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वाराणसी में 25 हजार हवन कुंडों में डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने 200 टन वैदिक सामग्री से दी आहुति

वाराणसी में 25 हजार हवन कुंडों में डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने 200 टन वैदिक सामग्री से दी आहुति
Nov 26, 2025, 08:11 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - विहंगम योग का 102वां वार्षिकोत्सव स्वर्वेद महामंदिर धाम में धूमधाम से मनाया जा रहा है. अवसर पर सदाफल देव रचित स्वर्वेद तीर्थ हवन धूम से सुवासित हो उठा. स्वर्वेद मंत्र गूंजे और देश-विदेश से आए डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने 25,000 कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ में 200 टन वैदिक सामग्री से सर्व मंगल कामना की आहुति दी. इसमें गो धाम तीर्थ पथमेड़ा- राजस्थान से मंगाया गया. भारतीय वेद लक्षणा गाय का शुद्ध बिलोना घी के साथ ही गो-पदार्थ, नैसर्गिक जड़ी-बूटियां, दुर्लभ रोगनाशक एवं आरोग्य वर्द्धक औषधियां, सुगंधित द्रव्य, मिष्ठान, पवित्र लकड़ियां व आहुतिद्रव्य समर्पित किए गए.


एक लाख समर्पण दीप जलाए जाएंगे


संपूर्ण कार्यक्रम स्थल लगभग 200 एकड़ भू-भाग में विस्तृत है. इसमें से 40 एकड़ भूमि पर 25,000 हवन कुंड बनाए गए हैं. यज्ञ परिसर को 108 ब्लाकों में विभाजित किया गया है जो प्राचीन ऋषि-महर्षियों के नाम पर समर्पित किए गए हैं. सायंकाल समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव मनाया जाएगा. इसमें संविधान दिवस के मौके पर स्वर्वेद महामंदिर धाम में एक लाख समर्पण दीप जलाए जाएंगे. दो दिनी वार्षिकोत्सव अनुष्ठान का शुभारंभ मंगलवार को ‘अ’ अंकित ध्वजा फहरा कर किया गया. इसके साथ सद्गुरु सदाफल देव महाराज रचित स्वर्वेद महाग्रंथ का संगीतमय पाठ गूंज उठा. संत प्रवर विज्ञान देव महाराज की दिव्यवाणी की दिव्यधारा भी प्रवाहमान हो उठी.

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देश विदेश से पहुंचे अनुयायी


इस पावन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अमेरिका, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया सहित 18 देश के अनुयायियों के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, समेत कश्मीर से कन्याकुमारी तक के अनुयायी शामिल रहेंगे. भक्त अ अंकित सफेद ध्वजा लिए जय सदगुरुदेव का नारा लगाते हुए महामंदिर धाम पहुंच रहे थे. महामंदिर धाम परिसर उमरहां बाजार से डुबकियां बाजार तक 3 किलोमीटर की परिधि में आकर्षक लाइटों से सजाया गया. सभी अतिथि गृहों की साज सज्जा की गई है.

वहीं कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज द्वारा जय स्वर्वेद कथा का सांस्कृतिक पाठ कराया गया. इस मौके पर संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा कि स्वर्वेद जीवन का मूल आधार है.


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कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
वाराणसी: मानसून की विदाई के साथ काशी में रुकी हुई बड़ी विकास परियोजनाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र के सरायनंदन और बिरदोपुर/शीशमहल वार्ड में रविवार को करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से सीवर, पेयजल और सड़क पुनर्निर्माण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी और कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया।उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की देखरेख में होने वाले इन कार्यों से दोनों क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही सीवर, पेयजल और सड़क से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।सरायनंदन में 110 करोड़ से बिछेगी 55 किमी सीवर-पेयजल लाइनसरायनंदन वार्ड के दशमी रामलीला मैदान क्षेत्र में करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से 55 किलोमीटर लंबी सीवर और पेयजल लाइन बिछाने के साथ सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में सीवर व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के साथ सड़कों का भी पुनर्निर्माण किया जाएगा।बिरदोपुर में 115 करोड़ की परियोजनाबिरदोपुर क्षेत्र के कैलाश मठ और गिरी नगर एकता पार्क के पास करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का शुभारंभ हुआ। इसमें 58 करोड़ रुपये सीवर लाइन तथा 57 करोड़ रुपये पेयजल लाइन और गृह संयोजन के कार्य पर खर्च किए जाएंगे।सात महीने की परेशानी, दशकों तक समाधान का दावाभूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि सीवर और पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान करीब सात महीने तक नागरिकों को आवागमन में अस्थायी परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह असुविधा लंबे समय के स्थायी समाधान के लिए है। उनके अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद आने वाले दशकों तक सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलने के साथ शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के मार्गदर्शन में काशी में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।अमृत-2.0 के तहत 22 वार्डों में होंगे बड़े कामनगर निगम के अनुसार शहरी क्षेत्र के अत्यधिक प्रभावित 22 वार्डों की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत कुल 2161 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। इसके तहत 353.13 किलोमीटर सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी है।ALSO READ :बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेशसरायनंदन और बिरदोपुर में आयोजित अलग-अलग भूमि पूजन कार्यक्रमों में क्षेत्रीय पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन क्रमशः राहुल सिंह और अशोक पटेल ने किया।
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।स्थापना दिवस के अवसर पर आरपीएफ की ओर से ‘रन फॉर यूनिटी’, योग कार्यक्रम, वृक्षारोपण और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। वहीं योग कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली के साथ शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया गया।बैरक परिसर में किया गया वृक्षारोपणपर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए आरपीएफ कर्मियों ने बैरक परिसर में पौधरोपण किया। इस दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत बैरक परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।20 सितंबर 1985 से मिला वर्तमान स्वरूपरेलवे सुरक्षा बल को 20 सितंबर 1985 को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा प्रदान किया गया था। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 में संशोधन के बाद यह प्रावधान 20 सितंबर 1985 से प्रभावी हुआ। आरपीएफ का प्रमुख दायित्व रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।स्थापना दिवस के अवसर पर बरेका में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ के निरीक्षकगण और बल के सदस्य मौजूद रहे।‘बड़ा खाना’ का भी आयोजनस्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आरपीएफ कर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत करने के उद्देश्य से रात में बैरक परिसर में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया।ALSO READ : काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागतआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि स्थापना दिवस केवल वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, साहस और सेवा भावना के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। बरेका आरपीएफ रेल यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
वाराणसी :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान वह गुजरात के वडनगर से काशी पहुंचने वाली सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल लोग गुजरात की नदियों का जल लेकर आएंगे, जिससे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत देशभर में सेवा, स्वच्छता, पौधरोपण और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।सेवा संकल्प यात्रा वडनगर से काशी तक पहुंच रही है। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि काशी उनका संसदीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान कई राज्यों और जिलों से गुजरते हुए लोगों को सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।काशी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा और बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना व जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।ALSO READ :पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण