राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में “विकसित भारत 2047 – अवसर या चुनौती” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित

वाराणसी : राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर “विकसित भारत 2047 – अवसर या चुनौती” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूकता विकसित करने के साथ-साथ उनके तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति एवं वक्तृत्व कौशल को प्रोत्साहित करना था।
प्रतियोगिता में परिसर के विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने विकसित भारत के लक्ष्य, आर्थिक एवं सामाजिक विकास, रोजगार, शिक्षा, तकनीकी प्रगति, पर्यावरण संरक्षण तथा भारत के समावेशी विकास जैसे विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत करते हुए भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. प्रमोद कुमार प्रजापति एवं डॉ. सौरव करुणामय शामिल रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. दीपिका कौर एवं डॉ. आलोक कुमार सिंह सहित परिसर के अन्य शिक्षकगण ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति एवं सहभागिता से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास एवं प्रभावशाली वक्तृत्व का परिचय दिया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति प्रेरित किया तथा विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नवाचार, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को आवश्यक बताया।
प्रतियोगिता का आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय विकास की भावना, रचनात्मक सोच एवं लोकतांत्रिक संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।



