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कफ सिरप तस्‍करी मामले में सरगना शुभम के करीबियों पर शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार

कफ सिरप तस्‍करी मामले में सरगना शुभम के करीबियों पर शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार
Apr 02, 2026, 08:12 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: दो हजार करोड़ के कफ सिरप तस्करी मामले में सरगना शुभम जायसवाल के करीबियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस संबंध में हवाला नेटवर्क का भंडाफोड करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. उनके पास से लाखों रुपये, नोट गिनने की तीन मशीनें और दस मोबाइल भी मिले. पकड़े गए आरोपियों के तार हवाला कारोबार से जुडे हैं और राजस्थान के रहने वाले हैं. शुभम के लिए वाराणसी में रहकर उसकी काली कमाई को सफेद कर रहे थे.


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गिरफ्तार हुए ओम प्रकाश खरवार


एसीपी कोतवाली विजय प्रताप के अनुसार शुभम के दोस्त और उसके कारोबार में सहयोगी रहे वैभव जायसवाल कि गिरफ्तारी के बाद गिरोह के हवाला नेटवर्क के बारे में पता चला. इसके आधार पर नई दिल्ली शास्त्री नगर के रहने वाले अशोक, राजस्थान के बीकानेर के रहने वाले मोहित सारस्वत, रामअवतार, गिरधारी को गिरफ्तार किया गया. सभी वाराणसी के जैतपुरा के संजय गांधी नगर कॉलोनी में रह रहे थे. इनके साथ ही गाजीपुर के दुल्लापुर निवासी संतोष गिरी और बलिया के नगरा निवासी ओम प्रकाश खरवार को गिरफ्तार किया गया. इन सभी के पास से कफ सिरप की तस्करी से हासिल 42 लाख रुपये बरामद हुए. इनके पास रुपये गिनने की मशीन भी थी.


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पुलिस को जांच में पता चला कि शुभम कफ सिरप की तस्करी से बहुत रुपये हासिल कर रहा था. यह रुपये सीधे बैंक में नहीं भेजे जा सकते थे. इसलिए उनको हवाला के जरिए गिरोह के सदस्यों के पास भेजने के साथ ही काली कमाई को सफेद करने की जरूरत पड़ी. इसके लिए उसने राजस्थान के हवाला गिरोह की मदद लिया. इसके संचालन की जिम्मेदारी अपने वफादार वैभव जायसवाल को सौंपी. राजस्थान के गिरोह को वाराणसी बुलाया गया. उनके साथ हवाला कारोबार में जमे दिल्ली, गाजीपुर, बलिया, पश्चिम बंगाल, उडी़सा के लोगों शामिल किया.


सभी मिलकर हर रोज लगभग दस करोड़ रुपये हवाला के जरिए देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाते थे. नोट इतने अधिक होते थे उनकी गिनती मशीनों से की जाती थी. शुभम के हिस्से के रुपये सोने, जमीन आदि में निवेश करते थे. सबका लेखा-जोखा शुभम तक पहुंचता था.


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वैभव ने फरारी के दौरान शुभम को भेजे रुपये


कोडीन कफ सिरप मामले का राजफाश होने के बाद से फरार होकर दुबई में छुपे शुभम के संपर्क में वैभव जायसवाल था. उसके पास मौजूद रुपये शुभम तक पहुंचाया. इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उसे भारत में उसके खिलाफ होने वाली गतिविधियों का जानकारी देता रहा. पुलिस ने वैभव को पकड़ा तो उसके पास 22.5 लाख रुपये बरामद हुए. इन रुपयों को भी शुभम तक पहुंचाने का फिराक में था.


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सपा व्‍यापार सभा अध्‍यक्ष ने दी सफाई


वाराणसी में कोडीन कफ सिरप कांड में हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की संलिप्तता सामने आने के बाद नए नेटवर्क का खुलासा हुआ है. वह सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल का भतीजा बताया जा रहा है. आरोपियों के जेल जाने के बाद अब वैभव के पूरे परिवार की भूमिका और कफ सिरप आरोपियों से सांठगांठ की बात भी चर्चा में है.


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भतीजे वैभव की गिरफ्तारी के बाद कोडीन कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के साथ सपा प्रदीप जायसवाल के फोटो भी सामने आए हैं. सपा की सरकार में प्रदीप जायसवाल राज्य वाणिज्य कर सलाहकार समिति के सदस्य रहे हैं. हालांकि मामले में नाम सामने आने के बाद प्रदीप जायसवाल ने अपने संबंधों को लेकर सफाई भी दी है. बताया कि उनका भतीजे से कोई संबंध नहीं है.

95 बटालियन CRPF का धूम-धाम से मना 38वाँ स्थापना दिवस, आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या
95 बटालियन CRPF का धूम-धाम से मना 38वाँ स्थापना दिवस, आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या
वाराणसी: 95 बटालियन सीआरपीएफ ने बीते 1 अप्रैल को अपना 38वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया. इस अवसर पर बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर ने स्पेशल गार्ड की सलामी ली और सभी कार्मिकों को बधाई देते हुए बटालियन के कार्यों को याद किया. अपने इस स्थापना दिवस पर विशेष रूप से सभी जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि, किसी भी बटालियन के लिए अपना वार्षिकोत्सव उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितना किसी व्यक्ति के जन्मदिन का. उन्होंने बटालियन के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों को याद करते हुए सभी कार्मिकों का उत्साहवर्धन किया.भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन38वें स्थापना दिवस के अवसर पर वाहिनी मुख्यालय में शाम के समय पर भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता द्वितीय कमान अधिकारी आलोक कुमार ने की. जहां मुख्य अतिथि के रूप में आशीष जैन, डीआरएम वाराणसी और मनोज कुमार, डीआईजीपी एनडीआरएफ उपस्थित रहे. बता दें, अप्रैल को 95 बटालियन CRPF की स्थापना दिवस होता है, जिसके उपलक्ष्य में इसे धूम-धाम के साथ मनाया गया है.कार्यक्रम में घुला संगीत का रंगसबसे खास बात तो यह रही कि इस समारोह में दिग्गज अधिकारी से लेकर वाहिनी के जवानों और उनके परिजनों ने कई प्रकार के लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किया, साथ ही अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारिजनों ने मिलकर एक साथ बड़े खाने में भोजन भी किया. जहां हर कोई एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते नजर आए. जिसके चलते कार्यक्रम का वातावरण काफी संगीतमय दिखा. 95 बटालियन सीआरपीएफ का स्थापना दिवस हर वर्ष 1 अप्रैल को ही मनाया जाता है. यह दिन न केवल बटालियन की स्थापना की याद दिलाता है, बल्कि सभी कार्मिकों को एकजुटता और समर्पण की प्रेरणा भी देता है.असिस्टेंट कमांडेंट अभिषेक सिंहआशुतोष शाहुअभिषेक कुमारशिव कुमार दिक्षितरंजन कुमार सिंहसांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर के श्रीकांत महंत, कमांडेंट सीआईएसएफ श्रीमती सुचिता सिंह, डीडीए पहाड़ियां मंडी संजय सिंह, डीडीसी पहाड़ियां मंडी अमित कुमार, डॉ. अजय तिवारी (नयी सुबह संस्था), एस.एन. यादव (HBIS), राजीव कुमार सिंह (SHO लालपुर), आदित्य राज सिंह (संत अतुलानंद) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अभी खेल बाकी है, फिर करेंगे ईरान पर जोरदार हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अभी खेल बाकी है, फिर करेंगे ईरान पर जोरदार हमला
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि,अभी वो ईरान जंग को खत्म करने नहीं जा रहे हैं. क्योंकि, अमेरिकी सेना लक्ष्य हासिल करने के करीब है और अमेरिका अगले 2-3 सप्ताह तक ईरान पर 'बेहद कड़ा' प्रहार करेगा. लेकिन उससे पहले ये बता दें कि, एक महीने की जंग में अमेरिकी सेना ने ईरान की हालत इतनी खराब कर दी है कि अमेरिकी हमले में ईरानी नौसेना और एयरफोर्स तक तबाह हो चुके है. साथ ही उसके टॉप लीडर तक मारे जा चुके हैं.अपने इसी कार्रवाई पर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की बड़ाई करते हुए ये तक कह दिया कि, अमेरिका के इतिहास में आज-तक कोई भी राष्ट्रपति मेरे जैसा काम नहीं किया होगा. जो आज डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शासन काल में कर दिखाया है. वो मिडिल ईस्ट में की गई पिछली सरकारों की गलतियों को सुधार रहे हैं.