कूड़ा प्रबंधन में अब पार्षद निभाएंगे 'स्वच्छता दूत' की भूमिका, सोर्स सेग्रिगेशन पर दिया गया जोर...

वाराणसी: शहर को कूड़ा मुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में नगर निगम एवं प्रजा फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण पहल की है. सिगरा स्थित होटल कैस्टिलो में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषयक कार्यशाला में पार्षदों को 'स्वच्छता दूत' की भूमिका निभाने का आह्वान किया गया. कार्यशाला का मुख्य फोकस कूड़ा पृथकीकरण (सोर्स सेग्रिगेशन) और नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों पर रहा.
विशेषज्ञों ने कहा कि शहर की स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है. ऐसे में वार्ड स्तर पर पार्षदों की सक्रिय भागीदारी के बिना प्रभावी कूड़ा प्रबंधन संभव नहीं है.

कार्यशाला में सेप्ट (सीईपीटी) यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद की प्रोफेसर प्रो. मर्सी ने पार्षदों को प्रशिक्षण देते हुए घर-घर कूड़ा पृथकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने बताया कि प्रत्येक घर में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन का उपयोग किया जाना चाहिए. हरा डस्टबिन गीले कचरे, नीला सूखे कचरे, लाल सैनिटरी वेस्ट तथा काला डस्टबिन ई-वेस्ट और अन्य खतरनाक घरेलू कचरे के लिए निर्धारित है.
प्रो. मर्सी ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से लागू नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों की जवाबदेही तय की गई है.ऐसे संस्थान जिनका क्षेत्रफल 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक है, प्रतिदिन 40 हजार लीटर से ज्यादा पानी की खपत करते हैं या 100 किलोग्राम से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करते हैं, उन्हें अपने परिसर में ही गीले कचरे का प्रसंस्करण करना अनिवार्य होगा.

नए नियमों के अनुसार स्थानीय निकायों को विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक उत्तरदायित्व (बल्क वेस्ट जेनरेटर की विस्तारित ज़िम्मेदारी) प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार होगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी. नियमों का पालन नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है.
कार्यशाला के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में सोर्स सेग्रिगेशन को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का संचालन प्रजा फाउंडेशन के अविरल दुबे ने किया. इस अवसर पर बृजेश चंद्र श्रीवास्तव, अशोक मौर्य, विवेक कुशवाहा, मंजू कन्नौजिया, सीमा वर्मा, कुसुम देवी, कौशल्या, रीना, बेबी कुभारी और रमाशंकर पटेल सहित नगर निगम के कई पार्षद उपस्थित रहे.



