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स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के बयान पर दलित-हिंदू महिलाओं का विरोध प्रदर्शन, नाम बताने और माफी मांगने की मांग

स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के बयान पर दलित-हिंदू महिलाओं का विरोध प्रदर्शन, नाम बताने और माफी मांगने की मांग
Mar 26, 2026, 10:15 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: शंकराचार्य स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद का एक विवादित बयान इस वक्‍त सुर्खियों में है. इस विवादित बयान को लेकर वाराणसी में विरोध तेज हो गया है. गुरुवार को लालपुर-लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्‍मृति द्वार पर बड़ी संख्या में दलित महिला परिषद और हिंदू महिलाओं ने प्रदर्शन कर आक्रोश जताया.


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प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि स्वामी ने अपने बयान में हजारों हिंदू बेटियों की शादी मुस्लिम परिवारों में कराए जाने की बात कही, जिससे समाज में भ्रम और आक्रोश फैल रहा है. दलित महिलाओं की नेता खुशी रमन के नेतृत्व में परिषद ने आक्रोश मार्च निकाला. हाथों में तख्तियां और भिंची हुई मुट्ठियों के साथ, दलित बेटियों ने स्वामी के खिलाफ नारेबाजी की.


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प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि स्वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद अपने बयान के समर्थन में प्रमाण पेश करें. उन्होंने मांग की कि जिन “10 लाख हिंदू बेटियों” का जिक्र किया गया है, उनके नाम और साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना सबूत ऐसे बयान देना समाज में वैमनस्य फैलाने जैसा है. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक स्वामी अपने बयान पर माफी नहीं मांगते या सबूत पेश नहीं करते, आंदोलन जारी रहेगा.


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अभद्रता की गई कोशिश


प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और हमले की कोशिश भी हुई. उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. महिलाओं ने राज्‍य सरकार से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए. उनका आरोप है कि धार्मिक मंचों से दिए जा रहे इस तरह के बयान समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं.


यह है पूरा विवाद


दरअसल, हाल ही में स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍रानंद के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जो समाज में तनाव पैदा करने वाला था. उन्होंने समाज सुधारक इन्द्रेश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने 10 लाख हिन्दू बेटियों का विवाह मुसलमानों के घर करवा दिया. इस पर इन्द्रेश कुमार ने स्वामी के आरोपों को झूठा बताया. इस विवाद ने दलित महिलाओं में गहरी नाराजगी उत्पन्न कर दी है. कहा क‍ि इन्द्रेश कुमार, जो दलित बेटियों को अपनी बेटियों के समान मानते हैं, उन्‍होंने उनके लिए कई बार सम्मान प्रदर्शित किया है. अब दलित बेटियों को यह महसूस हो रहा है कि स्वामी उनके कामों को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं. इस संबंध में पुलिस को तहरीर भी दी गई है.


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प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और साफ कहा—“या तो नाम बताएं या माफी मांगें, वरना आंदोलन जारी रहेगा.” प्रदर्शन में लक्ष्मीना, धनेसरा, चिंता, दुलरा, मीरा, पूनम, सुनीता, रीता, विद्या, अंजू, माला देवी, सविता, रेखा, मनीषा, तारा, मुन्नी, चमेली, जायफल, उर्मिला, सरिता, धनमन्नी, संजु, राजकुमारी, मीना, मुन्नी, सीमा, शिवकुमारी, अनीता, अन्नू, राधा, शिखा, दक्षिता, उजाला, इली जैसी कई महिलाएं शामिल रहीं.

 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.
लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...
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वाराणसी : लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दूसरे दिन भी वाराणसी में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. मंगलवार की सुबह सीएफओ आनंद सिंह राजपूत टीम के साथ दुर्गाकुंड इलाके में स्थित कोचिंग संस्थानों पर पहुंचे. सबसे पहले दुर्गाकुंड कबीरनगर स्थित जेआरएस कोचिंग पहुंचे जहां कोचिंग में लगे फायर इक्विपमेंट को चेक किया गया. इस दौरान साकेत नगर और संकटमोचन स्थित एलन कोचिंग सेंटर को सील किया गया. वाराणसी विकास प्राधिकरण और फायर की टीम ने कोचिंग संस्थानों पर पहुंचकर छानबीन की. कोचिंग परिसर में घूम कर वायरिंग और एंट्री एग्जिट चेक किया. इसके बाद बेसमेंट को चेक किया. जहां लकड़ी की बेंच और एसी सहित एक्सपायर हुए उपकरण पड़े थे.कुछ संस्थानों पर खामियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए. जिन कोचिंग सेंटरों के भवन का नक्शा पास नहीं था उन्हें वीडीए द्वारा सील किया गया. पांडेयपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू हुई. यहां फायर एवं सेफ्टी की पड़ताल प्रशासन द्वारा की गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए. तीन कोचिंग सेंटरों को सील करने की बात सामने आ रही है.ALSO READ : मगहर से काशी तक पहुंचेगी 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' की गूंज, कबीर जयंती पर होगा आगाज...इसी क्रम में पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने क्षेत्र स्थित आकाश इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया. इस दौरान फायर सेफ्टी अलार्म, अग्निशमन उपकरणों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई. साथ ही संस्थान प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.