दीपावलीः बाजार में छाया ‘ऑपरेशन सिंदूर’का जलवा, इलेक्ट्रिक पटाखों संग देशी दीयों व झालर की बढ़ी मांग

इस बार दीपावली के अवसर पर बाजार में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है . वाराणसी समेत कई शहरों के बाजारों में इस बार इस त्योहार पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम वाले खिलौनों और सजावट की वस्तुओं की खूब डिमांड देखने को मिल रही है. खास बात यह है कि बाजारों में एकदम रियल जैसी दिखने वाली गन की धूम है, जिन पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का लोगों लगा हुआ है . लोग इन्हें बड़े उत्साह से खरीद रहे हैं.
पर्यावरण के अनुकूल

दुकानदारों के अनुसार ये आधुनिक गन पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से तैयार की गई हैं, जिससे किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता. वहीं, इस बार बाजार में बिजली से चलने वाले पटाखे भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं. स्वदेशी और सुरक्षित दीपावली मनाने का संदेश देते हुए यह ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
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देशी दीयों संग विद्युत झालरों की सबसे अधिक मांग

दीपावली पर लगभग हर घरों में तेल या घी के दीए जलाए जाते हैं. पिछले कुछ वर्षों को ट्रेंड देखें तो चाइनीज सामान की होड़ में दीयों संग इलेक्ट्रिक झालरों के बाजार पर इसका आधिपत्य हो गया था. वहीं इस बार स्वदेशी का जादू लोगों के चेहरे पर साफ-साफ दिखाई दे रहा है. दीये हों या इलेक्ट्रिक झालर या लाइटें लोग स्वदेशी की ही मांग कर रहे हैं. वहीं गौरतलब है कि इस बार उत्तराखंड से बनकर आई विद्युत झालरें चाइनीज बाजार को एक दम से तोड़ दिया है. ये झालरे जहां कम दाम पर मिल रहे हैं वहीं इसकी कई वैरायटी ग्राहकों का मन मोह ले रहे हैं. ये हल्के तथा पूरी तरह से अपने देश में बने विद्युत तार से बनाए गए हैं. बात दीयों की करे तो इस बार कुम्हारों के चेहरे बाजार का रूख देख खिल पड़े हैं. कारण शद्ध देशी दीयों का मांग बाजार से सबसे अधिक है. इस बार दीए केवल परम्परागत तरीके के नहीं वरन कलरफुल भी हैं जो युवा वर्ग को काफी आकर्षित कर रहे हैं.



