दालमंडी चौड़ीकरण : मस्जिदों का हटाया जा रहा मलबा, बुलडोजर से ध्वस्तीकरण...

वाराणसी : दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण का काम तेजी से चल रहा है. गुरुवार को पोकलेन और जेसीबी ने भी क्षेत्र में प्रवेश किया. पांच मस्जिदों का मलबा हटाने का काम भी जारी है. माना जा रहा है कि जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा. दालमंडी में पांच मस्जिदों और 54 मकानों पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया. मस्जिदों के आधे से अधिक हिस्से तोड़ दिए गए थे. मस्जिदों के हिस्से मजदूरों ने हथौड़ों से तोड़े, जबकि मकानों पर जेसीबी और पोकलेन मशीनें चलाई गईं.
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीमुल्ला बेग मस्जिद करीब 226 साल पुरानी है और मान्यता है कि दालमंडी के ही करीमुल्लाह बेग ने इस मस्जिद का निर्माण कराया था. यहां एक समय में 100 से 150 लोग नमाज अदा कर सकते हैं. मस्जिद परिसर में एक मजार भी स्थापित है. वहीं दूसरी संगमरमर मस्जिद करीब 200 साल पुरानी बताई जाती है जो घुघरानी गली के पास संगमरमर से निर्माण के कारण अलग पहचान रखती है. वहीं अली रजा खान मस्जिद 18वीं-19वीं सदी की मानी जाती है जो नई सड़क के पास स्थित है.

रंगीले शाह मस्जिद की पहचान जामा मस्जिद के रूप में है. अल्लाह मालिक शाही मस्जिद रंगीले शाह के नाम से भी इसकी पहचान रही है. स्थानीय लोग बताते हैं कि औरंगजेब के काल में हैदराबाद निवासी रंगीले शाह ने इसका निर्माण कराया था. जबकि आखिरी निसारन मस्जिद का 1826 में निर्माण हुआ था. लंगड़ा हाफिज के पास बनी निसारन मस्जिद के मुतवल्ली बताते हैं कि इसका निर्माण वर्ष 1826 में उनके पुरखों ने कराया था.
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181 मकान पर होनी है कार्रवाई
दालमंडी चौड़ीकरण के तहत कुल 181 मकान पर कार्रवाई होनी है. इसमें अब तक प्रशासन की ओर से 105 मकानों को तोड़कर उनका मलबा साफ कराया जा चुका है. बुधवार को 54 मकान तोड़े गए हैं. कार्रवाई के दौरान पांच कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ, 6 थाने और 12 चौकी के 250 पुलिसकर्मी मौजूद रहे. तीन ड्रोन टीम भी गलियों की निगरानी करती रही. ड्रोन से पूरे इलाके की निगरानी कराई जा रही है.



