गंगा में मलजल गिराने पर जिला प्रशासन सख्त, अलकनंदा क्रूज पर पांच हजार का जुर्माना

वाराणसी : गंगा को प्रदूषित करने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अलकनंदा क्रूज पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई उस वीडियो के सामने आने के बाद की गई, जिसमें रविदास घाट पर खड़े अलकनंदा क्रूज से मलजल सीधे गंगा नदी में गिरता हुआ दिखाई दिया था. मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने क्रूज संचालक को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है. बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें साफ तौर पर देखा गया कि रविदास घाट पर खड़े अलकनंदा क्रूज के एक वाल्व से मल गंगा में प्रवाहित हो रहा है.
प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, अलकनंदा क्रूज के अधिकारियों ने बताया कि क्रूज उस समय नियमित मेंटेनेंस के लिए खड़ा था. सेप्टिक टैंक और सीवरेज सिस्टम की सफाई की जा चुकी थी. जिस स्थान से मल गिरता दिखाई दिया, वह इमरजेंसी वाल्व था, जिसकी जांच की जा रही थी. इसी दौरान क्रूज के किसी स्टाफ द्वारा शौचालय का उपयोग कर लिया गया, जिससे मल सेप्टिक टैंक में जाने के बजाय इमरजेंसी वाल्व के रास्ते सीधे गंगा में गिरने लगा.
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वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने एक जांच टीम बनाई, जिसने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है. इस रिपोर्ट के आधार पर न केवल जुर्माना लगाया बल्कि विभाग ने क्रूज प्रबंधन से इस लापरवाही पर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा है. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अलकनंदा क्रूज संचालित करने वाली कंपनी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है. डीएम ने क्रूज प्रबंधन को निर्देश दिया है कि इमरजेंसी वाल्व पर एक अलग टैंक लगाया जाए, ताकि भविष्य में वाल्व खुलने की स्थिति में भी मल गंगा नदी में न गिरे.



