महाशिवरात्रि पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब, 4 किमी लंबी कतार

वाराणसी : श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा.सुबह मंगला आरती के बाद से ही दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर चार किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग गई.
एक घंटे में 30-40 हजार भक्तों ने किए दर्शन

मंगला आरती के बाद पहले ही घंटे में 30 से 40 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए.मंदिर प्रशासन के अनुसार सुबह 6:40 बजे तक करीब 1.60 लाख भक्त दर्शन कर चुके थे, जबकि 7 बजे के बाद यह संख्या दो लाख के पार पहुंच गई.

सुबह 9 बजे तक दर्शनार्थियों की संख्या चार लाख के करीब पहुंच गई.
मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं लगातार सुदृढ़ की जा रही हैं.मंदिर एसडीएम शंभू शरण ने जानकारी दी कि महाशिवरात्रि पर्व पर 45 घंटे तक स्पर्श दर्शन बंद रहेगा.
घाटों से कॉरिडोर तक गूंजा ‘हर-हर महादेव’
गंगा घाटों से लेकर मंदिर कॉरिडोर तक श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा. वाराणसी की गलियों, घाटों और सड़कों पर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे.काशी के अन्य मंदिरों और शिवालयों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली.

रात से ही लग गई थी कतार
शनिवार रात 12 बजे के बाद से ही मंदिर परिसर के चारों ओर करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन लग गई थी.देशभर से आए श्रद्धालुओं ने पूरी रात बैरिकेडिंग में इंतजार किया.गंगा स्नान के बाद भक्त सीधे दर्शन की कतार में लग गए.दशाश्वमेध, गोदौलिया और मैदागिन क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं ने डेरा जमाया.पूर्वांचल समेत अन्य राज्यों से आए भक्त बाबा की भक्ति में लीन नजर आए.
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प्रशासन सतर्क, कई द्वारों से प्रवेश
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा.दर्शन के लिए ढुंढिराज गेट, गंगाद्वार और सरस्वती फाटक सहित सभी प्रवेश द्वार खोले गए. शनिवार रात 11 बजे बाबा की शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद किए गए थे, लेकिन श्रद्धालु भोर की मंगला आरती के इंतजार में डटे रहे.महाशिवरात्रि पर काशी में आस्था, उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला.



