांच मार्च गुरुवार को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे. इस दौरान अजय राय ने शंकराचार्य के चरणों में पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया और हाल के घटनाक्रम और आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की. मुलाकात के दौरान अजय राय ने कहा कि जब वे लखनऊ में थे तब पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. उनके अनुसार प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी और होली का हवाला देकर उन्हें रोक लिया गया. इस पूरे मामले की जानकारी शंकराचार्य को दी और प्रशासन की ओर से जारी जिला अधिकारी (डीएम) का पत्र भी उन्हें दिखाया. उन्होंने कहा कि यह पत्र बताता है कि प्रशासन किस आधार पर लोगों को रोक रहा है.शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 6 दिन अभी और बचा हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास समय है कि वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कर दें, लेकिन अभी तक उनके तरफ से कोई बयान नहीं आया है. उनकी ही पार्टी के अन्य लोग समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है. हम लखनऊ जा रहे हैं. वहां पर सभी साधु संतों के सामने हम अपने फैसले को सुनाएंगे. हम उन लोगों का चेहरा भी सामने लेंगे जो लोग हमारे इस अभियान में साथ हैं. उन्होंने कहा कि हम यहां से निकल रहे हैं. हमें जहां रोका जाएगा, हम कानून का पूरा साथ देंगे, लेकिन हमें उम्मीद है कि ये धर्म की यात्रा है, इसमें कोई बाधा नहीं आ सकती है.यह भी पढ़ें: वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारीशंकराचार्य ने कहा कि होली के बाद अजय राय हमसे मुलाकात करने के लिए आए थे. गंगा अभियान को लेकर कुछ चर्चाएं हुई. लेकिन कोई बहुत बड़ी बात नहीं की गई है. यह एक मुलाकात थी. डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जो बयान दिया है उस पर शंकराचार्य ने कहा कि जिसका जैसा संस्कार होता है, वह वैसा ही बयान देता है.11 मार्च को शंकराचार्य के साथ खड़े रहेंगे कांग्रेस कार्यकर्ताअजय राय ने कहा कि हम अपने शंकराचार्य से मुलाकात करने के लिए होली बाद पहुंचे थे. शंकराचार्य का जो भी आदेश होगा, हमारी पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी. जो लोग गौ को अपनी मां मानते हैं, वह सभी लोग साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि 11 मार्च को हम सभी लखनऊ में महाराज जी के साथ रहेंगे.बिहार मुद्दे पर अजय राय का बड़ा बयान बिहार के नीतीश मुद्दे पर अजय राय ने कहा कि यह चुनाव में ही तय हो गया था कि बीजेपी उनको साइड लाइन करेगी. वहां पर जेडीयू को इन्होंने अपने साथ विलय कर लिया है. इससे पहले नवीन पटनायक की सरकार के साथ भी इन्होंने यही किया था. उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ जो भी रहता है, उसको यह लोग पूरी तरह से साफ कर देते हैं.शंकराचार्य ने बताया लखनऊ कार्यक्रम का खाका शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने प्रस्तावित लखनऊ कार्यक्रम की रूपरेखा भी साझा की. उन्होंने कहा कि वे अपने निर्धारित मार्ग और कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे. शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपने मार्ग पर निकलेंगे और जो भी निर्णय लेना होगा, वह अपने धर्म और परंपरा के अनुसार लेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन को जो करना है वह करे, लेकिन वे अपने तय कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे.11 मार्च को लखनऊ में सभा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गाय और सनातन की रक्षा के लिए 11 मार्च को लखनऊ में सभा करेंगे. 7 मार्च को वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर काशी से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे. उन्होंने बताया कि सबसे पहले बड़े भगवान चिंता गणेश का पूजन पाठ होगा. संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ करेंगे.उसके बाद यात्रा के लिए निकल जाएंगे. विभिन्न स्थानों से होते हुए लखनऊ में 11 मार्च को शीतला अष्टमी पर काशीराम मैदान में गौ ध्वज प्रतिष्ठा किया जाएगा. इसके बाद धर्म युद्ध शुरू होगा, जो लोग भी गौ माता की रक्षा के लिए आना चाहते हैं, वह आएं.
वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी: रंग भरी एकादशी से शुरू रंगों के पर्व को सकुशल संपन्‍न कराने के बाद कमिश्‍नरेट पुलिस के लिए गुरुवार पांच मार्च का दिन खास रहा. जिले में शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराने के उपरांत आज पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पारंपरिक रूप से पुलिस लाइन एवं पुलिस आयुक्त आवास पर हर्षोल्लास के साथ होली मनाई गई. इस अवसर पर अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर एवं गुलाल में सराबोर होकर उत्सव में शामिल हुए तथा एक-दूसरे को रंग लगाकर प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश दिया."होली प्रेम और भाईचारे का पर्व"कार्यक्रम के दौरान संगीत, लोकगीत एवं नृत्य का आकर्षक संगम देखने को मिला, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने इस अवसर पर पुलिसकर्मियों के समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को सुदृढ़ करने का संदेश देता है.यह भी पढ़ें: वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारीउन्होंने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी के पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं. माहौल इतना उल्लासपूर्ण रहा कि कई पुलिसकर्मी रंग से भरे टब में गोते लगाते दिखे और जमकर मस्ती की. होली के इस आयोजन में अनुशासन और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला. जहां एक ओर वर्दीधारी जवान सालभर कानून-व्यवस्था संभालते नजर आते हैं, वहीं इस अवसर पर वे भी रंगों में सराबोर होकर खुशी साझा करते दिखाई दिए.