मंडलीय अस्पताल में छोटी पर्ची पर डॉक्टरों का बड़ा खेल ...

वाराणसी : कबीर चौराहा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय में गांडीव डिजिटल की पड़ताल के दौरान सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए.
अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे लोगों के हाथ में एक रुपये की पर्ची थी. लेकिन इसके साथ दो छोटी पर्चियां भी नजर आईं, जिन पर डॉक्टरों ने अलग से दवाएं लिखी थीं.आखिर इन पर्चियों की जरूरत क्यों पड़ी, इसकी पड़ताल की गई.
मौके पर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत में बताया गया कि अस्पताल में कुछ दवाएं उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें बाहर से खरीदने के लिए कहा गया.कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यहां आने पर अक्सर बाहर की दवाएं लिखी जाती हैं.
ALSO READ : बीएचयू के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के नए अध्यक्ष बने प्रो. अजीत सिंह
इसी बीच एक मरीज की बात ने पूरी तस्वीर को और गंभीर बना दिया. उसका कहना था कि एक रुपये की पर्ची लेकर सरकारी अस्पताल आए हैं, लेकिन 500 रुपये की दवा बाहर से कैसे खरीदें। यह सवाल उस आर्थिक परेशानी को सामने लाता है, जिससे इलाज के लिए सरकारी व्यवस्था पर निर्भर परिवार गुजर रहे हैं.
सरकारी अस्पताल में आने वाले लोगों की उम्मीद साफ होती है कि कम खर्च में इलाज के साथ जरूरी दवाएं भी मिल जाएंगी.लेकिन अगर डॉक्टर की पर्ची लेकर मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़ा करता है.
सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और मुफ्त दवाओं के दावे किए जाते हैं. ऐसे में सामने आई ये पर्चियां उन दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क दिखाती हैं.



