स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर दलित-हिंदू महिलाओं का विरोध प्रदर्शन, नाम बताने और माफी मांगने की मांग

वाराणसी: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का एक विवादित बयान इस वक्त सुर्खियों में है. इस विवादित बयान को लेकर वाराणसी में विरोध तेज हो गया है. गुरुवार को लालपुर-लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार पर बड़ी संख्या में दलित महिला परिषद और हिंदू महिलाओं ने प्रदर्शन कर आक्रोश जताया.

प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि स्वामी ने अपने बयान में हजारों हिंदू बेटियों की शादी मुस्लिम परिवारों में कराए जाने की बात कही, जिससे समाज में भ्रम और आक्रोश फैल रहा है. दलित महिलाओं की नेता खुशी रमन के नेतृत्व में परिषद ने आक्रोश मार्च निकाला. हाथों में तख्तियां और भिंची हुई मुट्ठियों के साथ, दलित बेटियों ने स्वामी के खिलाफ नारेबाजी की.

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प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने बयान के समर्थन में प्रमाण पेश करें. उन्होंने मांग की कि जिन “10 लाख हिंदू बेटियों” का जिक्र किया गया है, उनके नाम और साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना सबूत ऐसे बयान देना समाज में वैमनस्य फैलाने जैसा है. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक स्वामी अपने बयान पर माफी नहीं मांगते या सबूत पेश नहीं करते, आंदोलन जारी रहेगा.

अभद्रता की गई कोशिश
प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और हमले की कोशिश भी हुई. उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. महिलाओं ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए. उनका आरोप है कि धार्मिक मंचों से दिए जा रहे इस तरह के बयान समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं.
यह है पूरा विवाद
दरअसल, हाल ही में स्वामी अविमुक्तेश्रानंद के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जो समाज में तनाव पैदा करने वाला था. उन्होंने समाज सुधारक इन्द्रेश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने 10 लाख हिन्दू बेटियों का विवाह मुसलमानों के घर करवा दिया. इस पर इन्द्रेश कुमार ने स्वामी के आरोपों को झूठा बताया. इस विवाद ने दलित महिलाओं में गहरी नाराजगी उत्पन्न कर दी है. कहा कि इन्द्रेश कुमार, जो दलित बेटियों को अपनी बेटियों के समान मानते हैं, उन्होंने उनके लिए कई बार सम्मान प्रदर्शित किया है. अब दलित बेटियों को यह महसूस हो रहा है कि स्वामी उनके कामों को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं. इस संबंध में पुलिस को तहरीर भी दी गई है.

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और साफ कहा—“या तो नाम बताएं या माफी मांगें, वरना आंदोलन जारी रहेगा.” प्रदर्शन में लक्ष्मीना, धनेसरा, चिंता, दुलरा, मीरा, पूनम, सुनीता, रीता, विद्या, अंजू, माला देवी, सविता, रेखा, मनीषा, तारा, मुन्नी, चमेली, जायफल, उर्मिला, सरिता, धनमन्नी, संजु, राजकुमारी, मीना, मुन्नी, सीमा, शिवकुमारी, अनीता, अन्नू, राधा, शिखा, दक्षिता, उजाला, इली जैसी कई महिलाएं शामिल रहीं.