ट्रंप ने संबोधन में कह दी बड़ी बात दरअसल, अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमला शुरू करने के बाद से ट्रंप का यह पहला प्रमुख संबोधन है. गौर करने वाली बात यह है कि अपने संबोधन में उन्होंने वहीं बात कहीं है जो कुछ दिनों पहले भी अपने इन्हीं बयानों को लेकर चर्चाओं में छाएं हुए थे. हालांकि, यह संबोधन ऐसे समय पर हुआ है, जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया जा रहा है.इस महायुद्ध का दूसरे महीना भी लग गया है, जिसे विराम देने के लिए खुद डोनाल्ड ट्रंप ने ये दावा किया था कि कुछ दिनों में युद्ध खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान के साथ चल रहे जंग को खत्म नहीं करने के दावे ने हर किसी को हैरान कर दिया है. लेकिन हाल के दिनों में इस संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता के बीच नाराजगी भी साफ देखने को मिल रही है. जो अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि उन्हें आरोपों का सामना करना पड़ रहा है कि उन्होंने मिडिल ईस्ट के इस संघर्ष पर कंट्रोल खो दिया है, जिससे युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों को प्राप्त नहीं कर पाएंगे.अपने ही दावे से मुकरे डोनाल्ड ट्रंप कुछ भी हो ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले ट्रंप ने खुद ही इस जंग में अमेरिका की जीत बता चुके हैं. ऐसे में उन्होंने दुनिया भर में फैले आर्थिक नतीजों की जिम्मेदारी लेने से भी साफ इंकार कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप के इस रवैये को देख अमेरिकी जनता समेत देश और दुनिया के लोग काफी हैरान है, उन्हें ये समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ट्रंप राष्ट्रपति के पद पर होकर इस तरह की बाते करना और अपने दावों से पल भर में मुकर जाना ठीक नहीं है, इसका असर आने वाले आगामी चुनाव पर साफ पड़ सकता है. जिससे ट्रंप बिलकुल भी परे है.यह भी पढ़ें: यूपी कॉलेज में छात्रों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन, प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांगबता दें, एक तरफ ट्रंप द्वारा ये दावा किया जा रहा है कि, ईरानी सेना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है, इसकी कमजोरी का कारण अमेरिकी हमला है, जिससे वो डर चुका है, तो दूसरी तरफ ईरान ने इजरायल पर हवाई हमला कर दिया है. इजरायल की सेना ने कहा कि उसके एयरडिफेंस ने गुरुवार तड़के ईरानी मिसाइलों की तीन लहरों का जवाब दिया. खास बात है कि तीसरी लहर की खबर डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के तुरंत बाद सामने आई है. जो काफी हैरान कर देने वाली है.
यूपी कॉलेज में छात्रों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन, प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग
यूपी कॉलेज में छात्रों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन, प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग
वाराणसी: यूपी कॉलेज परिसर में बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद से छात्र आक्रोशित हैं. इस बीच गुरुवार को भी उनका आंदोलन जारी रहा. उन्‍होंने काली पट्टी बांधकर धरना-प्रदर्शन किया. छात्रों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताया और घटना की निंदा की. धरने पर बैठे छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कॉलेज प्रशासन से कैंपस सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्राचार्य सहित दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतक छात्र के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की.हत्याकांड में की न्याय की मांग इसी दौरान हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज के छात्रों ने भी विशाल सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और सूर्य प्रताप सिंह हत्याकांड में न्याय की मांग की. 20 मार्च को दिनदहाड़े यूपी कॉलेज परिसर में ही सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरे आरोपी अनुज ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था. छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने पहले से सुरक्षा में लापरवाही बरती जिसके चलते यह घटना हुई.यह भी पढ़ें: पुलिस और गौ तस्‍कर के बीच मुठभेड़, आरोपी के पैर में लगी गोलीछात्रों ने प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार सिंह को तत्काल हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी रखी है. बता दें कि बुधवार को भी विरोध के दौरान कुछ छात्रों ने बाल मुंडवाए थे. इस बीच पुलिस ने कालेज परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे लेकिन न्याय मिलने तक नहीं हटेंगे.